पश्चिमी यूपी में भारत बंद 'फ्लॉप'...उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ही देखने को मिला भारत बंद का मिला-जुला असर

लखनऊ। पैट्रोल-डीजल की कीमतों में बढोत्तरी को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के भारत बंद का उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत अन्य क्षेत्रों में आंशिक असर देखने को मिला, जबकि मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, आगरा, मुजफ्फरनगर और नोएडा समेत लगभग समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बंद का असर देखने को नहीं मिला।

कांग्रेस के गढ अमेठी और रायबरेली को छोड़कर राज्य के अधिसंख्य क्षेत्रों में बंद का मामूली असर देखने को मिला। बंद को लेकर विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों को चौकन्ना रहने की हिदायत दी गई है। राजधानी लखनऊ में बंद की कमान प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने संभाली, जबकि जिलों में कांग्रेसी जुलूस की शक्ल में व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील करते दिखाई पडे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंद को औचित्यहीन करार देते हुए कहा कि कांग्रेस निराशा के गर्त में समायी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी सेे आगे बढ रहा है। विपक्ष की नकारात्मक सोच जनता के पीडादायी है। विपक्ष नकारात्मक भूमिका छोड़ सकारात्मक भूमिका में रहेगा, तो उसकी प्रासंगिकता बनी रहेगी, वरना यह नकारात्मक सोच उसे विपक्ष में बैठने लायक भी नही छोड़ेगी। कानपुर, भदोही, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद और वाराणसी समेत राज्य के तमाम इलाकों में स्कूल और सरकारी दफ्तरों में आम दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। सडकों पर यातायात लगभग सामान्य रहा जबकि दुकाने और बाजार खुले रहे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी और श्रीमती सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में हालांकि कई इलाकों में दुकाने बंद रही और सडकों पर भी यातायात कम रहा। कानपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री की अगुवाई में कांग्रेसी ने जुलूस की शक्ल में बाजार बंद कराने निकले। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी थे। कांग्रेसी वाहनों से नवीन मार्केट, साइकिल मार्केट, शिवाला, बिरहाना रोड, नयागंज बाजार पहुंचे और दुकानदारों से भारत बंद को सफल बनाने के लिए दुकानें बंद करने की अपील की तो वही पूर्व सांसद राजाराम पाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कल्याणपुर क्रासिंग पहुंचे और ट्रेन रोकने की तैयारी करने लगे हालांकि इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गया और सभी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी को गाडिय़ों से पुलिस लाइन भेज दिया गया। भदोही से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेता मुशीर इकबाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महंगाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंका वहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जाहिद बेग के नेतृत्व में जुलूस निकालकर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। जुलूस और प्रदर्शन के दौरान जमकर सरकार विरोधी नारे लगाये गए। कांग्रेस के भारत बंद को लेकर हालांकि भदोही में कुछ खास असर नही दिखा। प्रतिदिन की तरह दुकाने खुली नजर आई। इस बीच ज्ञानपुर और गोपीगंज में काग्रेंसियों ने दुकाने बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नही मिल पायी। भारत बंद को लेकर सुबह से ही जिले में पुलिस का चाक-चौबन्द व्यवस्था देखा गया। लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जीपीओ से हजरतगंज तक मार्च निकाला और लोगों से दुकानें बंद करवाने का अनुरोध किया वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठी। चंदौली जिले में काग्रेसियों ने जुलूस निकाल कर दुकान बंद करवाई। कांग्रेसी हाथों में राफेल विमान का मॉडल और सिलेंडर लिये हुये थे। कन्नौज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे कांग्रेस नगर अध्यक्ष समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में मुख्य बाजार सुबह नहीं खुला। यहां विभिन्न इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील करते दिखायी पडे। अमेठी में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। व्यापारियों ने बंद का समर्थन करते हुए दुकानें बंद की, जिसकी वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, आगरा, मुजफ्फरनगर और नोएडा समेत लगभग समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बंद का असर देखने को नहीं मिला। मेरठ में सभी बड़े बाजार, पेट्रोल पंप खुले हुए थे। आगरा में भी तमाम व्यापारिक गतिविधियां सामान्य नजर आयी। इस दारौन बाजार समय से खुले और पर्यटन स्थलों पर भी चहल पहल रही।

कांग्रेस ने 'भारत बंद' को पूरी तरह सफल बताया

नई दिल्ली। कांग्रेस ने पैट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि और बढ़ती महंगाई के विरोध में सोमवार को आहूत अपने 'भारत बंद' को सफल करार दिया और कहा कि विपक्षी दलों की एकजुटता ने इसे व्यापकरूप से सफल बनाकर देश की जनता की भावनाओं का प्रदर्शन किया है।

कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत तथा पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी कभी 'भारत बंद' जैसे आयोजन नहीं करती है, लेकिन मोदी सरकार में जनता का जीवन कठिन हो गया है और 'अच्छे दिनों' का सपना पैट्रोल, डीजल तथा गैस की आसमान छूती कीमतों के कारण चकनाचूर हो गया है, इसलिए यह घोषणा करनी पड़ी। ईंधन की दरों में बेतहाशा वृद्धि और देश की जनता की समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा की नीतियां जन विरोधी हैं। यही कारण है कि उसकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर चर्चा होने की बजाय सिर्फ कांग्रेस की ही आलोचना की जाती है। यह पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी दल की राष्ट्रीय बैठक में जन समस्याओं पर चर्चा नहीं हुई और ना ही प्रधानमंत्री ने जन समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर कुछ बोला। भारत बंद को सफल बनाने के लिए उन्होंने देश की जनता तथा विपक्षी दलों का आभार व्यक्त किया और कहा कि बंद में 16 दलों के नेताओं ने शिरकत की। वाम दलों ने अलग से विरोध प्रदर्शन किया। इसी तरह से समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी ने भी बंद के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए।

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