Read latest updates about "हेल्थ" - Page 4

  • तनाव रहित जीवन सुख का सार है

    आज आप को कोई एक भी व्यक्ति संतुष्ट नजर नहीं आयेगा। आज का जीवन समस्याओं से घिरा है। कारण है हमारी आधुनिक जीवन शैली और हमारी बढ़ती महत्त्वाकांक्षाएं जिन पर कोई लगाम नहीं। पैसे से बढ़ता मोह और उसके फेर में रिश्तों को भुला देना, उन रिश्तों को जो हमारा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच हो सकते थे। नतीजा आज असुरक्षा...

  • कितने घातक हैं नकली चांदी वर्क

    सोने-चांदी के वर्क का उपयोग कभी आयुर्वेद और यूनानी दवाओं व नवाबों के विशेष हकीम उनके लिए भस्में बनाने में प्रयोग करते थे लेकिन आजकल सोना-चांदी युक्त च्यवनप्राश व मिठाइयों पर लगे वर्क आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ ही कर रहे हैं या यूं कहिये कि सरेआम वर्क के नाम पर जहर ही बांटा जा रहा है। प्राचीन काल...

  • कैंसर जैसी घातक बीमारी को भी मात दे सकता है विटामिन बी-17

    पढऩे और सुनने में भले ही आपको इस बात पर यकीन नहीं हो पर जानकर हैरानी अवश्य होगी कि कैंसर कोई बीमारी नहीं बल्कि चिकित्सा जगत में पैसा कमाने का साधन मात्र है। भले ही विगत कुछ वर्षों में कैंसर को एक तेजी से बढ़ती भयावह बीमारी के रूप में प्रचारित किया जाता रहा हो जिसके इलाज के लिए कीमोथेरेपी, सर्जरी...

  • फायदेमंद है फाइबर सेहत के लिए

    हम लोगों ने अक्सर सुना है कि पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए हमें रेशे युक्त खाने का सेवन करना चाहिए। आइये जानें कि फाइबर क्या होता है और इसके क्या फायदे हैं। - फाइबर का अर्थ है रेशेदार भोज्य पदार्थ जो आपको ओट, दलिया, बींस और पपीते में मिलेंगे। फाइबर युक्त फल व सब्जियां पेट में जाकर पाचन शक्ति को...

  • जोड़ों का दर्द अब समस्या नहीं

    बड़े शहरों में जोड़ों का दर्द एक आम समस्या बनती जा रही है। पहले तो जोड़ों का दर्द बढ़ती आयु के साथ ही बढ़ता था पर आजकल जोड़ों का दर्द किसी भी आयु में परेशानी बढ़ा सकता है। बड़े शहरों का रहन सहन, वहां का वातावरण, मल्टीस्टोरीज बिल्डिंग्स, तनाव भरी जिंदगी, खान पान सभी कारण बनते हैं जोड़ों के दर्द के।...

  • स्वस्थ रहने के पांच मूल मंत्र

    शरीर का निरोग होना ही सबसे बड़ा सुख है। यदि शरीर बीमार और अस्वस्थ है तो सुखों के सारे साधन होते हुए भी वह दुखी ही रहेगा, इसलिए हर इंसान को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। इन पांच मूल मंत्रों को अपनाकर हर इंसान स्वास्थ्य सुख का आनंद ले सकता है। प्रश्न है-क्या आप अपने स्वास्थ्य के...

  • आक्रामक बच्चे बड़े होकर पड़ते हैं बीमार

    सभी बच्चों का व्यवहार एक जैसा नहीं होता। खेल रहे बच्चों में से कुछ मिलनसार तो कुछ बात-बात में लडऩे झगडऩे वाले एवं आक्रामक होते हैं। इस विषय में कनाडा के मेडिकल जरनल के मुताबिक जल्द मिलने घुलने वाले मिलनसार बच्चे कम बीमार पड़ते हैं एवं दीर्घायु होते हैं जबकि लडऩे झगडऩे वाले आक्रामक बच्चे आगे चलकर...

  • सामान्य तापमान से दिल को लाभ

    तापमान में एक दम तेजी या एकदम गिरावट से दिल का खतरा बढ़ जाता है। अधिक गर्मी पडऩे एवं ठंड के अधिक पडऩे से दिल के रोगियों को खतरा बढ़ जाता है। दोनों ही स्थिति में बी. पी. बढ़ जाता है एवं हृदय रोगी के हार्ट फेल एवं हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसी किसी भी स्थिति में तापमान का सामान्य रहना दिल के...

  • दही भी निखारता है सौंदर्य

    दही हमारी त्वचा के लिए भी एक वरदान का काम करता हैं। त्वचा को साफ, सुन्दर, चमकदार व चेहरे को निखरा बनाने में बहुत ही उपयोगी है। आइये देखें सौंदर्य निखारने हेतु दही के कुछ प्रयोग:- - चावल, जौ, मलका की दाल के पाउडर में दही मिलाकर लगाने से त्वचा चमक उठेगी। - बेसन, दही, नींबू व हल्दी मिलाकर चेहरे पर...

  • हानिकारक है सौंदर्य बढ़ाने हेतु कृत्रिम पदार्थों का प्रयोग

    प्रदर्शन व दिखावा आज के युग की संस्कृति बन गई है। इस उपभोक्तावादी संस्कृति के बढऩे, पनपने के कारण दिखावे पर पैसा खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने भारतवासियों की इस कमजोरी को समझ लिया कि यहां के लोग बहुधा सांवले होते हैं और वे किसी भी तरह गोरा होना चाहते हैं। सुंदर...

  • सुंदर व स्वस्थ आंखों का राज

    अधिकांश लोग आंखों के महत्त्व को समझते हुए भी इनके प्रति उपेक्षा बरतते हैं जिससे उनकी आंखों का सौंदर्य नष्ट हो जाता है और आंखों के नीचे स्याह घेरे बन जाते हैं। यही आंखों की महत्त्वपूर्ण समस्या है। आंखों के ये काले घेरे तनाव, नींद की कमी, असंतुलित भोजन, अत्यधिक परिश्रम, कमजोरी तथा लंबी बीमारी आदि के...

  • शरीर को रोगी बनाते हैं मनोविकार

    हमारे शरीर पर केवल खानपान में होने वाली अनियमितता और जीवनचर्या के प्रति हमारी लापरवाही का ही प्रभाव नहीं पड़ता बल्कि हमारे आचार-विचार भी हमारी काया को बहुत हद तक प्रभावित करते हैं। मनोविकारों की प्रतिक्रिया किसी न किसी रोग के रूप में उभर कर सामने आती है। जो व्यक्ति बहुत जल्दी उत्तेजित, आतुर या...

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