Read latest updates about "हेल्थ" - Page 3

  • रामबाण दवा है केसर

    यूं तो केसर का उपयोग हम अक्सर मसाले के तौर पर खाने-पीने की चीजों के लिए करते है परन्तु यह हेल्थ और ब्यूटी दोनों के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।सोने-चांदी के भाव पर मिलने वाले केसर का इस्तेमाल करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। दरअसल अधिकांश लोग जो अपने घरों में केसर इस्तेमाल करते हैं, वह असली...

  • आंखें लाल होने पर.....

    आंखों की कॉमन प्राब्लम्स में से आंखों के नीचे सूजना और लाल होना है। इसका मुख्य कारण आंखों की थकान होती है या आंखों में कुछ चले जाने से आंखों में खुजली होकर, पानी आना और आंखें लाल हो जाती हैं। कभी कभी कुछ दिन तक नींद पूरी न लेने या अधिक रोने से भी इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आप...

  • अनेक बीमारियों से बचाती है तेल की मालिश

    मालिश से शरीर की त्वचा पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। घर्षण के द्वारा त्वचा के रोमकूप खुलते हैं तथा त्वचा से दूषित पदार्थों का निष्कासन होने से शरीर विष रहित होकर उत्तम स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ाता है। त्वचा की मांसपेशियों में घर्षण द्वारा फैलने से रक्त का संचार त्वचा की ओर बढऩे से त्वचा कांतिमय तथा...

  • पनीर के व्यंजन बनाइये और खिलाइये

    बादाम पनीर सामग्री:- 1/2 कि. पनीर, 100 ग्राम बादाम, 150 ग्राम पका टमाटर, 100 ग्राम सफेद मक्खन, 1/2 चम्मच गरम मसाला, 1 चम्मच मिर्ची पाउडर, 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 इंच अदरक पिसा हुआ, स्वादानुसार नमक। विधि:- पनीर के चौकोर टुकड़ों को मक्खन में फ्राई कर लें। बादाम के छिलके उतार कर अच्छी तरह पीस...

  • जवानी में ही बच्चे थुलथुले क्यों?

    आज के युग में मानव जीवन नकली सा हो चुका है। बच्चे घण्टों टीवी, इन्टरनेट और टी.वी गेम्स के कारण बैठ रहते हैं। उनके जीवन से कसरत, योगा, जिम समाप्त हो चुके हैं। हर छोटे काम के लिए मशीन, यंत्र, वाहन का सहारा लेते हैं। विलासिता, आराम, सुविधाओं ने बच्चों और युवाओं को पंगु और अपाहिज बना दिया है। जवानी तक...

  • वर्कआउट का प्लान बनाएं

    आप जानती हैं कि सुबह घूमना, दौडऩा और व्यायाम करना शरीर के लिए कितना अच्छा है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और आपको पूरे दिन ऊर्जा से भरा रखता है। इतना सब जानते हुए भी आपको सुबह उठकर वर्कआउट के लिए जाने में बहुत आलस आता है। आपको उस वक्त की नींद प्यारी होती है। अगर आपके साथ अब तक ऐसा है तो ये टिप्स...

  • मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है तनाव

    आज की आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी अभिशप्त देन है तनाव। वर्तमान में जीवन पद्धति ऐसी हो गई है कि अधिकांश व्यक्ति इस बीमारी से ग्रस्त हैं। तनाव बाहर से नहीं आता अपितु हमारे जीने का ऐसा ढंग हो गया है कि यह स्वयं उत्पन्न हो जाता है। आज से लगभग पचास वर्ष पूर्व शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिलता था जो इस महामारी...

  • आत्मिक संतुष्टि के लिए हंसना जरूरी

    हास्य चिकित्सा स्वयं में एक विशिष्ट किस्म की चिकित्सा है। इसमें बगैर कुछ खर्च किए ही चिकित्सा सेवा प्राप्त हो जाती है। हास्य हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। सच कहें तो हंसना एक कला है। लोग हंसने में भी कंजूसी करते हैं। हंसमुख और मिलनसार व्यक्तित्व चुम्बकीय आकर्षण से परिपूर्ण होता है। जिनके...

  • पैरों की मकड़ीनुमा नीली नसें

    चिकित्सा जगत में पैरों की नीली व मकड़ीनुमा नसों को वेरीकोस वेन्स के नाम से जाना जाता है। यह विलासिता पूर्ण एवं आराम पसंद जीवनशैली की देन है। इसके उपचार में ढिलाई करने में शरीर पर आने वाली विपदा का खतरा बढ़ जाता है। आधुनिकता वेरिकोस वेन्स के रोगियों, इसके खतरों एवं इसको लेकर चिंता को बढ़ा रही है। ...

  • सुंदर दिखने के लिए नाभि में तेल लगाएं

    सौंदर्य रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि नाभि हमारे शरीर का बेहद महत्त्वपूर्ण हिस्सा है जिसके बारे में हम में से कई लोगों को पता नहीं है और नाभि की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दे पाते हैं जबकि नाभि का ख्याल रखना हमारे शरीर के लिए बेहद अनिवार्य है क्योंकि यह हमारे शरीर का मुख्यत: केंद्र बिंदु है। और तो और,...

  • यूं करें अपनी त्वचा की देखभाल

    - एक बड़ा चम्मच जौ के आटे में चुटकी भर हल्दी एवं थोड़ा सा तिल का तेल मिलाकर उबटन बनायें। इसे त्वचा पर दस मिनट लगा रहने दें। तत्पश्चात गुनगुने पानी से धो लें। - संतरों की फांकों को दो बड़े चम्मच पानी में उबालकर ठंडा करके छान लें और इसे अपनी त्वचा पर दस मिनट लगा रहने दें। इससे त्वचा में निखार आयेगा।...

  • फाइबर खाएं-सेहत पाएं

    हमारे भोजन में सभी तत्व मौजूद हों तो उसे संतुलित भोजन कहते हैं। इसमें कार्बोज, गेहूं, चावल, प्रोटीन, दालें पनीर, मीट, वसा, मक्खन, घी तेल, खनिज फल सब्जियों, विटामिन, पानी और रेशा, फाइबर। फाइबर को रेशेदार भोजन कहते हैं जो हमें हरी शाक सब्जियों पत्तों से प्राप्त होता है। इसे मोटा आहार भी कहते हैं।...

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