Read latest updates about "हेल्थ" - Page 3

  • फल सब्जियों फेफड़ों को कैंसर से बचाते हैं

    दैनिक खानपान में मौजूद फल सब्जियों के गुणों से सभी परिचित हैं। ये हमारे शरीर एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, साथ ही ये हमको निरोग रखते हैं। नीदरलैंड में किए गए एक शोध अध्ययन के मुताबिक विविध प्रकार के फल सब्जियों के खाने से लंग कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। यहां यह ध्यान रखें कि धूम्रपान करने...

  • हार्ट अटैक क्या बला है..?जानिए

    हमारे दिल को भी नॉनस्टॉप धड़कने के लिए तीन नसों द्वारा खून की सप्लाई होती है। एक नस दाई तरफ व दो नसे बाई तरफ के दिल को खून पहुंचाती है। इन नसों के संकरा होने पर खून की सप्लाई दिल की जरूरत के हिसाब से कम पड़ने लगती है जिस कारण ज्यादा चलने या भारी काम करने पर छाती में जकड़न महसूस होती है- जिसे...

  • अवसाद की दवा विटामिन डी

    चिंता एवं तनावग्रस्त व्यक्ति जब असफल होता है तब वह हताश होकर अवसाद से ग्रस्त हो जाता है। यह अवसाद व्यक्ति को नाकारा बना देता है। उसे कहीं का नहीं रहने देता। कुछ लोग बात-बात में निराश एवं अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं जबकि कुछ तो विषम परिस्थिति में भी अवसाद से बच जाते हैं या तब भी अवसाद उनसे दूर रहता है।...

  • वजन को घटा कर दिल को बचाएं

    मोटापा, बीपी, शुगर, हृदयरोग, कब्ज, अनिद्रा आदि आधुनिक जीवनशैली की देन हैं जिनकी चपेट में आम व खास सभी आ रहे हैं। तनाव, व्यस्तता और लापरवाही इसे बढ़ाते हैं। जब तक चल रहा है तब तक सब ठीक है। अचानक जब कोई बड़ी विपत्ति आती है तभी पीडि़त व्यक्ति जागता है और सचेत होता है। वैसे वजन को घटाकर जीवन शैली...

  • एन्जाइना- दिल की नसों में ब्लाकेज-छाती में जकड़न क्यों?

    हेल्थ टिप्स-सिरीज-2डा0 अनुभव सिंघल (डी0एम0 काॅर्डियोलौजी, विभागाध्यक्ष, हृदय रोग, सुभारति मैडिकल सेंटर) द्वारा कमल मित्तल ,वरिष्ठ पत्रकारहमारा दिल जो कि छाती में बायीं तरफ एवं दोनों फेफडों के बीच स्थित होता है एक पम्प की भाँति हरदम पूरे शरीर में खून को प्रवाहित करता है। परन्तु दिल को भी नाॅनस्टाप...

  • आवश्यक है दांतों की देखभाल

    अमूमन लोग दांतों की देखभाल को गंभीरता से नहीं लेते लेकिन दांतों को स्वस्थ रखना महत्त्वपूर्ण है अन्यथा दांतों में कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार यदि दांतों व मसूड़ों में अधिक समय तक रोग बने रहें तो कैंसर की आशंका कई गुना तक बढ़ जाती है। कोलंबिया विश्वविद्यालय ने अपनी...

  • सौंफ से सेहत लाभ

    भारत में खानपान के बाद सौंफ, पान या अन्य वस्तु खाने की परम्परा है। पान खाने से लाभ होता है किंतु दांत इससे बदरंग हो जाते हैं जबकि सौंफ, धनिया, जीरा, दालचीनी, या सूखे आंवला, सभी से लाभ मिलता है। कुछ स्थानों पर गुड़ सौंफ मिश्री खाते हैं। गुड़ एवं मिश्री मिर्च मसाले के तेज को कम करते हैं उसके...

  • नींद में बड़बड़ाना ठीक नहीं

    नींद में बड़बड़ाना चाहे चिकित्सा जगत में गंभीर बीमारी नहीं मानी जाती पर इसे सामान्य भी नहीं माना जाता। आपने कई बार लोगों से सुना होगा या घर मेें घर के सदस्यों को नींद में बड़बड़ाते देखा होगा। अधिकतर लोगों का मानना है कि नींद में वही लोग बड़बड़ाते हैं जो सपने देखते हैं। ऐसा शत प्रतिशत ठीक नहीं। ...

  • पानी पीने में कंजूसी न करें

    हवा के बाद मनुष्य के जीवन में जल का महत्त्वपूर्ण स्थान है। स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के शरीर में 60 से 70 प्रतिशत तक जल होता है। हम बिना भोजन के लगभग 2 माह तक जीवित रह सकते हैं परंतु पानी के बिना केवल कुछ दिन। इसके बावजूद अधिकतर लोगों को मालूम नहीं कि हमारे शरीर के लिए पानी कितना आवश्यक है। वास्तव में...

  • थकान से यूं निजात पायें

    लगातार शारीरिक और मानसिक श्रम के कारण थकान होना स्वाभाविक है किंतु थोड़े काम के बाद ही थक जाना, शरीर का शिथिल पड़ जाना और मन का भारीपन आज के जीवन की समस्या बन गया है। कुछ लोग नींद और विश्राम द्वारा अपनी थकान मिटा लेते हैं लेकिन कुछ लोग इस के बाद भी ताजगी, स्फूर्ति और हल्कापन अनुभव नहीं कर पाते। ...

  • तनाव से मुक्त रहिये

    प्राचीन काल में व्यक्ति को भौतिक साधन एवं सुविधाएँ प्राप्त नहीं थी। फिर भी वह सुखी एवं स्वस्थ रहता था। आज मनुष्य आकाश में वायुयान से उड़ सकता है, जहाज से समुद्र पार कर सकता है, घर बैठे ही टेलीविजन पर हर जगह का दृश्य देख सकता है, इंटरनेट से हर देश की जानकारी प्राप्त कर सकता है, अंतरिक्ष में पहुँच...

  • बीमारियों से बचने के लिए सदैव गुड़ खाएं

    कहते हैं कि सर्दी के दिनों में अधिकांश लोगों की यह चाहत होती है कि वे ऐसी चीजों का अधिक सेवन करें जो न केवल उन्हें कंपकपाती सर्दी से बचाती हो बल्कि उनकी सेहत को भी दुरुस्त बनाए रखती हो। शायद इसीलिए अधिकांश चिकित्सक सर्दियों में गुड़ खाने से बेहतर विकल्प के रूप में किसी और को नहीं देखते हैं।...

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