प्रात: का हृदयाघात होता है जानलेवा

प्रात: का हृदयाघात होता है जानलेवा

हृदयाघात सदैव खतरनाक होता है। इसे हार्ट अटैक, दिल का दौरा, हृदयाघात आदि नामों से जाना जाता है। सामान्यत: दौरा पडऩा या अटैक आना कह देने से भी इसका बोध होता है। यह हृदयरोगी को रक्तचाप के बढऩे या रक्त वसा के बढऩे के कारण कभी भी हो सकता है।
अटैक आने के बाद पीडि़त के जीवन पर हर पल भारी पड़ता है। उसका उपचार जितना शीघ्र प्रारंभ होता है, वह उतना ही शीघ्र स्वस्थ हो जाता है और प्राणघाती स्थिति से उबर जाता है।

जिस प्रकार छुट्टी के बाद का पहला दिन दिल के रोगी पर भारी पड़ता है उसी प्रकार भोर या प्रात: का हार्ट अटैक अत्यंत तेज होता है।
यह 24 घंटे में आने वाले आघातों की तुलना में सबसे खतरनाक व तीव्र होता है। भोर से बारह बजे दोपहर तक का हार्ट अटैक खतरों से भरा होता है। ऐसे रोगियों को बचा पाना चिकित्सकों के लिए चुनौती पूर्ण होता है।
यह समय अन्य समय की तुलना में रोगी के लिए पांच गुना खतरनाक होता है। अन्य समय आने वाला अटैक उतना घातक नहीं होता।
- सीतेश कुमार द्विवेदी

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