पानी-एक एनर्जी ड्रिंक

पानी-एक एनर्जी ड्रिंक

पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। व्यक्ति भोजन के बिना तो कुछ दिन रह सकता है पर पानी के बिना नहीं। पाचन प्रक्रिया, शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने व शरीर में बहुत से तत्वों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने व अन्य रासायनिक क्रियाओं के लिए पानी की जरूरत पड़ती है।
कई खाद्य पदार्थों जैसे दूध, मांस, अंडे, फल, सब्जियों से भी शरीर को पानी की प्राप्ति होती है। विशेषज्ञ प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं पर गर्मियों में पसीने के रूप में शरीर से पानी के क्षय आदि के कारण पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है।
वैसे तो अन्य पेय पदार्थों जैसे दूध, लस्सी, चाय, काफी, फलों के रस आदि से भी पानी की पूर्ति होती है पर फिर भी सबसे आवश्यक होता है सादा पानी पीना जो अधिकतर लोग नहीं पीते।
अधिकतर लोग पानी तभी पीते हैं जब उन्हें प्यास लगती है पर जब व्यक्ति को प्यास लगती है तब शरीर पहले से निर्जलीकृत हो चुका होता है। जब शरीर में पानी का स्तर कम होता है तब आपको प्यास लगती है और व्यक्ति प्यास महसूस करता है, इसलिए व्यक्ति को थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर बिना प्यास लगे पानी पीते रहना चाहिए।
यू. टी. इन्फेक्शन, गर्भावस्था, डायरिया व गुर्दे संबंधी बीमारियों में तो अधिक पानी पीना बहुत ही आवश्यक व लाभदायक सिद्ध होता है। पानी एनर्जी ड्रिंक माना गया है क्योंकि अगर आप एक कप काफी आदि कैफीनयुक्त पेय पीते हैं तो आपको पेशाब की अधिक मात्रा आती है। ये पेय शरीर का निर्जलीकरण करते हैं जबकि पानी एनर्जी देता है।
अगर आप डायटिंग कर रहे हैं तो भोजन छोडऩे की बजाय खाना खाने से पूर्व एक या दो गिलास पानी पी लें। इससे आपको पेट भरा हुआ महसूस होगा और आप अधिक नहीं खा पाएंगे। अगर आप व्यायाम करते हैं तो भी आपके शरीर में पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है।
पुराने समय में ग्रीस में तो कई बीमारियों का इलाज पानी की सहायता से करते थे। पानी को खुशबूदार तेल के साथ मिलाकर शरीर की मालिश की जाती थी और आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिलते थे। आर्थराइटिस, थकान, तनाव, त्वचा संबंधी बीमारियों आदि में पानी से नहाने व मसाज करने से काफी आराम मिलता था।
जहां पानी शरीर के लिए इतना आवश्यक है, वहीं अशुद्ध पानी बहुत से रोगों का जन्मदाता भी है जैसे पोलियो, डायरिया, हेपेटाइटिस आदि, इसलिए हमेशा साफ जल को ही प्रयोग में लाएं। पानी साफ करने के लिए उसे 15-20 मिनट तक अवश्य उबालें। बर्फ का प्रयोग कम करें। बर्फ जमाते समय भी साफ जल का प्रयोग करें। बाजार से मिनरल वाटर की बोतल खरीदते समय बोतल की सील अवश्य चेक करें।
- सोनी मल्होत्रा

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