शरबत बनाइये और पिलाइये

शरबत बनाइये और पिलाइये

शहतूत का शरबत
सामग्री:- एक लिटर पानी, 300 ग्राम शहतूत, चीनी 3 कप।
विधि:- काले शहतूत लेकर साफ करके चीनी या स्टील के बर्तन में खूब मसलें। जब गूदा बारीक हो जाये तो इसमें एक लिटर पानी में डालकर उबालें और चीनी स्वादानुसार डालें। फिर छलनी से छानकर बोतल में रखें पर इसे ज्यादा दिन नहीं रखें। ज्यादा अच्छा हो ताजी ताजी बना कर गिलासों में डाल कर दें। उसमें आइस (बर्फ) भी डाल सकती हैं।
फालसे का शरबत
सामग्री:-फालसे 100 ग्राम, पानी एक लिटर, बर्फ शरबत के लिए, चीनी अपने स्वादानुसार या 2 कप।
विधि:- फालसों को धोकर स्टील के बर्तन में तब तक मलें जब तक बीज अलग न हो जायें। बीजों को फेंक दें। फिर उस गूदे में एक लिटर पानी और चीनी मिलाकर खूब चलायें। अब शीशे के गिलास में भरकर उसमें बर्फ डालकर सर्व करें।
इमली का शरबत
सामग्री:- पकी इमली 50 ग्राम, चीनी 3 कप, पिसा पुदीना, पानी एक लिटर, काला नमक 1/4 चम्मच, बर्फ।
विधि:- इमली को पानी में साफ करके भिगो दें। फिर एक घंटे के बाद इमली को मसलकर इसके बीज निकालकर अलग कर लें। अब उसमें चीनी, एक लिटर पानी, काला नमक, पुदीना मिला लें और बर्फ डालकर दें।
चंदन का शरबत
सामग्री:- चंदन का बूरा 250 ग्राम, चीनी 5 कप, पानी 3 कप, रूह केवड़ा, 2 चाय के चम्मच।
विधि:- दो कप चंदन के बूरे को रात भर 3 कप पानी तथा 2 चाय के चम्मच रूह केवड़ा के साथ भिगो दें। फिर उबाल कर कपड़े से छान लें। बाकी चीजों की चाशनी एक तार की बनाकर उसमें चंदन का पानी डाल कर चिपचिपी होने तक पकाइए। फिर ठंडा होने पर उसमें बर्फ डाल कर लें।
केसर का शरबत
सामग्री:- 5 ग्राम केसर, 5 ग्राम पिसी इलायची, 200 ग्राम गुलाबजल, 2 किलो चीनी।
विधि:- केसर को एक कटोरी गुलाबजल में चार घंटे भिगोकर रख दें। उसके बाद उसे अच्छी तरह घोल लें केसर इलायची को मिला कर रख दें। चीनी की चाशनी बना लें। ठण्डा होने पर केसर इलायची चाशनी में मिला दें और बोतल में भर दें। यह शर्बत बड़ा ही गुणकारी और लाभदायक होता है। प्यास और थकावट होने पर यह शर्बत पीजिये-तुरंत आराम मिल जायेगा।
अंगूर का शर्बत
सामग्री:- 1 किलो मीठे अंगूर का रस, 1 लिटर पानी और 800 ग्राम चीनी।
विधि:- चीनी और पानी मिलाकर आग पर चढ़ा दें। दो या तीन तार की चाशनी बनने तक पकाये। आग से उतार कर चाशनी को छान लें।
अब चाशनी में अंगूर का रस मिलाकर इसको हल्की आंच पर पकने के लिए रख दें। दो तार की चाशनी बनने तक पकाएं। आग से उतार कर ठण्डा होने के लिए रख दें। ठण्डे शर्बत को बोतलों में भर दें और ढक्कन सीलबंद करें। यह शरबत शक्तिदायक और स्फूर्ति दायक होने के साथ-साथ दिमाग को भी तरोताजा बनाये रखता है।
- पूनम दिनकर

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