प्राकृतिक आहार-शाकाहार

प्राकृतिक आहार-शाकाहार

यह सार्वभौमिक सत्य है। इसमें किंचित मात्र भी संदेह नहीं हो सकता है कि प्राकृतिक आहार शाकाहार ही है। वर्तमान परिपेक्ष्य में ही नहीं वरन् ऐतिहासिक समय अथवा हम मानव सभ्यता के प्रारंभ से ही इस ओर ध्यान आकृष्ट करेंगे तो यह पायेंगे कि शाकाहार शुद्ध सात्विक और प्राकृतिक उत्तम श्रेणी का आहार है।
वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया है कि शाकाहारी भोजन में भोजन तंतु अधिक पाये जाते हैं। भोजन तंतुओं की प्रचुरता आंतों के द्वारा भोजन का हलन चलन व्यवस्थित रहता है। आंतों में कैंसर की संभावना कम रहती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आंतों के कैंसर का एक प्रमुख कारण मांसाहार है। यदि शाकाहारी भोजन किया जाता है तो कब्ज, कोलेस्ट्रोल व हर्निया की बीमारी नहीं होती है। बवासीर की बीमारी भी भोजन ततुंओं की प्रचुरता से नहीं होती।
इस भोजन से शरीर की आवश्यकता ही पूर्ण नहीं होती बल्कि मनुष्य का तन स्वस्थ, ंहृष्ट पुष्ट और तंदुरूस्त होता है। मानसिक तौर पर उसकी बुद्धि का समग्र विकास भी भली-भांति होता है।
प्राकृतिक आहार से केवल मनुष्य को ही लाभ नहीं होता बल्कि अन्य प्राणी जैसे शाकाहार भोजन लेने वाले जानवरों का भी हम अध्ययन करें तो यह पायेंगे कि अतिरिक्त शक्ति का कारण प्राकृतिक वनोपज और शाकाहार हैं। उदाहरण के तौर पर कई पूर्ण शाकाहारी जंगली पशु हैं।
हमारे देश भारत में तो इसकी आवश्यकता है ही लेकिन अन्य राष्ट्रों में विशेषकर पश्चिम के पूर्ण विकसित और संपन्न जन समुदायों ने भी शाकाहार को अपनाकर इसके महत्त्व को माना है क्योंकि शाकाहार भोजन औषधि और संतुलित आहार का भी कार्य करता है। शाकाहार प्रकृति प्रदत है और प्रकृति के द्वारा प्रदान की गयी प्रत्येक संपति प्रभावशाली प्रभाव प्रकट करती है। शाकाहार में समस्त रसायनिक और भौतिक तत्व का समावेश है जो मनुष्य जीवन के लिए अति आवश्यक है।
शाकाहारी मनुष्य एक मांसाहारी की अपेक्षा अधिक समय तक जीता है। शाकाहार से तन मन सदा स्वस्थ एवं निरोग रहता है। शाकाहार से मन मस्तिष्क विकारों से रहित होता है। शाकाहारी कभी विघटन का मार्ग नहीं अपनाता है। अत: प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में सफल होने के लिए शाकाहार को अपनाना चाहिए एवं अन्य लोगों को भी उसके लाभों को बताना चाहिए।
शाकाहार से हृदय रोगों की रोकथाम की जा सकती है। अधिकांश व्यक्ति जो हृदय रोगों की रोकथाम चाहते हैं, यदि वे वसा रहित व कोलेस्ट्राल रहित भोजन करने की ओर विशेष ध्यान दें। अगर इसका पालन नहीं किया तो रूधिर नलिकाएं तंग हो जाती हैं जिससे रक्त प्रवाह बंद हो जाता है। यही हार्ट अटैक की बीमारी का प्रमुख कारण है।
स्वस्थ व चुस्त रहना है तो मांसाहार से दूर रहें, हरी सब्जियों का सूप पिएं। यदि हमें कई वर्षों तक जीना है तो शाकाहार एवं प्राकृतिक आहार को अपनाना चाहिए।
- अनोखी लाल कोठारी

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