दुर्गन्धों को दूर करें

दुर्गन्धों को दूर करें

सुगन्ध जहां प्राणवायु को प्रबल बनाती है वहीं किसी भी प्रकार की दुर्गन्ध मनुष्य की सांस को रोकने वाली हुआ करती है। प्राय: यह देखा गया है कि घरेलू दुर्गन्धें गृहणियों को अनेक तरह से परेशान कर देती हैं क्योंकि घर के अंदर ही उनका अधिकांश समय व्यतीत होता है। रसोईघर, बाथरूम, फ्रिज, बंद घर आदि से आने वाली दुर्गन्धों से न सिर्फ वहां का वातावरण ही प्रभावित होता है बल्कि स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे के साथ-साथ गृहिणी की कार्य कुशलता पर भी प्रश्न चिन्ह लगाने वाला होता है।

जहां तक इन दुर्गन्धों के उत्पन्न होने के कारणों का प्रश्न है, संक्षेप में यही कहा जा सकता है कि इन सभी के मूल में होती है 'लापरवाही'। लापरवाही से न सिर्फ घरेलू वस्तुओं में ही दुर्गन्ध उठ सकती है बल्कि शरीर के कुछ भागों से भी दुर्गन्ध उठना प्रारंभ हो जाया करती हैं। दुर्गन्ध के कारण मन में हीन भावनाओं का जन्म होता है और 'हीन भावना' कई बीमारियों को जन्म देकर सुख की बगिया को असमय ही मुरझा देने वाली होती है।

दुर्गन्ध से बचना या उनके कारणों को नष्ट करना कोई कठिन कार्य नहीं है लेकिन जब लंबी अवधि तक इनकी ओर लापरवाही बरती जाती है तो समस्या गंभीर बन जाया करती है। इन समस्याओं की ओर शुरू से ही ध्यान देकर इनसे निबटने की ओर उद्यत होना चाहिए।

गृहणियां जिन दुर्गन्धों से परेशान रहती हैं उन्हें दो वर्गों में बांटा जा सकता है जिन्हें शारीरिक दुर्गन्ध और घरेलू दुर्गन्धों के रूप में जाना जा सकता है। घरेलू दुर्गन्धों में मुख्य रूप से रसोई की दुर्गन्ध, बाथरूम की दुर्गन्ध, फ्रिज की दुर्गन्ध व बंद कमरों की दुर्गन्धों को लिया जा सकता है तथा शारीरिक दुर्गन्धों में मुख दुर्गन्ध, कान की दुर्गन्ध व श्वेतप्रदर की दुर्गन्धों से प्राय: गृहणियां परेशान रहती हैं। इन दुर्गन्धों के कारणों को निम्नांकित देखा जा सकता है:-

मुख दुर्गन्ध:- मुंह से दुर्गन्ध उठने के मुख्य कारण है दांतों की सफाई न होना, खैनी, तम्बाकू, धूम्रपान, गुटखा आदि का सेवन करना तथा भोजन करने के बाद ठीक से मुंह की सफाई न करना। धीरे-धीरे दांत के छेदों में खाद्य पदार्थ जमा होकर सडऩे लगते हैं। पायरिया की बीमारी भी गंदगी के कारणों से ही होती है जिसके कारण मुंह से खून निकलना और दुर्गन्ध आनी शुरू हो जाती है।

मुंह के अंदर दरार या छाले हों तो उनमें बैक्टीरिया और वायरस जमे रह कर मुंह से बदबू पैदा करने लग जाते हैं। उसी तरह जीभ पर मैल या गंदगी की जमी हुई परत से भी दुर्गन्ध उठने लगती है। दुर्गन्ध बढ़ते-बढ़ते इतनी बढ़ जाती है कि सांसों के साथ भी बाहर निकलने लगती है। इस दुर्गन्ध के कारण सामने खड़े लोगों से बात करने में भी हीनता महसूस होने लगती है।

मुंह व सांसों से निकलने वाली दुर्गन्ध को रोकने के लिए मुंह की साफ-सफाई की ओर ध्यान देना होता है। दांतों से संबंधित किसी विकार के लिए दंत चिकित्सक से फौरन मिलना चाहिए। फिटकरी के पानी से कुल्ला करना चाहिए व खाने के बाद सौंफ का इस्तेमाल करना चाहिए। कपूरयुक्त जल से कुल्ला करने पर मुंह व सांसों से निकलने वाली दुर्गन्धों पर काबू पाया जा सकता है।

रसोईघर में दुर्गन्ध:- रसोईघर में दुर्गन्ध के मुख्य कारणों में से एक कारण है सीलन। पानी का काम तो रसोई में रहता ही है अत: सीलन हो जाना असाधारण बात नहीं, विशेषकर सिंक के आस-पास या फिर अलमारियों में। इन दुर्गन्धों को दूर करने के लिए रसोई में हवा व धूप का आना आवश्यक है।

रसोई में रखे कूड़ेदान को नियमित साफ न करने से भी उसमें पड़े सब्जी आदि के छिलके आदि सड़ कर दुर्गन्ध फैलाने लगते हैं, इसलिए कूड़ेदान को हमेशा साफ रखना चाहिए। महीने में एक-दो बार सारा सामान निकालकर बाहर धूप में रख दें। इसके ढंके हुए स्थानों पर हवा प्रवेश करके सीलन को सोख सकेगी। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों व बर्तनों की नमी भी धूप लगने के कारण दूर हो जाएगी।

बाथरूम की दुर्गन्ध:- बाथरूम में सीलन, गंदगी व काई के जम जाने से उसमें दुर्गन्ध उत्पन्न होने लगती है। कभी-कभी पाइप में रूकावट पैदा होने से भी बदबू फैलने लगती है। बाथरूम से निकलने वाली दुर्गन्ध कभी-कभी इतनी बढ़ जाती है कि उसके अंदर जाने तक को मन नहीं करता। उचित सफाई से इस पर काबू पाया जा सकता है।

बाथरूम में सीलन समाप्त करने के लिए एग्जास्ट फैन को उपयोग में लाना चाहिए। यदि बाथरूम में काई या गंदगी जम गयी हो तो उसे नियमित रूप से साफ करते रहना चाहिए ताकि सडऩे न पायें। सडऩे के पश्चात ही वे बदबू फैलाते हैं। बाथरूम को सदैव बंद न रखें ताकि ताजी हवा प्रवेश करके नमी दूर कर सके। समय-समय पर बाथरूम में ओडोनिल जैसे दुर्गन्धनाशक का छिड़काव करते रहना चाहिए। पाइप में रूकावट हो जाने पर उसे खोलने की तुरंत व्यवस्था करनी चाहिए।

फ्रिज की दुर्गन्ध:- नियमित सफाई के अभाव में फ्रिज से दुर्गन्ध आने लगती है। अत: सप्ताह में कम-से-कम एक बार फ्रिज बंद करके, फिर सब सामान निकालकर फ्रिज की अच्छी तरह सफाई करें। फ्रिज में खाद्य पदार्थों को खुला न रखें।

प्याज, लहसुन, पके केले, पका हुआ कटा आम आदि तेज गंध वाले सामान फ्रिज में न रखें। इनकी तेज गंध से फ्रिज में रखे अन्य सामानों के स्वाद व गंध पर प्रभाव पड़ेगा। दुर्गन्ध के ज्यादा बढ़ जाने पर कटोरी में थोड़ा सा सोडा बाई कार्ब डालकर फ्रिज में रख दें। इससे दुर्गन्ध समाप्त हो जाती है। सोडा बाई कार्ब के अभाव में फ्रिज में एक-दो नींबू काटकर रखने से भी दुर्गन्ध खत्म हो जाती है।

- पूनम दिनकर

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