आधुनिक बीमारी है टेंशन हेडेक

आधुनिक बीमारी है टेंशन हेडेक

टेंशन आधुनिक युग की बड़ी बीमारियों में से एक है। चाहे लोग दूसरों को टेंशन न लेने की सलाह देते हैं पर स्वयं भी उससे अछूते नहीं रहते। बस अंतर इतना है कि कुछ लोग बात-बात पर तनावग्रस्त हो जाते हैं और कुछ बड़ी बात पर।

टेंशन अपने साथ कई बीमारियों को जाने अनजाने साथ ले आती है जिसमें आम समस्या है टेंशन हेडेक की जो दवा लेने पर भी ठीक नहीं होती, हां थोड़ी कम जरूर हो जाती है। बड़े तो बड़े, बच्चे भी इसकी गिरफ्त में हैं। यह महामारी की तरह सभी आयुवर्गों में फैलती जा रही है और घुन की तरह अंदर ही अंदर इंसान को खोखला बनाती जा रही है। इस पर समय रहते काबू पा लिया जाए तो कुछ हद तक बचा जा सकता है।

टेंशन हेडेक को डॉक्टर दो श्रेणियों में बांटते हैं-एक क्रानिक और दूसरी एपिसोडिक। क्र ॉनिक टेंशन का सिरदर्द ऐसा होता है जो कई सप्ताह, महीने तक बना रहता है। एपिसोडिक टेंशन का सिरदर्द कभी कभी होता है जिस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

टेंशन से सिरदर्द के इलावा अन्य परेशानियां भी सहनी पड़ती हैं जैसे गर्दन दर्द, भूख न लगना, चिड़चिड़ापन, काम में मन न लगना, एकाग्रचित न रहना, गैस बनना आदि।

टेंशन हेडेक का एक सरल उपाय है टेंशन से दूर रहना। वैसे तो यह असंभव सा लगता है पर इसकी तह तक जाकर इस समस्या का समाधान ढूंढा जा सकता है। टेंशन हेडेक के लिए दर्द निवारक गोलियों का सेवन स्वास्थ्य पर कुप्रभाव डाल सकता है। ये गोलियां कुछ समय के लिए तो राहत प्रदान करती हैं पर जब नाडिय़ां फिर से सक्रि य होती हैं तो दर्द पुन: बढ़ जाता है।

टेंशन को दूर करने के लिए अपनी आदतों में बदलाव लाकर भी हम टेंशन कम कर सकते हैं।

कुछ काम जो अभी इतने आवश्यक नहीं हैं, उन्हें आराम से करने की आदत बना सकते हैं। हमेशा हमें परफेक्शनिस्ट नहीं बनना चाहिए, न ही अपने सामने वाले में परफेक्शन को ढूंढना चाहिए।

काम की अधिकता होने पर दूसरे की मदद ली जा सकती है। इसमें संकोच न करें और दूसरे की मदद के लिए तैयार भी रहें। अपने अंदर के शौक को उबारने का प्रयास करें क्योंकि शौक पूरा होने पर टेंशन में कमी आती है। अपने मनपसंद कार्य को पूरा करने में आनन्द मिलता है।

नियमित सैर करके या एक्सरसाइज करके भी आप स्ट्रेस फ्री हो सकते हैं।

टेंशन फ्री होने के लिए कुछ खास थेरेपी की मदद ले सकते हैं ताकि समस्या से छुटकारा मिल सके।

अपनी नींद पूरी लें। शांत नींद भी आपको समस्याओं से उबारती है। जब आप उठते हैं तो मन प्रफुल्ल होता है और पुन: काम करने के लिए आप फिट होते हैं।

कभी-कभी रिलेक्स मूड में छुटिट्यां बिताकर भी आप टेंशन से छुटकारा पा सकते हैं क्योंकि नई जगह या अन्य जगह पर टेंशन साथ नहीं रहती।

ध्यान, मेडिटेशन और योग की मदद से आप आप टेंशन से निजात पा सकते हैं।

मनपसन्द संगीत सुनकर और अपने मित्रों से गप्पें मारकर भी टेंशन दूर कर सकते हैं। यदि क्रांनिक टेंशन हो तो डॉक्टरी सलाह लें और गंभीरता से डॉक्टर को सहयोग करें ताकि वह आपकी मदद कर सके।

- नीतू गुप्ता

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