नमक से बढ़ता है रक्तचाप

नमक से बढ़ता है रक्तचाप

आज लगभग सब घरों में रक्तचाप बीमारी एक आम बात बन गयी है। यदि हम सौ व्यक्तियों से पूछें तो उनमें से 7० ऐसे होंगे जो रक्तचाप से अवश्य ही पीडि़त होंगे। साधारणत: रक्तचाप की बीमारी सम्पन्न परिवारों में अधिक होती है लेकिन अब यह बीमारी हर वर्ग के लोगों में देखी जा सकती है।

मुख्यत: यह बीमारी 30 से ऊपर के लोगों में ज्यादा होती है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि 30 से कम उम्र के लोगों में यह बीमारी न हो। आज डॉक्टरों के पास कई ऐसे केस आते हैं जिनकी उम्र 20-25 वर्ष के आस-पास होती है। आंकड़े बताते हैं कि लगभग चार करोड़ लोग आज इस बीमारी से ग्रस्त हैं। यह रक्तचाप ही वह बीमारी है जो एक बार किसी को पकड़ लेती है तो जिन्दगी भर साथ रहती है। ऐसे नाममात्र के केस होते हैं जिन्हें यह रोग बिलकुल समाप्त हो गया हो।

उच्च रक्तचाप सामान्यत: हमारी रक्त प्रणाली को अवरूद्ध करता है, साथ ही गुर्दे की खराबी का कारण भी बनता है। रक्तचाप दो प्रकार का होता है, एक तो उच्च रक्तचाप तथा दूसरा निम्न रक्त चाप। दोनों ही शरीर की रक्त प्रणाली को प्रभावित करते हैं। उच्च रक्तचाप में रक्त का प्रवाह तेज तथा निम्न रक्तचाप में प्रवाह धीमा हो जाता है। भारत ही एक ऐसा देश है जहां यह बीमारी सबसे अधिक होती है।

दिल्ली एवं हरियाणा के ग्रामीण इलाके में कराये गये अध्ययन के अनुसार 34 वर्ष के ऊपर की शहर की आबादी का 11 प्रतिशत उच्च रक्तचाप की चपेट में है। अध्ययन में यह बात सामने उभरकर आयी है कि उच्च रक्तचाप के शिकार 83 प्रतिशत ग्रामीण और 42 प्रतिशत शहरी अपनी दशा से नावाकिफ थे और आश्चर्य यह भी है कि जो अपने बारे में जानते भी थे, उनमें 54 प्रतिशत शहरी और 91 प्रतिशत ग्रामीण कोई भी इलाज नहीं करा रहे थे।

आज रक्तचाप का खतरा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है क्योंकि आजकल ताजे फलों एवं सब्जियों का प्रयोग पहले की तुलना में कम हो रहा हैं साथ ही हर प्रकार के भोजन में नमक का अधिक प्रयोग हो रहा है। नमक ही मुख्य कारण है जो रक्तचाप को जन्म देता है। अधिक नमक खाने से शरीर मोटा हो जाता है जिससे रक्तचाप बढ़ता है। साथ ही आज तमाम तरह के घी-तेलों का अधिक उपयोग हो रहा है जो हमारे शरीर में 'कोलेस्ट्रोल' की मात्रा बढ़ा देता है। इससे भी रक्तचाप बढ़ जाता है।

देखा जाय तो मुख्य कारण नमक ही है क्योंकि नमक आज अधिक से अधिक उपयोग होता है। यहां तक कि कुछ लोग चाय में भी नमक डालकर पीते हैं जो हमारे हृदय की गति को बदल देता है। साधारणत: मनुष्य 11 ग्राम नमक एक दिन में खा जाता है जो नुकसानदेह है बल्कि सही मायनों में मनुष्य को प्रतिदिन छ: ग्राम से अधिक नमक प्रयोग नहीं करना चाहिए।

आज बढ़ते फैशन एवं आधुनिकता की दौड़ में मानव ने 'फास्ट फूड' का सेवन अधिक शुरू कर दिया है क्योंकि इसमें नमक की मात्रा अधिक होती है जो अति नुकसानदेह है।

अब एक ही तथ्य सामने नजर आता है कि हमें अपने भोजन में नमक की मात्रा कम ही लेनी चाहिए अन्यथा यह रक्तचाप हमें पकड़ लेगा और सदैव के लिए अपना साथी बना लेगा। अत: हमें संतुलित एवं कम नमक का भोजन ही करना चाहिए और रक्तचाप से बचना चाहिए।

- हरे राम शर्मा

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