हंसें, हंसें और खूब हंसें

हंसें, हंसें और खूब हंसें

अनेक रोगों से मुक्ति के लिए तथा उन्हें नियंत्रित रखने के लिए हास्य एक अनुपम औषधि है। यह जरूरी है कि आप सही ढंग से हंसें और स्वस्थ रहें। आप अपने को रोगी अनुभव करते हैं, इसकी वजह यह है कि आपके कहकहे खो गए हैं-एक बार ठहाका लगायें, उन्मुक्त रूप से हंसें। आप भला चंगा अनुभव करने लग जायेंगे।

वैज्ञानिक प्रयोगों से साबित हो चुका है कि हृदयरोग, रक्तचाप(बी.पी.) दमा, मानसिक उत्तेजना, अवसाद (डिप्रेशन) अनिद्रा आदि अनेक रोगों में खिलखिला कर हंसने से यथेष्ट लाभ होता है।

यह विदित तथ्य है कि योगसाधन या प्राणायाम के अंतर्गत श्वास-प्रश्वास की क्रि या को संतुलित करने का अभ्यास किया जाता है। इसके द्वारा पेट के ऊपरी हिस्से अर्थात् डायफ्राम को संचालित किया जाता है। हंसने से यह क्रि या स्वत: संचालित हो जाती है और व्यक्ति प्रफुल्लित अनुभव करने लगता है। यह अनुसंधानों से प्रमाणित हो चुका है कि मानसिक उत्तेजना तथा रक्तचाप में उन्मुक्त हास्य लाभदायक होता है। सुमधुर हास्य से अवसाद और अनिद्रा जैसे रोगों में भी लाभ पहुंचता है।

हँस कर गुस्सा भगायें:- क्रोध कई परेशानियों की जड़ है किंतु हंसने से क्रोध काफूर हो जाता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। शोक और वेदना की स्थिति में भी हंसी एक रामबाण दवा की तरह है क्योंकि हंसने से शोक और वेदना में कमी होती है। आजकल कई स्थानों में पार्कों या बाग-बगीचों में ऐसे क्लब हैं जहां कई लोग एकत्र होकर जोरों से हंसते हैं या बैठ कर ठहाके लगाते हैं। यह भी प्रात:कालीन व्यायाम का एक हिस्सा है जिससे तनाव कम होता है और लोग ताजगी का अनुभव करते हैं।

हास्य क्रि या से श्वास-प्रश्वास की गति बढ़ती है जिससे फेफड़ों में अधिक आक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता आती है। इस वजह से श्वास संबंधी रोग नहीं होते और व्यक्ति स्वस्थ तथा हल्का अनुभव करता है। जब हम हंसते हैं तो उसका तत्काल प्रभाव हमारे मुखमंडल पर होता है, इससे चेहरे की मांसपेशियों में रक्तसंचार बढ़ जाता है। इस कारण हंसते रहने से व्यक्ति के चेहरे की कांति बढ़ जाती है।

कैंसर जैसे रोगों में लाभप्रद:- हास्य व्यक्ति के मानसिक तनावों को तो दूर करता ही है, यह पेट पर और आंतों पर भी दबाव उत्पन्न करता है जिससे कफ, पित्त के विकारों को दूर करने में मदद मिलती है।

हंसने की क्रि या से कफ और पित्त की मात्र घट जाती है, जिससे एसिडिटी संबंधी रोगों में राहत मिलती है।

यह पता चला है कि कैंसर रोग का एक प्रमुख कारण रक्त में निर्धारित मात्र से अधिक संख्या में श्वेत रक्त कणों (डब्ल्यू बी.सी.) का होना है। हास्य से शरीर में तथा रक्त संचालन की प्रणाली में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है जिससे कैंसर जैसे रोगों से भी बचाव हो सकता है।

मधुर हास्य से लोगों का स्नेह सौजन्य तो मिलता ही है, आपके शारीरिक सौंदर्य तथा स्वास्थ्य में भी वृद्धि होती है। इसलिए आज, आज और अभी से हंसना आरंभ करें जिससे आप को तथा आपके अपनों को लाभ मिलता रहेगा।

- भारत भारती

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