बच्चों के लिए खतरनाक है आपका सिगरेट पीना

बच्चों के लिए खतरनाक है आपका सिगरेट पीना

'सिगरेट पीना नुकसानदायक है, यह आप जानते हैं पर क्या यह भी जानते हैं कि आपके सिरगेट पीने से आपके बच्चे पैसिव स्मोकिंग के शिकार, हो सकते हैं,' मैंने एक दिन अपने एक सहयोगी को सिगरेट पीते देख कर कहा। इस पर उन्होंने सिगरेट का एक लंबा कश खींच कर धुएं का छल्ला उड़ाते हुए जवाब दिया, 'अरे भई, मैं सिगरेट घर में नहीं पीता। घर के बाहर पीता हूं। तब मेरे बच्चे पैसिव स्मोकिंग के शिकार कैसे हो सकते हैं।'

इस पर मैंने उन्हें एक अखबार निकालकर उसमें छपी एक खबर दिखाते हुए कहा, 'यह देखिए, इसमें क्या लिखा है। जरा जोर से पढि़ए।'

कुछ सकुचाते हुए वह पढऩे लगे, 'घर के बाहर सिगरेट पीने पर भी आपके बच्चे पैसिव स्मोकिंग के शिकार हो सकते हैं। स्टाकहोम में हुए शोध के अनुसार जिन बच्चों के मातापिता घर के बाहर सिगरेट पीते हैं, उनके बच्चों में उन बच्चों की अपेक्षा जिनके माता पिता सिगरेट नहीं पीते हैं, पैसिव स्मोकिंग से होने वाले रोगों की संभावना 2 गुनी होती है।

'शोधकर्ताओं के अनुसार कुछ मां बाप सिगरेट घर से बाहर पीते हैं, यह सोचकर कि उनके बच्चों को कोई संक्रामक रोग न हो लेकिन उनमें भी यह संभावना 2 गुनी होती है जबकि घर के अंदर सिगरेट पीने से घर के बच्चों में यह संभावना 15 गुनी हो जाती है' इतना पढ़कर वह मेरी तरफ प्रश्न भरी निगाहों से देखने लगे।

तब मैंने कहा, 'मेरी तरफ क्या देखते हैं, आगे भी पढि़ए'।

'कुछ सोचकर उन्होंने फिर पढऩा शुरू किया, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है कि विश्व के आधे से ज्यादा बच्चे तंबाकू के धुएं से होने वाले रोगों से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस शोध के परिणाम यह दिखाते हैं कि घर के बाहर ही सिगरेट पीना बच्चों को इन रोगों से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने पाया है कि उन बच्चों के मूत्र में निकोटीन की मात्रा ज्यादा होती है जिनके माता पिता केवल घर के बाहर सिगरेट पीते हैं अपेक्षा उन बच्चों के जिनके माता पिता सिगरेट नहीं पीते।

पूरी खबर पढ़कर उन्होंने एक गहरी सांस ली और अखबार मेरी तरफ बढ़ाकर कुछ सोचने लगे।

'क्या सोच रहे हैं,' मैंने पूछा, 'क्या अब भी सिगरेट पीने का इरादा रखते हैं या इसे हमेशा हमेशा के लिए छोड़ देना चाहते हैं?'

उन्होंने सिगरेट का पैकेट जेब से निकाला और कचरे के डब्बे में फेंकते हुए दृढ़तापूर्वक कहा, 'आज के बाद मैं कभी सिगरेट को हाथ नहीं लगाऊंगा।'

पर कितने लोग ऐसे समझदार होंगे जो ऐसी खबर पढ़कर सिगरेट छोडऩे का संकल्प करेंगे, शायद बहुत कम क्योंकि कुछ लोगों को ऐसी रिपोर्टों पर विश्वास ही नहीं होता है।

जीवन को जीने के लिए और आनंद लेने के लिए सबसे जरूरी है दिल और दिमाग। सिगरेट के धुएं का पहला हमला इन्हीं दो अंगों पर होता है। सिगरेट का धुआं रक्तवाहिनियों को, जिन के अंदर खून दौरा करता है, संकरा कर देता है। इस से रक्त के सहज प्रवाह में बाधा आती है और हृदय पर, जो पंप करने का काम करता है, ज्यादा दबाव पड़ता है। इसी से आगे चलकर उच्च रक्तचाप की बीमारी हो जाती है।

सिगरेट के धुएं से कैंसर होने की भी पूरी संभावना रहती है। यह हमारे देश में बड़ी तेजी से फैल रहा है।

आप सोच रहे होंगे सिगरेट के धुएं से कैंसर कैसे होता है? तंबाकू के धुएं में कुछ तरह के रसायन होते है जिन्हें 'पोलीन्यूक्लीयर एरोमेटिक हाइड्रोकार्बन्स' कहते हैं। ये बहुत विषैले रसायन हैं और हमारे शरीर की कोशिशओं के भीतर जीवन के आधारभूत द्रव्य डी. एन. ए. की संरचना को ही अव्यवस्थित कर देते हैं।' इस धुएं में एक दूसरा जहरीला तत्व भी होता है, 'एसीटी एल्डाहाइट', यह त्वचा की स्वाभाविक कोमलता को खत्म कर उसे कठोर बना देता है और रक्तवाहिनियों को सिकोड़ देता है। फेफड़ों की एक कष्टप्रद बीमारी है एम्फीसीमा। इसमें फेफड़ों के वायुछिद्र बेकार हो जाते हैं और उन्हें दुबारा सक्रिय नहीं किया जा सकता। इसका एक कारण धुएं में छिपा यह जहरीला रसायन है।

इसके अलावा और भी दूसरी तरह की कष्टप्रद बीमारियां इस धुएं के कारण होती हैं। इसे गंभीरता से समझना चाहिए।

उपरोक्त अध्ययन से यह स्पष्ट है कि जब आप सिगरेट पीते हैं, सिर्फ आप ही नहीं पीते। आप के वे अबोध बच्चे जो अपने हाथ में सिगरेट नहीं पकड़ सकते, वे भी इस से प्रभावित होते हैं। यही नहीं, आप के आसपास बैठे आपके दोस्त, परिवार के लोग, दफ्तर के लोग, जो स्वयं सिगरेट नहीं पीते हैं, आप के द्वारा फेंके गए धुएं को पीते हैं। अब आप समझ सकते हैं कि सिगरेट से आप न सिर्फ अपने को बल्कि दूसरों को भी कितना अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। यदि दूसरों के जीवन के साथ खिलवाड़ करना एक सामाजिक अपराध है तो आपको मानना होगा कि सिगरेट पीना एक सामाजिक अपराध है।

सिगेरट छोडऩे के लिए अपने बच्चों के बीमार होने का इंतजार मत कीजिए। उनके और अपने स्वस्थ रहने के लिए आप ही सिगरेट छोडऩे का दृढ़ संकल्प कर लीजिए।

-हेमंत यादव

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