बहुत से स्वास्थ्य लाभ देते हैं फल

बहुत से स्वास्थ्य लाभ देते हैं फल

नवीनतम शोधों से हमें कई फलों व सब्जियों के ऐसे विशेष गुणों की जानकारी हुई है जो पहले नहीं थी। फलों व सब्जियों में ऐसे एंटीआक्सीडेंट व विशेष तत्व छुपे हुए हैं जो हमें बहुत से स्वास्थ्य लाभ देते हैं। कई रोगों के इलाज में इनका प्रयोग किया जा रहा है। फलों व सब्जियों का सेवन कई रोगों से हमें सुरक्षा देता है। आइए जानें ऐसे कुछ विशेष फलों व सब्जियों के गुणों को:-

पपीता:- पपीता मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए टॉनिक का कार्य करता है। शायद यही कारण है कि इसकी गिनती श्रेष्ठ फलों में की जाती है। पपीते में पेपेन, विटामिन ए, व विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। पपीता पेट के रोगों, आंखों के रोगों, जिगर, कब्ज आदि को दूर करता है व उदर शुद्धि के लिए लाभप्रद है।

गर्भवती व दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत लाभकारी है। पपीते का प्रयोग उसके कच्चे व पके दोनों रूपों में किया जाता है। पपीता स्वास्थ्यवर्धक तो है ही, साथ ही सौन्दर्यवर्धक भी है। इसके टुकड़ों या गूदे को चेहरे पर लगाने से झुर्रियां व झाइयों से छुटकारा मिलता है। बवासीर रोग में भी इसका सेवन लाभप्रद है।

सेब:- यह तो हम सुनते ही आए हैं कि एन एपल अ डे, कीप्स द डॉक्टर अवे'। यह सत्य ही है। सभी फलों में से सेब एक अमूल्य फल है। हमारे शरीर में होने वाले शारीरिक व रासायनिक परिवर्तनों और कई अन्य कार्यकलापों में इसका सेवन महत्त्वपूर्ण लाभ देता है। पोषक तत्वों की दृष्टि से यह मिनरल व विटामिन का भंडार है। अनीमिया, कब्ज, डायरिया, सिरदर्द, उच्च रक्तचाप, हृदय रोगों, सिरदर्द, पेट व आंखों संबंधी कई रोगों के इलाज में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

एक शोध से यह भी सामने आया है कि सेब व सेब के रस में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो रेड वाइन व चाय की तरह ही लाभ देते हैं और हृदय रोगों से सुरक्षा देते हैं। इस शोध के अनुसार जो वयस्क प्रतिदिन दो सेब का सेवन करते हैं उसमें एल डी एल आक्सीडेशन में 20 प्रतिशत कमी पाई गई।

हां, सेब का सेवन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि खाली पेट इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इससे अपच हो सकता है।

केला:- केला एक ऐसा फल है जो इतने कम मूल्य में उपलब्ध है कि हर व्यक्ति इसे खरीद सकता है। यह एनर्जी का भंडार है। एक केले में अनुमानत: 1०० कैलोरी की मात्रा होती है। इसमें प्रोटीन, विटामिन व मिनरल पाए जाते हैं। दूध के साथ इसका सेवन सम्पूर्ण आहार माना जाता है।

आंतों संबंधी रोगों, डायरिया, पेचिश आर्थराइटिस, गाउट, अनीमिया, टी. बी.व एलर्जी आदि रोगों में इसका सेवन लाभप्रद है। पोटेशियम का उत्तम स्रोत होने के कारण उन व्यक्तियों को जिनकी किडनी फेल हुई हो, इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

अनार:- अनार एक ऐसा फल है जिसे पचाना अन्य फलों की अपेक्षा आसान है। 100 ग्राम अनार अनुमानत: 65 कैलोरी की मात्र देता है। बुखार व अन्य रोगों में इसका सेवन फायदेमंद होता है। जिगर, हृदय, गुर्दो के कार्यकलापों में भी इसका सेवन सुधार लाता है। भोजन से विटामिन ए की पूर्ति जिगर को करने में भी यह सहायक भूमिका निभाता है। इंफेक्शन खासकर टी. बी. से लडऩे की प्रतिरोधक क्षमता को इसका सेवन बढ़ाता है। बुखार, खुजली, गुर्दे में पथरी,दांतों व मसूड़ों संबंधी रोगों आदि के इलाज में इसका सेवन लाभ पहुंचाता

है।

चुकंदर:- चुकंदर का रस जिगर को साफ करता है। रक्त को साफ कर विषैले तत्वों को बाहर निकलता है। यह कब्ज को दूर करता है और रक्तवाहिनियों की मजबूती के लिए भी इसका सेवन अच्छा है। रक्त संचार में सुधार करके कोलेस्ट्रोल के स्तर में कमी लाता है। अनीमिया में भी इसका सेवन फायदेमंद है।

संतरा:- यह रसीले फलों में बेहद लोकप्रिय फल है और संतरे का रस तो प्राय: हर जगह उपलब्ध होता है। विटामिन ए, बी,सी, और कैल्शियम से भरपूर संतरा इनका उत्तम स्रोत है। इसमें मौजूद शर्करा रक्त में जल्द ही एब्सार्व हो जाती है इसीलिए इसे जैसे ही खाते हैं वैसे ही शरीर में एनर्जी उत्पन्न होती है।

संतरे का नियमित सेवन सर्दी, इन्फलुएंजा आदि से सुरक्षा देता है। कब्ज व बुखार में भी इसका सेवन लाभप्रद है। कई नवीनतम शोधों से सामने आया है कि रसीले फलों का सेवन कई गंभीर रोगों से भी सुरक्षा देता है।

-सोनी मल्होत्रा

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