जीवन में कष्टों से बचने के उपाय

जीवन में कष्टों से बचने के उपाय

जीवन फूलों की सेज नहीं, फिर भी यदि हम विवेक से काम लें तो दूरदर्शिता से आने वाले कष्टों को कम किया जा सकता है। आज के भागमभाग के युग में पग-पग पर रिस्क भरे पड़े हैं। अत: बुद्धिमान लोग हर काम को करने से पहले दस बार सोचते हैं।

- यदि सुख से जीना चाहते हैं तो चिन्ता त्यागो। यह एक बीमारी है जो जला डालती है।

- थकने पर आराम करो। इससे टूटी कोशिकाओं की मुरम्मत हो जाती है और जिगर पटठों के लेक्टिक अम्ल को ग्लूकोज़ में बदल देता है।

- कलह से बचें। कलहपूर्ण बातों का जिक्र ही मत करें।

- बालक, बूढ़े, लोभी, मूर्ख, रोगी से मित्रता मत करें।

- अपनी गुप्त बातें किसी को मत बताएँ, भाई या मित्र को भी नहीं।

- किसी का अपमान मत करें। किसी के काम में वृथा दोष मत निकालें। दूसरों के ऐब मत ढूंढें।

- शराब मत पिओ। कहते हैं, शराब मुुँह लगी खराब। इससे उम्र घटती है।

- जुआ मत खेलें। आज तक जुआ खेलने से कोई धनी नहीं हुआ। युधिष्ठिर अपनी पत्नी और राज्य तक हार गए।

- हर किसी पर तुरन्त विश्वास मत करो। निजी रिश्तेदार पर तो बिलकुल विश्वास न करें।

- विचारों में समय मत गंवाओ। जो करना है उसे सोच-विचार कर, कर डालो।

- क्रोध से बचें। अधिक शोक से बचें। ज्यादा खुशी या गमी में सम-भाव रहें। काम बन जाने पर खुश न होवें। इसके बिगड़ जाने पर दु:खी मत होवें।

- सदा उद्यम करें क्योंकि लक्ष्मी, उद्यमी एवं मेहनती व्यक्ति के पास ही आती है। आलसी एवं निठल्ले से लक्ष्मी दूर भागती है।

- जो काम आप न करना चाहते हों, 'नहीं' कहना सीखें। इसमें आप दु:खों कष्टों से बच जाएंगे। सदा दिल की बजाए दिमाग का कहना मानें।

- मूर्ख एवं दुष्ट को उपदेश मत दो। इससे वह आपका विरोधी बन जाएगा।

- बुढ़ापे में माता-पिता का ख्याल रखें। पत्नी के पीछे लग कर माता-पिता का अपमान मत करें। मत भूलें आपके बच्चे आपका भी वीडियो बना रहे हैं।

- विजेन्द्र कोहली गुरदासपुरी

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