धूम्रपान का फेफड़ों पर दूरगामी प्रभाव

धूम्रपान का फेफड़ों पर दूरगामी प्रभाव

शौकिया, आदतन, देखादेखी या किसी भी कारण से धूम्रपान करना सदैव नुकसानदायक होता है। यह हर दृष्टि से सेहत को हानि पहुंचाता है। यह मुंह के कैंसर के खतरे को दुगुना कर देता है। यह दिल के आकार को बदल कर बीपी बढ़ा देता है। यह रक्त में थक्का बनाता है एवं हृदयाघात का कारण बनता है। इससे फेफड़े एवं श्वसन तंत्र खराब होते हैं। धूम्रपान छोडऩे से सभी तरह के शारीरिक लाभ मिलते हैं किंतु फेफड़ों पर धूम्रपान का प्रभाव दूरगामी होता है जो उसके छोडऩे के बाद भी फेफड़े पर बना रहता है।

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