बुखार में क्या खाएं-पिएं?

बुखार में क्या खाएं-पिएं?

बुखार होने पर खाने-पीने की समस्या पैदा हो जाती है। प्राय: कुछ भी खाने-पीने को मन नहीं करता और किसी चीज को खाने-पीने को मन करता भी है तो डॉक्टर या घर-बाहर के लोग उसके तरह-तरह के नुकसान बताते हैं।

एक बात साफ है कि बीमारी में पर्याप्त पोषण और ऊर्जा शरीर को न मिले तो शीघ्र स्वस्थ नहीं हुआ जा सकता।

शरीर में जान ही नहीं होगी तो स्वस्थ होने का सवाल ही नहीं।

स्वस्थ आदमी भी एक समय का भोजन न मिलने पर निढाल हो जाता है। बीमारी में तो और भी अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है-एक तो शरीर की शक्ति बनी रहे और दूसरे बीमारी पर काबू पाना है। ऐसे में सवाल उठता है कि बुखार में क्या खाएं पिएं।

- चावल का मांड ऊर्जा से भरपूर होता है और बुखार में हानिकारक नहीं बल्कि लाभदायक है। इसमें मामूली सी पिसी सोंठ और सेंधा नमक मिलाकर पिएं।

- दालों का पानी भी बुखार में लाभदायक है। मूंग इनमें मुख्य है। उबाली हुई मूंग दाल के पानी में सोंठ, काली मिर्च और नमक मिलाकर गुनगुना ही ज्वर रोगी को पिलाएं। यदि सिर्फ मूंग पसंद न हो तो मूंग के साथ मसूर उबाल लें। इसी तरह चार-छह दालों को उबालकर भी उनका पानी पिया जा सकता है।

- चावल के बारे में आम धारणा है कि बुखार में नुकसान देते हैं लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। बुखार में चावल का सेवन ही सर्वाधिक लाभकारी है। बेसन-दही की कढ़ी के साथ चावल खाने से बुखार में शीघ्र लाभ होता है। कढ़ी-चावल खाने का एक लाभ यह भी है कि जहां कुछ खाने को मन नहीं करता, कढ़ी चावल अच्छे लगते हैं।

- प्याज भी बुखार में लाभ देता है। प्याज की चटनी, सलाद के रूप में प्याज का सेवन कर सकते हैं। हरी मिर्च और प्याज की खुश्क सब्जी बनाकर रोटी के साथ खायी जा सकती है।

- पुदीना भी ज्वर में लाभकारी है। इसकी चटनी बनाकर इसके सहारे रोटी या चावल खाए जा सकते हैं।

- प्यास लगने पर बुखार में पानी नहीं पिया जाता। ऐसे में नारियल पानी, फलों का जूस, नींबू की शिकंजी या फिर कोल्ड ड्रिंक पिया जा सकता है।

- नाशपाती सर्वाधिक पौष्टिक फल है और बुखार में खाने पर अच्छी भी लगती है। बुखार में यह भी लाभ पहुंचाती है।

- चाय पीना यद्यपि अच्छा नहीं लगता मगर पीनी चाहिए। इसमें काली मिर्च, अजवायन, बड़ी इलायची डाल देनी चाहिए।

- अयोध्या प्रसाद 'भारती'

Share it
Top