सुंदर व स्वस्थ आंखों का राज

सुंदर व स्वस्थ आंखों का राज

अधिकांश लोग आंखों के महत्त्व को समझते हुए भी इनके प्रति उपेक्षा बरतते हैं जिससे उनकी आंखों का सौंदर्य नष्ट हो जाता है और आंखों के नीचे स्याह घेरे बन जाते हैं। यही आंखों की महत्त्वपूर्ण समस्या है। आंखों के ये काले घेरे तनाव, नींद की कमी, असंतुलित भोजन, अत्यधिक परिश्रम, कमजोरी तथा लंबी बीमारी आदि के कारण होते हैं।

बहुत से लोगों को आंखों के नीचे का यह कालापन वंशानुगत भी होता है जिसे किसी भी दवा द्वारा हटाया नहीं जा सकता। अगर हम थोड़ी सी सावधानी बरतें तो आंखों के नीचे पडऩे वाले इन काले घेरों से छुटकारा पाया जा सकता है। इससे बचने के लिए हम इन घरेलू उपचारों का प्रयोग कर सकते हैं।

- ठंडे पानी में टी बैग्स भिगोकर आंखों पर रखें तो थकी आंखों को आराम मिलता है।

-दूध में रूई के फाहे को भिगोकर आंखों पर रखकर लेट जायें। 10-15 मिनट के बाद उसे हटायें। इससे भी आंखों के चारों ओर की स्याही दूर होती है।

- चमकदार आंखों के लिये एक छोटा चम्मच सौंफ को एक कप गर्म पानी में भिगो दें। ठंडा करके छान दें। इससे आंखों को धोयें। इससे आंखों की ज्योति बढ़ती है। यह एक हर्बल उपाय है।

- आंखों के थक जाने पर नमक मिले पानी को आंखों पर छिड़कें। इसके लिए आधा लिटर उबले पानी को ठंडा करके उसमें एक चम्मच नमक डालें और उस पानी से अपनी आंखों को धोएं।

- ककड़ी को कददूकस करके उसका रस निकाल लें। फिर रूई को उसमें डुबोकर आंखों पर रखकर दस मिनट के लिए लेट जाइए। इससे आंखों को आराम मिलता है। साथ ही काले घेरे दूर हो जाते हैं।

- दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है।

- आंखों की ठीक देखभाल के लिए संतुलित आहार लेना चाहिए। अपने आहार में विटामिनयुक्त खाद्य पदार्थों का अधिक मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।

- टमाटर और नींबू का रस समान मात्राा में मिलाकर आंखों के नीचे की ओर लगायें और सूखने पर साफ पानी से धो लें।

- आंखों को आभा प्रदान करने में विटामिनों की विशेष भूमिका होती है। सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है विटामिन 'ए'। यह हरी सब्जियों, मछली, गाजर, पपीता तथा मक्खन में पाया जाता है। इसे अवश्य लें।

- स्नान करने के बाद पैरों और हाथों के नाखूनों पर सरसों का तेल लगाने से आंखों की रोशनी में वृद्धि होती है।

- दूषित वातावरण जैसे-किसी भीड़ भरे स्थान, धुएं तथा धूल से भरे स्थान से आने के बाद पानी से आंखों को धो डालें तथा गुलाबजल में भिगोया रूई का फाहा आंखों पर रखकर करीब दस मिनट तक आंखें बंद करके चित्त लेटी रहें। इससे आंखों को तुरंत आराम मिलता है और वे तरोताज़ा हो उठती हैं।

उपरोक्त उपचारों को अपनाकर हम आंखों को सुंदर व स्वस्थ बनाने में सफल हो सकते हैं पर आंखों का मेकअप तब तक संपूर्ण नहीं होता, जब तक कि आप भौंहों को नहीं सजाती। छोटी और हल्की भौंहों को पेंसिल के सहारे सही कर लें। ध्यान रहे कि आई-ब्रो पेन्सिल ज्यादा गाढ़ी न हो।

अब आंखों पर आइलाइनर लगाते हैं। इसके बाद पलकों को ऊपर की तरफ मोड़ते हुए उस पर मस्कारा लगाते हैं। मस्कारा दो-तीन कोट लगा सकती हैं। रात में आंखों का मेकअप गाढ़ा करना ठीक रहता है। दिन की रोशनी में आंखों में तरलता एवं चमक होनी चाहिए।

अगर आपकी आंखें छोटी हैं तो आप आईशेडो को पपोटों पर लगाकर ऊपर की तरफ ले जायें और थोड़ा बाहर की तरफ ले जाने की कोशिश करें।

यदि आंखें बड़ी हैं तो आईशेडो को पपोटों पर लगाये और आंखों के आकार से बाहर न निकलने दें। इस तरह आप अपनी आंखों की देखरेख करके उन्हें आकर्षक एवं खूबसूरत बना सकती हैं।

- पूनम दिनकर

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