दिल का दौरा-भ्रान्तियां और निवारण

दिल का दौरा-भ्रान्तियां और निवारण

हृदय दौरे के लक्षण:-

- सीने में दर्द, बेचैनी व दबाव।

- जकडऩ का एहसास।

- जलन महसूस होना।

- अपच और भारीपन का आभास होना।

- पसीना आना।

- जी मिचलाना।

- चक्कर आना।

- दिल का जोर-जोर से धड़कना।

- होश खोने का सा आभास मानो अभी गिर पड़ेंगे।

दौरा पडऩे पर क्या करें:-

- तुरंत डॉक्टर को बुलाएं।

- जो कुछ कर रहे हों, उसे फौरन छोड़ दें।

- बैठिए या लेट जाइये।

- यदि कपड़े तंग हैं उन्हें ढीला करें।

- यदि डॉक्टर नहीं आ सके तो झटपट अस्पताल जायें। वक्त बरबाद न करें क्योंकि ऐसी स्थिति में मरीज की जिंदगी का हर क्षण कीमती है:-

हृदय रोग से कैसे बचें:-

- धूम्रपान न करें।

- उच्च रक्तचाप से बचें।

- व्यायाम करें।

- तनाव से बचें।

- मोटापे से बचें।

- कोलेस्ट्रोल रहित खुराक लें।

- संजय कुमार चतुर्वेदी

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