झिंझाना पुलिस को मिली बडी सफलता...नशे की खेती पर पुलिस का कब्जा, तिसंग गांव के एक मकान में अफीम की खेती के 55 पौधे बरामद

झिंझाना। पुलिस ने नशे के कारोबार से जुडी एक ऐसी आश्चर्यजनक घटना को पकडा है जो शायद कही दिखाई दे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इस थाना क्षेत्र के गांव तिसंग के एक सिक्ख डेरे से नशे की यानि अफीम की बोई हुई फसल को पकडने में भारी सफलता प्राप्त की है। इस मामले में एक आरोपी को भी पुलिस ने पकड लिया है और नशे की इस तैयार फसल को उखाड कर कब्जे में ले लिया है। घटना की सूचना पर नारकोटिक टीम ने भी दिल्ली से इस मामलें मे संज्ञान लेते हुए यहा पहुंचने वाली है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में आरोपी का चालान करते हुए जेल भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार शामली के एसपी अजय कुमार पांडे अपनी तैनाती के बाद से ही नशे व इससे जुडे पदार्थों पर अपना फोकस कर रखते हुए इसके खिलाफ अभियान चला रखा है और इस अभियान ने नशे से जुडे लोगों की कमर तोड कर रख दी है। पुलिस ने नशे से जुडी एक आश्चर्यजनक घटना का पटाक्षेप किया है जो बडी दुर्लभ है।

मुखबिर की सूचना पर स्वयं पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडे मय थाना प्रभारी निरीक्षक ओपी चौधरी व पुलिस बल समेत इस थाना क्षेत्र के गांव तिसंग के पास रहने वाले एक सिक्ख परिवार से जुडे दलजीत सिंह पुत्र हरभजन सिंह के घर में पहुंचे। जहां पर दलजीत सिंह ने लहसुन, प्याज के साथ अफीम भी बोई हुई थी। दलजीत सिंह ने पुलिस के हवाले से बताया कि यह फसल पक चुकी है। इस पर गोल आकार का जो फल होता है, उसमें चीरा लगा कर जो दूध जैसा द्रव्य निकलता है, वही सूखने पर अफीम बनती है और पेड पत्तियाँ को सुखाने के बाद डोडा पोस्त का चूरा बनता था। यानि के इस फसल से आम के आम और गुठली के दाम वाली कहावत चरित्रार्थ होती है।

पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडे ने बकौल आरोपी बताया कि जितना फल बरामद हुआ है, उससे दो किलोग्राम से ज्यादा अफीम बनती है और कचरे का भी डोडा पोस्त का चूरा बनता है। यह फसल अक्सर गन्ने के खेत आदि में भी बोई जा सकती है। एसपी ने इस घटना की सूचना नारकोटिक टीम दिल्ली को सूचना दे दी है।

जिसने घटना का संज्ञान लेते हुए घटना स्थल पहुंचने की बात कही है। दूसरी और पुलिस ने आरोपी दलजीत के खिलाफ एनडीपीसी एक्ट की धारा 18/20 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत करके दलजीत सिंह को जेल भेज दिया है।

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