पिता पर लगाया पुत्री को जहर देकर मारने का आरोप

पिता पर लगाया पुत्री को जहर देकर मारने का आरोप

कैराना। पत्नी की गैरमौजूदगी में घर पर रही मासूम सात वर्षीया बालिका की उसके ही पिता द्वारा अपने दो भाइयों के साथ मिलकर जहर देकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बालिका के शव को परीक्षण हेतु पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मृतका की मां ने अपने पति समेत तीन सगे भाइयों के विरूद्ध हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शामली जिले के गांव लांक-बहावडी निवासी इमराना हाल निवासी पंजाब की शादी करीब दस वर्ष पूर्व नगर के मोहल्ला आलदरम्यान में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले इमरान के साथ हुई थी, जिसके बाद उसने अपनी कोख से तीन बच्चों को जन्म दिया। करीब डेढ माह पूर्व पति और पत्नी के बीच किसी विवाद को लेकर पत्नी अपने दो बच्चों फलक 7 वर्ष और हरम 5 वर्ष को घर पर ही छोड कर मायके में चली गई थी। जबकि गोद की बच्ची को साथ ले गई। आरोप है कि सात वर्षीया फलक को पति इमरान ने अपने दो सगे भाइयों के साथ मिलकर जहर दे दिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगडती चली गई। उल्टिया होनी शुरू हुई, तो परिजन उसे नगर के ही प्राईवेट चिकित्सक के यहां ले गए, जहां से उसे रेफर कर दिया। शामली जाते समय बालिका ने दम तोड दिया। यह घटना सोमवार की शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। बालिका की अचानक मौत की सूचना मोहल्ले में ही रहने वाले मृतका के मौसा अरशद ने उन्हें फोन पर दी, जिस पर रात्रि करीब दो बजे पत्नी अपने तीन भाइयों व अन्य मायके वालों के साथ पंजाब से कैराना पहुंची। जहां मां अपनी मृतक बेटी के शव को देख वह फफक पडी। मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को लेकर उसने अपने पति सहित उसके दो भाइयों द्वारा जहर देकर बेटी मारने की सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे परीक्षण हेतु पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि मौके से आरोपी फरार हो गए। उधर, कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त का कहना है कि पत्नी की तहरीर के आधार पर उसके पति इमरान तथा इसके भाइयों अहसान व इरफान पुत्रगण जहूर के विरूद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले की जांच की जा रही है।
पंजाब से वापस भेज दिए थे दोनों बच्चे
आरोपित इमरान के घर मौजूद उसके पारिवारिक लोगों ने घटना के संबंध में बताया कि मृतक बालिका ने घर में रखी दूध की मलाई को खा लिया था, जबकि उसमें पहले से ही उसके छोटे भाई ने घर में रखी मोर्टिन डाल दी थी और जब वह बाहर बच्चों में खेल रही थी कि तभी अचानक से उसे उल्टियां होने के चलते तबीयत बिगडी थी। बताया गया कि करीब पंद्रह दिन पहले पिता अपने दोनों बच्चों को लेकर पंजाब पत्नी के पास उन्हें छोडने के लिए गया था, लेकिन पत्नी ने उन्हें वापस ही साथ में भेज दिए थे। अब पत्नी को पता क्या था कि उसकी एक बच्ची जिंदा नहीं रह पाएगी। मृतका कक्षा एक की छात्रा थी।
...और कार्रवाई के शिकंजे में फंस गया बाप
बालिका की मौत हो गई। भले वह कैसे भी हुई। लेकिन परिजनों का कहना था कि उन्हें इसकी सूचना तक नहीं की गई। मोहल्ले में ही दूसरी गली में रहने वाले मृतक की मां के बहनोई अरशद ने उन्हें फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी। तब वह यहां पहुंचे। शायद हो सकता था कि बाप व उसके दो भाई कार्रवाई से बच जाते, यदि उन्हें खुद सूचना दी होती। फिर यहां उनके पहुंचने पर बताया गया कि वह मलाई में मच्छरों की मोर्टिन पी गई। यहीं से उन्हें जहर देकर मारने का शक हो गया। जहर के आरोप में ही हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया।
शामली में दफनाया शव
ननिहाल वाले मृतक बालिका फलक का शव पोस्टमार्टम हाउस से उठाकर शामली में ही अपनी रिश्तेदारी में ले गए। जहां पर उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

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