फर्जी लूट व गोलीकांड का पटाक्षेप, तीन गिरफ्तार...लेनदेन के विवाद में विपक्षी को फंसाने के लिए खुद नौकर को मरवाई थी गोली, तमंचा बरामद

फर्जी लूट व गोलीकांड का पटाक्षेप, तीन गिरफ्तार...लेनदेन के विवाद में विपक्षी को फंसाने के लिए खुद नौकर को मरवाई थी गोली, तमंचा बरामद

कैराना। गांव मन्नामजरा माजरा मार्ग पर एक दिन पहले हुए लूटपाट व गोलीकांड में पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस का कहना है कि लेनदेन के विवाद में पशु व्यापारी ने अपने विपक्षी को फंसाने के लिए झूठा षड्यंत्र रचा था और युवक से अपने नौकर को गोली मरवाकर 52 हज़ार की फर्जी लूट दर्शा दी थी। पशु व्यापारी सहित पकड़े गए तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले में दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

शनिवार को कोतवाली कैराना पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी गई थी मन्नामजरा रोड पर ट्यूबवेल के निकट पांच बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर 52 हज़ार रुपये की नकदी लूट ली है, जिस पर कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर गए थे, तब तक पीआरवी द्वारा गोली लगने से घायल युवक अमजद उर्फ लाला निवासी आर्यपुरी देहात को जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया था।

मामले में सूचने देने वाले लोगों से पूछताछ की गई, तो पुलिस को मामला संदिग्ध दिखा और कई झोल भी नजऱ आए, जिसके बाद पुलिस ने घायल अमजद से कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया। सीओ ने बताया कि घायल अमजद उर्फ लाला आर्यपुरी देहात निवासी पशु व्यापारी तालिब के यहां नौकरी किया करता था, जिसमें व्यापारी की रंजिश अपने विपक्षी अहसान के साथ लेनदेन के विवाद में चल रही थी। इसी में पशु व्यापारी तालिब ने अपने साथी शारिक व अरबिन के साथ मिलकर फर्जी लूट व गोली कांड की पटकथा लिखी और मन्नामजरा गांव निवासी बिलाल से अपने नौकर अमजद के हाथ में तमंचे से गोली मरवा दी थी। मामले में घायल के भाई साजिद पुत्र इरशाद निवासी आर्यपुरी की ओर से पशु व्यापारी तालिब सहित भूरा, बिलाल, शारिक व अरबिन के विरूद्ध मुकदमा दर्ज दिया था। घायल का फिलहाल उपचार चल है। आज सुबह 10 बजे कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने शामली रोड पर स्थित पब्लिक इंटर कॉलेज के निकट से पशु व्यापारी तालिब पुत्र यूसुफ भूरा उर्फ शारिक पुत्र तालिब निवासीगण आर्यपुरी देहात तथा बिलाल पुत्र हारून निवासी ग्राम मन्नामजरा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी फरार हो गए। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत उपरोक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का एक तमंचा भी बरामद किया। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

अधिवक्ता की भूमिका भी संदिग्ध

सीओ ने बताया कि उक्त मामले में एक अधिवक्ता का नाम भी सामने आ रहा है, जिसमें उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। आरोपियों को षड्यंत्र के तहत फजऱ्ी घटना दर्शाने की सलाह किसने दीए तमाम बिंदुओं पर पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है। पुलिस झूठी घटना का षड्यंत्र रचने वाले किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है।

जाली करेंसी में जेल काट चुका है अरबिन

घटनाक्रम में नामजद अरबिन के बारे में सीओ ने आगे बताया कि उक्त आरोपी दिल्ली में भारतीय जाली करेंसी बरामदगी के मामले में जेल काट कर आ चुका है। वर्तमान में वह अपराध की दुनिया में आगे बढऩा चाहता है, जो मौके से फरार हो गया। पुलिस को आरोपी की सरगर्मी से तलाश है।

पुलिस की तत्परता की हो रही प्रशंसा

लूट और ऊपर से गोली मारने की घटना खाकी की कार्यशैली पर सवालिया निशान ज़रूर लगाती है, लेकिन इस घटना में पुलिस की तत्परता की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। पुलिस ने कत्र्तव्य निष्ठा के साथ फर्जी घटना का जो राजफाश किया है और निर्दोषों को जेल जाने से बचाया है, उससे पुलिस को खूब वाहवाही मिल रही है।

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