फिर उफान पर यमुना, चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर...चिंता में पड़े क्षेत्रवासी

फिर उफान पर यमुना, चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर...चिंता में पड़े क्षेत्रवासी

कैराना। पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही वर्षा के चलते यमुना नदी एक बार फिर उफन आयी है। हथिनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ जाने के कारण यमुना नदी में मंगलवार को प्रति सैकेंड के हिसाब से 31,342 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज चलता रहा। इससे यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब महज 10 सेंमी नीचे रह गया है, जिसे लेकर किसान व तटवर्ती लोगों में दहशत पसरनी शुरू हो गई है।

मानसून के चलते यमुना नदी का जलस्तर कभी बढ़ रहा है, तो कभी घट जाता है। पिछले माह हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना बौरा गई थी, जिसके बाद जलस्तर खतरे के निशान 231 से भी 60 सेंमी ऊपर पहुंच गया था। हालत यह हो गई थी कि क्षेत्र के ग्राम नंगलाराई, मंडावर, मवी, हैदरपुर, रामड़ा, मोहम्मदपुर राई आदि गांवों में किसानों की सैकड़ों की बीघा फसल यमुना के पानी में बह गई थी। यही नहीं, हरियाणा की ओर लघु बांध भी टूट गया था। हालांकि, उस पर काबू पा लिया गया था। बाद में यमुना नदी शांत हो गई थी।

इसके बाद यमुना का जलस्तर 228.50 मीटर पर सामान्य चल रहा था। कभी-कभार में इसमें बढ़ोत्तरी भी हो जाती थी, लेकिन फिर से जलस्तर सामान्य हो जाता था। मंगलवार को यमुना नदी एक बार फिर उफन आयी है। यमुना के जलस्तर में एकाएक बढोत्तरी होने के साथ ही पानी का बहाव 229.30 मीटर पर है। यहां से चेतावनी बिंदु महज 10 सेंमी नीचे है। दरअसल, सोमवार को हथिनीकुंड बैराज पर स्थित डेम पर पानी डिस्चार्ज होने की मात्रा प्रति सैकेंड 31,342 क्यूसेक रिकॉर्ड की गई थी।

बैराज कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह 6 व 7 बजे पानी डिस्चार्ज होने की मात्रा 5,489 क्यूसेक प्रति सैकेंड दर्ज की। जबकि 11 व 12 बजे पानी डिस्चार्ज होने की मात्रा 18,542 क्यूसेक प्रति सैकेंड रही।

दूसरी ओर, मौसम विभाग द्वारा दो दिन तक पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी से क्षेत्र के बाशिंदे बाढ़ के खतरे को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। यदि बारिश ठीक-ठाक हुई, तो तय है कि यमुना का जलस्तर और बढ़ जाएगा।

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