सीमा के फेर में उलझ गया यूपी के किसानों का इंसाफ...यूपी-हरियाणा सीमा विवाद: घटनास्थल एक, दो राज्यों में मुकदमे दर्ज, चार्जशीट भी दाखिल

सीमा के फेर में उलझ गया यूपी के किसानों का इंसाफ...यूपी-हरियाणा सीमा विवाद: घटनास्थल एक, दो राज्यों में मुकदमे दर्ज, चार्जशीट भी दाखिल

कैराना। उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा विवाद के फेर में यूपी के किसानों का इंसाफ उलझकर रह गया है। 2०17 में यूपी की सीमा में दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच हुए खूनी संघर्ष के प्रकरण में यूपी ही नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस में भी अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज किए, जिसके बाद कैराना और सनौली थाने से संबंधित कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मवी गांव निवासी पवन सिंह और शिवकुमार कोतवाली कैराना पहुंचे। बताया कि 5 मई 2017 को फसल काटने को यूपी-हरियाणा सीमा विवाद के चलते दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था, जिसमें आधा दर्जन से अधिक किसान लहुलुहान हो गए थे। आगजनी और फायरिंग भी हुई थी। हालांकि, गोली किसी को नहीं लगी थी। बाद में यूपी के किसानों की ओर से अतर सिंह ने हरियाणा के रिश्पुर के 17 किसानों के खिलाफ कोतवाली कैराना पर जानलेवा हमला व अन्य संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप है कि उधर सनौली पुलिस ने भी हरियाणा के किसानों से साठगांठ करके घटनास्थल यूपी की सीमा का होने के बावजूद भी उनके 17 किसानों के खिलाफ क्रॉस में केस दर्ज करा दिया। मामले में जहां कैराना पुलिस ने यहां कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी, तो वहीं हरियाणा पुलिस ने भी हरियाणा कोर्ट में चार्जशीट लगा दी। किसानों ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने कोर्ट में अपना तर्क जो दिया है, उसमें यूपी की जमीन दर्शाई गई है। 10 अगस्त 2018 में हरियाणा हाईकोर्ट ने कैराना एसडीएम ने संभालखा सहित कैराना एसडीएम को तलब किया, जिस पर कैराना एसडीएम ने कोर्ट में जमीन को यूपी की सीमा का होना बताया। किसानों ने पुलिस से न्याय दिलाये जाने की गुहार लगाई है।

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