नगरपालिका कार्यालय पर हमला, मारपीट-तोडफ़ोड़...कब्रिस्तान प्रकरण में पालिका की आख्या रिपोर्ट की प्रति लेने को लेकर हुआ विवाद, कुर्सी, शीशे व दस्तावेज फाड़े

कैराना। कब्रिस्तान की भूमि पर पालिका द्वारा कराये गए सबमर्सीबल की शिकायत पर आख्या रिपोर्ट की प्रति लेने नगरपालिका कार्यालय में गए दर्जनों लोगों की पालिकर्मियों से विवाद होने पर मारपीट हो गई। आरोप है कि कार्यालय में रखी कुर्सियां, शीशों में तोडफ़ोड़ करने के साथ ही वहां रखे कीमती दस्तावेजों को भी फाड़कर खुर्द-बुर्द कर दिया गया। मारपीट में तीन पालिकाकर्मियों सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना पाकर कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली और घायलों का सीएचसी पर उपचार कराया। वहीं, पुलिस ने जलकल लिपिक सहित दोनों पक्षों के पांच लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।

गत दिनों नगर पालिका परिषद कैराना की ओर से कस्बे के मोहल्ला रेतावाला में स्थित गोरे गरीबां कब्रिस्तान की भूमि पर पानी की सप्लाई देने हेतु सबमर्सीबल लगाने का कार्य किया गया था। उस समय कस्बे के कुछ लोगों ने सबमर्सीबल लगाने का विरोध भी किया। इस बीच बोरिंग का कार्य पूर्ण भी हो गया। इसी मामले को लेकर दर्जनों लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर मामले की शिकायत डीएम से कर दी थी। इसके अलावा दरबारखुर्द मोहल्ला निवासी इसरार ने ऑनलाइन जनसुनवाई पर शिकायत कर दी, जिसके बाद डीएम कार्यालय द्वारा पालिका से आख्या मांगी गई थी, जिस पर पालिका ने आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी, जहां से शिकायकर्ता को भी आख्या की प्रति दी गई। गुरूवार दोपहर करीब दो बजे मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों ने एसडीएम को आख्या की प्रति पढऩे योग्य नहीं होने की बात कहते हुए उसे दोबारा उपलब्ध कराने की मांग की, जिस पर एसडीएम ने पालिका के ईओ के नाम आदेश दिए। इसके बाद ये सभी लोग पालिका कार्यालय में पहुंचे, जहां जलकल विभाग में मौजूद लिपिक इनाम बाबू को एसडीएम के आदेश दिखाते हुए आख्या की प्रति तुरंत उपलब्ध कराने की बात कही, जिस पर जलकल लिपिक ने शाम या फिर कल तक दे दिए जाने का आश्वासन दिया। इसी बीच पालिकाकर्मियों व लोगों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि तभी दर्जनों की भीड़ ने जलकल विभाग कक्ष व कार्यालय अधीक्षक के कार्यालय में तोडफ़ोड़ कर दी। वहां रखी कुर्सियों तथा शीशों में तोडफ़ोड़ करने के साथ ही सरकारी कीमती रजिस्ट्ररों को भी फाड़ खुर्द-बुर्द कर दिया। मारपीट के दौरान नगरपालिका के जलकल लिपिक इनाम बाबू, कर्मचारी मोहसिन व फरमान तथा दूसरे पक्ष के नाजिर हसन निवासी ग्राम पावटीकलां, नौशाद निवासी मोहल्ला रेतावाला, अकबर निवासी मोहल्ला दरबारकलां तथा शादाब निवासी मोहल्ला दरबारखुर्द घायल हो गए। पालिका कार्यालय में तोडफ़ोड़ की सूचना पाकर कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त भारी पुलिसफोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तथा मामले की जानकारी ली। उन्होंने मौके से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया, जहां पर उन्हें उपचार दिया गया। वहीं, आरोपित नाजिर हसन ने पुलिस के समक्ष आरोप लगाते हुए कहा कि वें तो केवल आख्या की प्रति ही लेने आए थे, उनके साथ पालिकाकर्मियों द्वारा ही मारपीट की गई। मामले में तहरीर दे दी गई है।

-इनका कहना है...

''नगरपालिका के अध्यक्ष हाजी अनवर हसन का कहना है कि घटना से चंद मिनट पहले ही वह कार्यालय से गए थे। जब 30-40 लोगों द्वारा कार्यालय पर हमले व तोडफ़ोड़ की सूचना मिली, तो तुरंत मौके पर पहुंचे। पालिकार्मियों ने हमलावरों को आख्या एक-दो दिन में उपलब्ध करा देने की बात कही थी, जिसके बाद उन्होंने मारपीट कर तोडफ़ोड़ कर दी।''

''कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त ने बताया कि मामले में आरोपी पक्ष के नौशाद निवासी रेतावाला, अकबर दरबारकलां, शादाब दरबारखुर्द तथा नगर पालिका के इनाम बाबू एवं मोहसिन का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। तहरीर आने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी।''

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