मिथलेश पाल होगी सपा प्रत्याशी...पहले ही प्रयास में पार्टी हाईकमान का विश्वास जीतने में कामयाब रही पूर्व विधायक

मिथलेश पाल होगी सपा प्रत्याशी...पहले ही प्रयास में पार्टी हाईकमान का विश्वास जीतने में कामयाब रही पूर्व विधायक

मुजफ्फरनगर। स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी होनेे के उपरांत एक नवंबर से नामांकन की प्रक्रिया जारी है। नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन की प्रातः तक भी नगर की पालिका परिषद के चेयरमैन पद को लेकर किसी भी बड़ी पार्टी सपा, कांग्रेस, भाजपा व बसपा के द्वारा अपने पत्ते नहीं खोले गये थे। सभी एक दूसरे की ओर देख रहे थे। माना यह जा रहा था कि सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी की ओर अपने पत्ते खोलते हुए प्रत्याशी का नाम जारी किया जाएगा। वहीं सपा केे पार्टी सूत्रों के द्वारा यह कहा गया था कि वह भाजपा की नीति को लेकर चलेंगे अर्थात जिस समाज का भाजपा अपना प्रत्याशी चुनावी समर में लेकर आएगी। हम भी उसी के अनुसार अपने प्रत्याशी को उतारेंगे। वहीं कांग्रेस देखो और चलो की नीति पर कायम है। पार्टी सूत्रों के अनुसार वह पुराने महारथी के परिवार से ही किसी को लाना चाहती है। बसपा की यदि बात की जाए, तो वह वह इस चेयरमैन पद की दौड़ से एकदम बाहर प्रतीत हो रही है। उसे तो खोज से चेयरमैन पद की बात तो दूर की, सदस्य पद को लेकर भी प्रत्याशी खोजे से नहीं मिल पा रहे हैं। उसकी झोली में जो एक दो मोती बचे थे, वह उसे अलविदा कह चुके हैं। वहीं सपा ने आज हाल ही में एक बड़ी पार्टी को अलविदा कह कर साईकिल की सवारी करने वाली पूर्व विधायक पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी समर में उतार दिया है। उनके प्रत्याशी घोषित होते ही उनके खेेमे में खुशी चरम पर नजर आयी, वहीं राजनीतिक हल्को में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर पर अपने पत्ते खोल ही दिये, वह भी अपने नीति में परिवर्तन करते हुए। इससे पहले सपा की ओर से सात नगर पंचायत सहित एक नगर पालिका खतौली को लेकर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी गयी थी। केवल नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर व नगर पंचायत भोकरहेड़ी पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की थी। आज भी केवल नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर पर राष्ट्रीय लोकदल से किनारा करते हुए साईकिल की सवारी करने वाली पूर्व विधायक मिथलेश पाल पर सपा हाईकमान द्वारा पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें चुनावी समर में उतारते हुए टिकट दिया गया। उनके चुनाव में आने से नगर पालिका की सीट पर मुकाबला दिलचस्प होना माना जा रहा है। उनकी पाल समाज में अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिसका सीध लाभ उन्हंे मिलेगा। वहीं दूसरी ओर उन्हें सपा के वोट बैंक कहे जाने वाले मुस्लिम समाज का भी पूरा समर्थन मिलेगा। मिथलेश पाल हाल ही में राष्ट्रीय लोकदल का दामन छोडकर 26 अक्टूबर को लखनउ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष सपा में शामिल हुई थी, इनके साथ ही बसपा से आये राकेश शर्मा व जिला पंचायत सदस्य हरेन्द्र शर्मा भी साईकिल पर सवार हुए थे। मिथलेश पाल के सपा में शामिल होते ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था कि वह ही नगरपालिका परिषद की चेयरमैन पद की पार्टी उम्मीदवार होंगी। वहीं भोकरहेड़ी सीट पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि यह एससी सीट है, जिसके चलते सपा को प्रत्याशी खोजने में समय लग रहा है। वहीं यदि भाजपा की बात की जाए, तो पार्टी सूत्रों का कहना था कि शनिवार की शाम तक प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिये जाएंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से भी कहा गया है कि रविवार तक प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर दिये जाएंगे। बसपा को तो अध्यक्ष की क्या बात की जाए, सदस्य के लिए भी प्रत्याशी नहीं मिल पा रहे हैं, वह घोषित क्या करेगी।

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