डोप में फेल, एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता प्रियंका पंवार पर लगा आठ साल का बैन

डोप में फेल, एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता प्रियंका पंवार पर लगा आठ साल का बैन

मुजफ्फरनगर। भारत की 400 मीटर की शीर्ष धावक प्रियंका पंवार को प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवा के लिए पाजीटिव पाए जाने पर आज आठ साल के लिए प्रतिबंधित किया गया जिससे उनका करियर लगभग समाप्त हो गया।
एशियाई खेलों की इस 29 वर्षीय स्वर्ण पदक विजेता को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के अनुशासनात्मक पैनल ने निलंबन की सजा सुनाई। इस एथलीट के पिछले साल हुए परीक्षण के नतीजे के आधार पर नाडा पैनल ने यह फैसला सुनाया।
नाडा प्रमुख नवीन अग्रवाल ने बताया, जुलाई 2016 से उसे आठ साल के लिए निलंबित किया गया है। प्रियंका का नमूना मेफेनटेरमाइन के लिए पाजीटिव पाया गया था जो एक शक्तिवर्धक दवा है। नाडा की संहिता के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन के मामले में दूसरी बार पकड़ा जाता है तो उस पर आठ से लेकर अधिकतम आजीवन प्रतिबंध लग सकता है।
प्रियंका को इससे पहले 2011 में हुए डोप परीक्षण में पांच अन्य एथलीटों के साथ एनाबोलिक स्टेरायड के लिए पाजीटिव पाया गया था और उन पर दो साल का निलंबन लगा था। 29 वर्षीय प्रियंका यूपी के मुजफ्फरनगर की रहने वाली है।
इंचियोन एशियाई खेल 2014 में चार गुणा 400 मीटर महिला रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रियंका को पिछले साल राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पाजीटिव पाया गया था। इस फैसले के बाद उनके परिजनों ने मीडिया से भी बात करने से इंकार कर दिया। उनके लाल बाग स्थित आवास पर सन्नाटा पसरा है।

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