बुढ़़ाना कोतवाली प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

बुढ़़ाना कोतवाली प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

मुजफ्फरनगर। बार-बार न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में सीजेएम ने बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व 30 अगस्त को न्यायालय के सम्मुख उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दायर वाद के अनुसार पांच अगस्त 2016 को बुढ़ाना क्षेत्र के गांव राजपुर छाजपुर निवासी चन्द्रपाल के पुत्र विकास का मनोज उर्फ बिट्टू, अमरजीत उर्फ कल्लू, रिषिपाल व राहुल आदि ने अपहरण कर लिया था, जिसकी रिपोर्ट तत्समय ही कोतवाली में दर्ज करायी गयी थी, लेकिन पुलिस की आरोपियों से मिलीभगत के कारण अपहृत विकास को एक लाख की फिरौती देकर ही मुक्त कराया जा सका था।
आरोप है कि इसके बाद 31 मार्च 2017 को बुढ़ाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अरूण त्यागी ने चन्द्रपाल व उसके घर पर मौजूद रिश्तेदार को जबरन ले जाकर हवालात बन्द कर दिया, जिसके बाद आरोपी मनोज व राहुल ने पुलिस के सामने ही दस लाख रूपये या दो बीघा जमीन नाम करने का दबाव बनाया और षड़यंत्र के तहत थानाध्यक्ष से मिलीभगत करके दोनों की जमानत कराकर ले गये थे। उक्त की शिकायत चन्द्रपाल ने एसएसपी, आईजी, डीआईजी सहित सीएम, पीएम आदि को भी की थी, लेकिन कहीं से कुछ मदद नहीं मिली, जिसके बाद 29 मई 2017 को मनोज उर्फ बिट्टू, अमरजीत उर्फ कल्लू, रिषिपाल, राहुल, बुढ़ाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अरूण त्यागी, एसआई विनोद व विरेन्द्र कसाना के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोर्ट में पीडित के वकील प्रमोद कुमार सैनी ने बताया कि न्यायालय ने 27 जुलाई 2017 को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करके मामले की विवेचना करने के आदेश दिये थे, परन्तु थानाध्यक्ष ने न्यायालय का पालन नहीं किया। इसके बाद न्यायालय ने अब बार-बार बुलाने पर भी न्यायालय में उपस्थित नहीं होने, न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने के लिए थानाध्यक्ष चमन सिंह चावडा के खिलाफ धारा 349 के तहत वाद दर्ज करने के साथ ही चावडा को 30 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए समन जारी किये हैं।

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