सचिव भुवनेश कुमार, मण्डलायुक्त सहारनपुर दीपक अग्रवाल, डीएम मुजफ्फरनगर ने उद्यमियों, व्यापारियों के साथ जीएसटी पर किया सेमीनार

सचिव भुवनेश कुमार, मण्डलायुक्त सहारनपुर दीपक अग्रवाल, डीएम मुजफ्फरनगर ने उद्यमियों, व्यापारियों के साथ जीएसटी पर किया सेमीनार

मुजफ्फरनगर। सचिव व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा भुवनेश कुमार ने कहा कि 01 जुलाई 2017 से पूरे देश में एक साथ जीएसटी लागू किया जाना प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र एक कर, एक बाजार के सिद्धांत के आधार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यापारियों, किसानो, उपभोक्ताओं तथा आम जन के हित में है। केंद्र व राज्य सरकार के टैक्स विभागों के अधिकारी छोटी-छोटी कमियों पर व्यापारियों को नोटिस जारी कर दिया करते थे, जिसके कारण व्यापारियो एवं उद्यमियो को सरकारी विभागो को चक्कर लगाने पडते थे। इससे उनका समय एवं धन अनावश्यक तौर से खर्च होता था। उन्होंने कहा कि अब जीएसटी व्यवस्था में समस्त कार्य आनलाइन हो गये है।
सचिव भुवनेश कुमार, मण्डलायुक्त सहारनपुर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर जीएस प्रियदर्शी, अपर आयुक्त वाणिज्यकर सहारनपुर व मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल आज यहां वृन्दावन गार्डन में उद्यमियों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं तथा आबकारी एवं अन्य सम्बन्धित के साथ सेमीनार को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र के 17 कर जैसे वैट, केन्द्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर, परचेज कर, लग्जरी कर को मिलाकर एक कर प्रणाली जीएसटी बनाया गया है। जीएसटी लागू होने से व्यापारियों, उद्यमियों को पेपर वर्क से छुटकारा मिलेगा और सभी कार्य ऑनलाईन जीएसटी पोर्टल पर किये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी में खद्यान, गेहूं, चना, दाल, चावल, बेसन, मैदा आदि को कर मुक्त किया गया है। व्यापारी स्वयं रिटर्न दाखिल कर सकते है अथवा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अथवा जीएसटी सुविधा प्रोवाईडर के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
सचिव ने कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से समय की बचत हुई है और कार्य में तेजी आयेगी। नये सिस्टम में आने से शुरु में कुछ दिक्कत आयेगी। लेकिन धीरे-धीरे सामान्य यह लगने लगेगा। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि जीएसटी के प्रचार प्रसार एवं जागरूकता हेतु जनपद में विभिन्न कार्यशाला आयोजित की गयी जो काफी सफल रही। जीएसटी आजादी केे बाद से अब तक का सबसे बड़ा कर सुधार है। उन्होंने बताया कि वस्तुओं के टैक्स में कमी आने से कीमतों में कमी आयेगी। डीएम ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से व्यापारियों एवं उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण एवं ऑनलाईन आवेदन आदि कराने के लिए अलग से उनको भी टेेंड किया गया। उन्होंने बताया कि व्यापारी इस नये कॉन्सेप्ट को समझे और अपनी सहभागिता निभायें। उन्होंने बताया कि जीएसटी में पंजीयन की सीमा 5 लाख रू से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि इस कदम से हमारे छोटे व्यापारी रजिस्ट्रेशन के दायरे से बाहर हो जायेगे और तमाम झंझटों से मुक्त होकर अपना व्यवसाय कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान योजना इन व्यापारियो के लिए अत्यन्त लाभकारी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 80 प्रतिशत व्यापारी इस योजना से सरकारी अधिकारियों व दफ्तरों की भागदौड़ से बाहर हो जायेंगे। जीएसटी की इन सुगम व्यवस्थाओं से छोटे और मझौले व्यापारी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि बाकी 20 प्रतिशत बड़े उद्यमियो एवं कारोबारियों के लिए भी नई जीएसटी व्यवस्था में अनेक सुविधाएं हैं। इस अवसर पर सचिव भुवनेश कुमार, मण्डलायुक्त सहारनपुर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर जीएस प्रियदर्शी, अपर आयुक्त वाणिज्यकर सहारनपुर व मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल मौजूद थे।

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