राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर से जवाब तलब किया

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर से जवाब तलब किया

मुजफ्फरनगर। सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश सालारपुर की शिकायत पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर से जवाब तलब किया
है। अभिभावक शिक्षक मंच का गठन अनिवार्य होता है जिसका विवरण स्कूल की वेबसाइट पर होना जरूरी है । सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में केवल सीबीएसई के लिए जवाब देता था ।

लेकिन सितंबर से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जिला स्तरीय निजी स्कूलों से संबंधित फीस कानून अभिभावक शिक्षक मंच के गठन के लिए विशेष प्रावधान किया गया है जिले में जिलाधिकारी को इसका अध्यक्ष बनाया गया है और उन्हीं को इसके गठन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी को अब अभिभावक शिक्षक छात्र कमेटी का गठन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त हो गया है। स्कूलों को इसकी जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी डालनी होती है।

हर तीसरे महीने विद्यालयों में सीसीटीवी आदि का निरीक्षण अभिभावकों को कराना होता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है । जिस कारण दुर्घटनाएं घटित होती रहती हैं और अभिभावकों की नाराजगी बनी रहती है तथा शिक्षकों को भी शिकायत करने का जरूरी मौका नहीं मिल पाता है। आज के समय में जरूरी हो गया है शिक्षक अभिभावक समय-समय पर बैठक करते रहे तथा बच्चों को होने वाली समस्याओं का हल सद्भाव पूर्ण वातावरण में आसानी से किया जा सके ।

फीस बढ़ाने तथा यूनिफॉर्म बदलने के लिए भी स्कूल की अभिभावक शिक्षक मंच की सहमति होना आवश्यक बताया गया है। जिससे प्रबंधकों का एकाधिकार समाप्त हो सके। लोकेश को आशा है की जिलाधिकारी महोदय उचित कार्यवाही कर सभी स्कूलों में अब से लागू कर आएंगे।

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