प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पूर्ण पारदर्शिता अपनाई जायेः प्रियदर्शी

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पूर्ण पारदर्शिता अपनाई जायेः प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी ने बताया कि आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश लखनऊ के द्वारा सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अन्तर्गत परिवारांे को लाभान्वित कराये जाने के लिए जो सूची भारत सरकार द्वारा तैयार करायी गयी है, उसमें चिन्हित परिवारों के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अनेक परिवार हैं, जो पात्रा होने के बावजूद भी इस सूची में शामिल होने से वंचित रह गये हैं, उन छूटे हुए लाभार्थियों को मार्ग निदेर्शिका के प्रस्तर 4.4.4 से 4.6.2 तक प्रक्रिया निर्धारित की गयी है। मार्ग निर्देशिका में निहित प्राविधान के अनुसार कार्यवाही करते हुए पात्र परिवार शामिल किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इसको पूर्ण पारदर्शिता बनाये रखने के लिए निर्धरित समय सारणी में 15 जुलाई तक गांव सभा द्वारा सत्यापित सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सत्यापित सूची का आवास सॉफ्ट पर दर्ज करते हुए स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी की जायेगी, 16 से 29 जुलाई तक आपत्तियांे व शिकायतंे प्राप्त होने पर उसकी जांच व आख्या प्रेषण उपरान्त जनपद स्तर पर गठित अपीलीय समिति द्वारा उक्त का निस्तारण किया जायेगा। 30 जुलाई से ग्राम पंचायतवार तैयार की गयी अन्तिम स्थाई प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन एवं उसे वबसाईट पर भी दर्ज कराया जायेगा तथा 4 अगस्त को अन्तिम स्थाई प्रतीक्षा सूची को निर्धरित प्रारूप पर आयुक्त ग्राम्य विकास उप्र लखनऊ को प्रेषित की जायेगी।
उन्होंने बताया कि चयन व आवास निर्माण का मानक योजनान्तर्गत सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के आंकडों के आधर पर ग्राम पंचायतवार आवासहीन, झोपडी में रहने वाले एवं कच्चे आवास में निवास करने वाले परिवारों का चयन किये जाने की व्यवस्था है। आवास का न्यूनततम क्षेत्राफल 25 वर्गमीटर है, जिसमंे किचन निर्माण की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रूपये की सहायता लाभार्थी को तीन किश्तांे में जारी की जायेगी। लाभार्थी द्वारा स्वयं की मजदूरी करने पर मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी का भुगतान अंकन 174 रूपये की दर से एवं पंचायत राज विभाग द्वारा शौचालय निर्माण के लिए 12000 रूपये तक की लागत की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध् करायी जायेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पात्राता सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 में दर्ज ऐसे परिवार, जो आवासहीन, झोपडी में रहने वाले एक व दो कमरा कच्चा व जिसकी छत एवं दीवारंे दोनांे कच्ची हो तथा वे भारत सरकार की अर्नहकारी 13 मानकों परिवार, जिनके पास मोटर चालित टू/थ्री/फोर व्हीलर, मछली पकडने वाली नाव, यंत्रा चालित थ्री/फोर प्हीलर कृषि यंत्र, जिनके पास 50 हजार रूपये से अधिक लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड, परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में हो, परिवार का कोई सदस्य 10 हजार रूपये से अधिकआय प्राप्त करता हो, परिवार जो आयकर का भुगतान करते हैं, परिवार जो व्यवसायिक कर का भुगतान करते हो, स्वयं का फ्रीज हो, स्वयं का लेंडलाईन फोन हो, 2.5 एकड से अधिक सीचिंत भूमि तथा कम से कम एक सिंचाई का साधन यंत्र, परिवार जिनके पास 5 एकड या उससे अधिक सींचित भूमि, जिसमें दो या दो से अधिक फसल की जा रही हो तथा परिवार जिनके पास 7.5 एकड या उससे अधिक भूमि कम से कम एक सिंचाई यंत्र हो, इस अर्नहकारी वंचितता के 13 मानकों में से किसी भी एक या अधिक मानक से आच्छादित न हो। उन्हांेने बताया कि स्वतः शामिल होने वाले 5 मानक परिवार जो आवास विहीन है, निस्सहाय/भिखारी परिवार, मैला ढोने वाले परिवार, आदिम जनजाति समूह तथा वैधनिक रूप से मुक्त मजदूर है, को शामिल किया जायेगा।

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