मुजफ्फरनगर: बैंक ने की किसान से धोखाधडी, जमकर हंगामा

मुजफ्फरनगर: बैंक ने की किसान से धोखाधडी, जमकर हंगामा

मंसूरपुर। जहां एक और योगी सरकार ने किसानों के कर्ज माफी का एलान किया हुआ है। और बैंकों द्वारा कर्ज माफी की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश जारी किए हुए हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी पूरे जिले के बैंकों को नोटिस जारी किए हुए हैं कि जो किसान कर्ज माफी के दायरे में आ रहा है। उस किसान को कोई नोटिस न भेजा जाए। वहीं दूसरी ओर यूनियन बैंक की शाखा मंसूरपुर में एक अनपढ़ किसान के खाते से एक लाख अस्सी हजार रुपए की राशि जमा करने के बाद उसी तारीख में निकाल ली गई। बैंक द्वारा किए गए इस कार्य से अब किसान को कोई ऋण माफी की योजना का लाभ नहीं मिल सकता। किसान को जब इस बात की जानकारी हुई, तो उसने बैंक में हंगामा किया। मौके पर भारतीय किसान यूनियन नेता पहुंच गए और बैंक अधिकारी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और बैंक को बंद करने की चेतावनी भी दी। वही किसान ने इस मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है।
थाना क्षेत्र के गांव खानूपुर निवासी महावीर पुत्र खचेडू ने यूनियन बैंक की शाखा मंसूरपुर से क्रेडिट कार्ड बनवाया हुआ है, जिसमें बैंक का किसान की ओर एक लाख अस्सी हजार रुपए का लोन है। किसान के सेविंग खाते में सैतीस हजार पांच सौ साठ रुपए थे। बैंक अधिकारियों ने अनपढ़ किसान महावीर से दिनांक 30 जून को विड्राल पर अंगूठे के निशान लेने के बाद एक लाख अस्सी हजार रुपए जमा किए हुए दर्शा दिए और उसी तारीख में एक लाख अस्सी हजार रुपए निकाले हुए भी दर्शाये गये। इस प्रक्रिया के तहत जो किसान के अपने सेविंग खाते में सैतीस हजार पांच सौ साठ रुपए थे।
वह बैंक ने काटकर अब खाते को निल कर दिया गया है । बैंक द्वारा किए गए इस कार्य के अंतर्गत योगी सरकार द्वारा किए गए कर्ज माफी योजना के तहत किसान कर्ज माफी योजना के दायरे से बाहर चला गया है। इस सारे मामले की जानकारी जब किसान को हुई तो वह बैंक में गया और वहां जाकर हंगामा किया। बाद में ग्रामीणों द्वारा भारतीय किसान यूनियन यूपी संगठन मंत्री भूपेंद्र राठी को मौके पर बुलाया गया। उसने सारे मामले की जानकारी ली और बैंक में मौजूद फिल्ड आफिसर खेमचंद को खरी खरी सुनाई और बैंक को बंद करने तक की चेतावनी भी दी। भूपेंद्र राठी ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनपढ़ किसान के साथ बैंक ने धोखा किया है, इसकी भरपाई भी बैंक को करनी पड़ेगी। बैंक मैनेजर छुट्टी पर होने के कारण बैंक में मौजूद नहीं थे। बाद में किसानों ने थाने में जाकर बैंक के खिलाफ तहरीर दे दी है। किसान ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक की जाएगी।
उधर फील्ड आफिसर खेमचंद का कहना है कि किसान का खाता काफी दिनों से बंद चल रहा था, जिसको रिन्यू करने के लिए यह सब करना पड़ा है।

Share it
Share it
Share it
Top