मुजफ्फरनगर: कर्ज माफी योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीः जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर: कर्ज माफी योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीः जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी ने लघु व सीमांत किसानों के उन्नयन एवं सतत् विकास हेतु फसली ऋण मोचन योजना के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फसल ऋण योजना से सम्बन्धित कृषकों के आधर कार्ड एवं भूलेख आदि से सम्बन्धित डाटा तैयार रखे, जिससे एनआईसी को डाटा उपलब्ध होते ही कृषकों की ऋण माफी का कार्य प्रारम्भ किया जा सके। जिलाधिकारी ने जनपद में किसानों के सतत् विकास हेतु फसल ऋण मोचन योजना के लिए जिला स्तरीय समिति का भी गठन किया है। उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन हेतु कृषि विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है, जो अपने आय-व्ययक में योजना के पोषण हेतु आवश्यक राशि का प्राविधान करेगा और निस्तारण भी करायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग सम्प्रेक्षण की कार्यवाही भी अपने स्तर से सुनिश्चित करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कर्ज माफी योजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन और इससे जुडें किसानों की समस्याओं का हल जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि कृषि पारिस्थितिकीय तंत्र के प्रयास में प्रदेश सरकार कई कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि उत्पादकता में सुधार के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपना फसल की कटाई के बाद की हानियों को कम कराना, कौशल और अवस्थापना विकास, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करना आदि। उन्होंने बताया कि इन्हीं प्रयासों के तारतम्य में और किसानों को समय से राहत देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों के उन्नयन व सतत् विकास के लिए ऋण मोचन योजना तैयार कर लघु एवं सीमांत किसानों के सशक्तिकरण, उनकी कठिनाइयों को दूर करने, एवं कृषि को नवस्फूर्ति प्रदान किये जाने हेतु किया जाने वाला निवेश है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन से लघु एवं सीमांत किसानों को समता वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि योजना प्रधनमंत्री के 2022 तक किसानों की आय दो गुणा करने के विजन को प्राप्त करने में एक सार्थक कदम है। जिलाधिकारी ने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों के 31 मार्च 2016 तक लिए गये फसली ऋणों के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2016-17 में उनके द्वारा किये गये प्रतिभुगतान को समायोजित करने के उपरान्त अवशेष ऋण की राशि रूपये एक लाख तक की सीमा तक मोचन के लिए प्रतिबन्द है। उन्होंने बताया कि उप्र में निवास करने वाले किसान, जिनकी कृषि भूमि उप्र में है, एवं उनके द्वारा उप्र स्थित बैंक शाखा से फसली ऋण लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसान के स्वामित्व की विभिन्न भूमि का कुल क्षेत्रफल लघु किसान हेतु दो हेक्टर व सीमांत किसान हेतु एक हेक्टर से अधिक नहीं होगा। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर पट्टे पर दी गयी भूमि पर खेती करने के लिए किसान द्वारा लिया गया फसली ऋण योजना के मानदण्डों में सम्मिलित है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये कि 10 दिन मे बैंकों के माध्यम से भूमि या आधार संबंधी आंकड़ों की प्रविष्टि पोर्टल पर करनी सुनिश्चित कर ली जाये। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के आधार कार्ड नहीं बन सके हैं, वे यथाशीघ्र अपने आधार कार्ड बनवाकर बैंक खाते से लिंक करा लें। जिलाधिकारी ने जिला व तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कराकर प्रभारी के नाम और फोन नम्बर की सूचना संस्थागत वित्त महानिदेशालय को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने उप कृषि निदेशक कों निर्देश दियें कि हेल्पलाइन पर कर्ज माफी संबंधी किसानों की जिज्ञासा का हल करें। हेल्पलाइन के नम्बर से जिला नियंत्रण कक्ष को भी अवगत करा दें। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी का प्रमाणपत्र देने के लिए अनिवार्य रूप से कैम्प लगेंगें। उन्होंने कहा कि जिला स्तर, तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर भी होर्डिंग एवं बैनर लगाकर योजना के सम्बन्ध में किसान को जागरूक किया जाये।

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