31 घंटे बाद पटरी पर लौटी लौहपथ गामिनी

31 घंटे बाद पटरी पर लौटी लौहपथ गामिनी

मुजफ्फरनगर। सोमवार को खतौली के उत्कल हादसे से उभरते हुए मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन पर एक से चहल-पहल यात्रियों की नजर आयी, लेकिन यह आम दिनों के मुकाबले काफी कम थी। एक बार पिफर से ट्रेनों का शोर सुनायी पड़ा। ट्रेनों मे यात्रियों की संख्या आम दिनों के मुकाबले काफी कम रही। रविवार की देर रात्रि कार्य के चलते ट्रैक को ट्रेनों के सकुशल संचालन हेतु सुचारू किया गया। सोमवार को शान से लौहपथ गामिनी ने अपना पथ संचालन किया। मुजफ्फरनगर के स्टेशन पर टिकटघर सहित प्रतीक्षालय, पूछताछ केंद्र पर चहल-पहल नजर आयी। आज कुल ट्रेनों को रद्द भी किया गया। जिन ट्रेनों का आगमन हुआ, उसमें से अधिकतर अपने निर्धारित समय से कापफी विलंब से संचालित हुई। खतौली के उत्कल हादसे ने जनपद की जनता सहित कई राज्यों की जनता को हिला कर रख दिया था। यह हादसा कई परिवारों को न भरने वाला जख्त दे गया। जिसकी भरपाई कर पानी अत्यंत ही कठिन है।
शनिवार को शाम के समय खतौली रेलवे स्टेशन के समीप हुए हादसे के कारण दिल्ली-देहरादून-सहारनपुर मार्ग पूरी तरह से जाम होते हुए एक प्रकार से ट्रैक से उतर गया था। जिसके चलते आमजन जीवन भी एक प्रकार से ठहर सा गया था। हादसे के चलते कई ट्रेनों को रद्द किया गया तथा कइयों के रूट में परिवर्तन किया गया था। जिसके चलते मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन पर एक प्रकार से मरघट का सा सन्नाटा पसर गया था। सन्नाटे को एक आध सहायता के लिए भेजी गयी ट्रेन या वापस की गयी ट्रेनों ने तोड़ा था। पूछताछ केंद्र, प्रतीक्षालय, टिकटघर सहित स्टेशन परिसर में खोजे से भी यात्राी नही मिल रहा था। स्टेशन पर जो कुछ लोग नजर आ रहे थे, वह या तो रेलवे के कर्मचारी थे या खानाबदोश थे।
खतौली में घटनास्थल पर एक ओर जहां पड़े ट्रेन के डिब्बों को हटवाया जा रहा था, वहीं नष्ट हो चुके ट्रैक को भी सही कर यातायात के लिए सुचारू किया जा रहा था। यह सब रेलवे के उच्चाधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा था। उन्होंने बताया था कि रात्रि दस या ग्यारह बजे तक ट्रैक को सुचारू किया जाएगा। हुआ भी ऐसा ही। सोमवार को शान से उत्कल डाउन गुजरी। यह अपने निर्धारित समय से चालीस मिनट की विलंबता से आयी। इसे घटनास्थल पर से कापफी ध्ीमी गति से चलाया गया। यातायात सुचारू हो जाने के चलते एक ओर जहां रेलवे के अधिकारियों ने राहत की संास ली, वहीं दूसरी ओर आमजन ने भी राहत महसूस की। लोगों को कहना था कि घटना के होने के चलते एक प्रकार से जनजीवन ठहर सा गया था। सोमवार को शान से ट्रैक पर लौहपथ गामिनी को आने का लोगों द्वारा स्वागत किया गया।

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