123 फैक्ट्रियों पर मंडराये बंदी के बादल...जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किये बंदी के आदेश, रालोद ने विरोध में किया क्षेत्रीय अधिकारी का घेराव

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड मुजफ्फरनगर के जारी किये गये एक आदेश ने जनपद की एक नहीं दो नहीं बल्कि 123 फैक्ट्रियों पर बंदी के बादल मंडरा दिये हैं। जिसके चलते विरोध स्वरूप राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में रालोद की ओर से क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर का उनके कार्यालय पर घेराव किया गया। रालोद नेताओं का कहना था कि सीजन अभी तो प्रारंभ ही हुआ है, ऐसे में मिलों को बंद कर दिया गया, तो किसान कहां जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि वह किसी भी कीमत पर मिलों को बंद नहीं होने देंगे। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड मुजफ्फरनगर के द्वारा एनजीटी दिल्ली के आदेशानुसार दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के चलते जिला मुजफ्फरनगर क्षेत्र में 11 शुगर मिलों सहित कुल 123 पेपर मिल रिफैक्ट्रियों आदि को 9 नवंबर 2017 से आगामी 14 नवंबर 2017 तक बन्द करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आदेश के विषय में क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय के द्वारा प्रपत्र में वर्णन किया गया है। जिसमें कहा गया है कि एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के संबंध में राष्ट्रीय हरित अभिकरण, नई दिल्ली में विचाराधीन ओ.ए. संख्या 21/2014 वर्धमान कौशिक बनाम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित आदेश नौ नवंबर 2017 के अनुपालन में यह बंदी के आदेश जारी किये गये हैं। जिसमें आगे कहा गया है कि आदेशों के अनुपालन में अगली सुनवाई 14 नवंबर 2017 तक संबंधित ईकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। साथ ही कड़ी चेतावनी भी जारी की गयी कि यदि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों की अवहेलना पायी गयी, तो संबंधित इकाई के विरू( सीलिंग/विधिक कार्यवाही की जाएगी। इस आदेश ने मिल व पफैक्ट्रियों के मालिकों में हड़कंप मचा दिया है। जब इस बात की जानकारी राष्ट्रीय लोकदल को मिली, तो सभी रालोद के जिलाध्यक्ष अजित राठी अपने कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्राीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड, मुजफ्फरनगर के कार्यालय पर पहुंचे तथा इस संबंध में उनसे वार्ता की। इस बारे में जिलाध्यक्ष रालोद अजित राठी ने कहा कि यह एक प्रकार से तुगलकी फरमान है। अभी तो मिलों का सीजन चालू हुआ है। यदि इस समय पर मिलों को बंद कर दिया जाएगा, तो किसान बर्बाद हो जाएगा, वह अपना खेतों में खड़ा गन्ना लेकर कहां जाएगा। यह तो सीधे-सीधे किसान को बर्बादी की कगार पर ले जाने वाला है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय को चेतावनी दी गयी कि मिलों को रालोद किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देगी, यदि मिलों को जबर्दस्ती बंद कराया गया, तो रालोद चुप नहीं रहेगी। इसके लिए एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर जब इस विषय को लेकर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय से वार्ता करने की कोशिश की गयी, तो उनके द्वारा अपने पद के अनुसार आचरण नहीं किया गया। उनके द्वारा असभ्यता का परिचय दिया गया, उन्होंने कई बार फोन करने पर भी उसे नहीं उठाया। एक तरफ शुगर मिल बन्द न करने के लिए राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष अजित राठी कार्यकर्ताओं सहित उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय अधिकारी से मिले और शुगर मिल बन्द न करने के लिए कहा। वहीं कुछ पेपर मिलों के स्वामी भी मिले। उधर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड मुजफ्फरनगर के अवर अभियंता विपुल कुमार का कहना है कि अभी सिपर्फ 123 यूनिटों को बन्द करने के आदेश हुए हैं, अपितु यह संख्या बढ़ भी सकती है।

बंद होने वाली 123 फैक्ट्रियों की सूची

मुजफ्फरनगर। सर शादीलाल डिस्टलरी एण्ड कैमिकल्स वर्क्स मंसूरपुर, टिकौला डिस्टलरी टिकौला, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एण्ड इण्डस्ट्रीज लि. बिलासपुर, इण्डियन पोटाश लि. रोहाना कलां, दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल्स मोरना, टिकौला शुगर मिल्स टिकौला, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एण्ड इण्डस्ट्रीज लि. खतौली, तितावी शुगर कॉम्पलैक्स तितावी, मंसूरपुर शुगर मिल्स लि. मंसूरपुर, बजाज हिन्दुस्तान शुगर लि. बुढाना, उत्तम शुगर मिल्स खाईखेडी, पारिजात पेपर मिल्स लि. भोपा रोड, बिन्दल्स डुप्लैक्स लि. यूनिट-1 व यूनिट-2, मीनू पेपर मिल्स लि. भोपा रोड, टिहरी पल्प एण्ड पेपर लि. यूनिट-1 व यूनिट-2, भागेश्वरी पेपर प्रा. लि., तिरूपति बालाजी पफाईबर्स लि., गर्ग डुप्लैक्स एण्ड बोर्ड मिल्स लि., सिल्वरटोन पेपर लि. गैलेक्सी पेपर लि., ताज पेपर लि. जौली रोड, एनएस पेपर्स लि., रॉयल पेपर्स लि. सिद्धश्वरी इण्ड., शक्ति क्राफ्रट एण्ड ट्श्यिूज, शालीमार पेपर मिल्स प्रा.लि., ओरियन्ट बोर्ड व पेपर्स लि., श्री सिद्धश्वरी पेपर मिल्स लि. अग्रवाल डुप्लैक्स, शाकुम्भरी पल्प एण्ड पेपर मिल्स, महालक्ष्मी क्राफ्रट एण्ड ट्श्यिूज, केके डुप्लैक्स एण्ड बोर्ड, सुयश क्राफ्रट एण्ड पेपर लि., सिल्वरटोन पल्प एण्ड पेपर लि, एरिस्टोव्रफाफ्रट पेपर्स मेरठ रोड, बिन्दल पेपर्स मिल्स लि. मखियाली, सीता पेपर एण्ड बोर्ड मिल्स, दिशा इण्डस्ट्रीज लि., डीएलएस पेपर्स लि, तायल स्टील प्रा.लि, प्रेम स्टील प्रा.लि., इसजैक हैवी इं. लि., असवाद स्टील एण्ड एलायस, राणा कोनकास्ट, एमक्यू स्टील, रमन इस्पात, हरिओम इस्पात, वहलना स्टील एण्ड एलायस लि., पवन एलायस, त्रिमूर्ति इंजीनियरिंग इण्डस्ट्री स्टेट, विष्णु स्टील, आरए कास्टिंग, स्वरूप कास्टिंग, वजीर इण्डस्ट्रीज, अम्बा इण्डस्ट्रीज, मित्तल कास्टिंग, श्री बाहुबली स्टील, सुमन इंजीनियरिंग एण्ड कैमिकल्स वर्क्स, देव कोनकास्ट, रवि इस्पात, शिवम कास्टिंग एण्ड इं., तारा टैक्नो मशीन्स, वीतराग फाउण्ड्री, रीगल इण्डस्ट्रीज व रीगल फाउण्ड्री एण्ड इण्डस्ट्रीज, ताज फाउण्ड्री, ज्योति इंग्ट्स, शामली शुगर वर्क्स, सोनाटा स्टील्स, शाकुम्भरी इस्पात, त्रिकूट आयरन एण्ड इंजीनियरिंग, दोआबा रोलिंग मिल, ओम कास्टिंग, शाकुम्भरी कास्टिंग एण्ड इंजीनियरिंग, सुदर्शन कैमिकल्स प्रा.लि., त्रिवेणी इंजीनियरिंग एण्ड इण्डस्ट्रीज यूनिट-1 व यूनिट-2, राध्े कास्टिंग, आहर मैटल वर्क्स, श्री मेटल वर्क्स, आकाश मेटल वर्क्स, हसन मेटल वर्क्स, अमन मैटल वर्क्स, शादाब मेटल वर्क्स, सूजा मेटल वर्क्स, एआर मैटल वर्क्स, ताज मेटल वर्क्स, एन्टायर बैट्री इण्डिया, एचजे टेनरी, चौध्री इंग्टस, गुरूदेव इंजीनियरिंग वर्क्स, ऐवरेस्ट रिक्ट्रीज, बरनाला स्टील इण्डस्ट्रीज, पशुपति रिफैक्ट्रीज, शिखा रिफैक्ट्रीज, विमल क्रामिक्स, अजय क्रामिक्स, दीपक क्रामिक्स, श्री पारसनाथ रिप्रफैक्ट्रीज, विश्वरतन रिप्रफैक्ट्रीज, मुजफ्फरनगर रिप्रफैक्ट्रीज, वधर््मान रिफैक्ट्रीज, अवध् एलायस, राना पेपर्स, जीएस रोलर्स, स्वास्तिक उद्योग, राना क्रामिक्स प्रो., सिंघल ग्लावनिजिंग, पारस ओक्साईड, मेघमा इण्डस्ट्रीज, अंकुर फर्टिलाईजर्स, चक्रध्र केमिकल्स, हिमगिरी मेटल, सरल फर्टिलाईजर्स, गुलशन पोलयोल्स, गुलशन कैमिकल इण्डस्ट्रीज, अलनूर एक्सपोर्ट, ईगल फाउण्ड्री।

Share it
Top