टावर कम्पनी को भेजा विद्युत विभाग ने 58 करोड़ का बिल

टावर कम्पनी को भेजा विद्युत विभाग ने 58 करोड़ का बिल

कांधला। थाना क्षेत्र के गांव गढीदौलत में ग्रामीण की जमीन में एक कम्पनी के टावर को करोड़ो रुपये का बिल भेजे जाने के बाद ग्रामीण व कम्पनी के अधिकाीियों में हड़कम्प मचा हुआ है। विद्युत विभाग ने बकाया बिल होने के चलते टावर की आपूर्ति को काट दिया, जिसके चलते टावर से जुडे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत में इंडोस टावर कंपनी के द्वारा गांव के ही किसान हारून पुत्र शौकत की जमीन पर आइडिया कंपनी का टावर लगा रखा है। विद्युत विभाग के द्वारा उक्त टावर से हर माह लगभग 80 हजार रूपये बिल के रूप में वसूल किए जाते है। विद्युत विभाग के द्वारा कंपनी को 17 जुलाई को 58 करोड़ 9 लाख 71 हजार 680 रूपये का बिल भेज दिया गया। बिल भेजने के बाद विद्युत विभाग के द्वारा टावर का कनेक्शन भी काट दिया गया। करोड़ों रूपये का बिल आने के बाद कंपनी के कर्मचारियों व ग्रामीण हारूण में हड़कंप मच गया। ग्रामीण हारुण ने कम्पनी के अधिकारियों को मामले की सूचना दी। कंपनी के सुपर वाईजर पंकज चौहान ने विद्युत विभाग के अधिशासी अधिकारी से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई। शामली विद्युत विभाग के अधिशासी अधिकारी के द्वारा मामले को गंभीरता से लेकर विभागीय अधिकारियों को जांच कर बिल संशोधित कराने के आदेश दिये, जिसके चलते विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर जाकर मामले की जांच की और विद्युत टावर मीटर का निरीक्षण कर मौजूद रीडिंग को लेकर बिल संशोधित करने के लिये शामली भेज दिया गया था। बिल संशोधित होने के पश्चात सर चार्ज फीस लेकर टावर की लाईन को विद्युत विभाग की टीम के द्वारा पुनः जोड़ दिया गया, जिसके चलते कम्पनी व ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है। मामले में जेई रवि शंकर का कहना है कि टावर कंपनी की शिकायत पर बिल को मीटर रीडिंग के आधार पर संशोधित करा दिया गया है, जिसके चलते टावर कम्पनी का 1 लाख 43 हजार रुपये बिल बनकर आया है।

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