चैक बाउंस होने पर कोर्ट ने आरोपी पर किया 50 हजार का जुर्माना

चैक बाउंस होने पर कोर्ट ने आरोपी पर किया 50 हजार का जुर्माना

मुजफ्फरनगर। चैक बाउंस होने के मामले में आरोपी पर अदालत ने 50 हजार का जुर्माना किया है। इसमें पीडित के लिये हर्जा-खर्चा भी शामिल है। जैन एसोसिएट्स एण्ड कम्पनी के अधिवक्ता अखिलेश जैन, राजेश एवं अरूण धारीवाल द्वारा एक वाद स्पेशल कोर्ट 138 मुजफ्फरनगर में चैक डिसऑनर के एवज में दायर किया गया था। इसमें वादी मैसर्स जीवनलाल सुधीर कुमार ने प्रतिवादी बैनडेक्स पैकेजिंग प्रा.लि. नोएडा को पेपर दिया था, जिसके एवज में प्रतिवादी ने तीन चैक भुगतान के लिये वादी को दिये थे, लेकिन ये तीनों ही चैक डिसऑनर हो गये। कम्पनी को नोटिस जारी किये गये। नोटिस मिलने पर प्रतिवादी ने दो चैकों का भुगतान कर दिया, लेकिन तीसरे चैक का भुगतान 282292 देने से इंकार कर दिया। इसके लिये ही वाद दायर किया गया। अखिलेश जैन ने बताया कि स्पेशल कोर्ट 138 में प्रतिवादी के खिलाफ वाद दायर होने के बाद उसने मूल धनराशि के साथ अदालत द्वारा खर्चा और जुर्माना के लिये तय किये गये 50 हजार रूपये का भुगतान भी किया। वादी को तीन लाख तीस हजार रूपये का भुगतान किया गया, इसके बाद वाद खत्म करा दिया गया। अखिलेश जैन ने कहा कि चैक डिसऑनर होने पर पीडित को जुर्माना खर्चा मिलता है, जबकि दोष सिद्ध होने पर आरोपी को सजा भी हो सकती है।

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