चार अधिवक्ताओं की हत्याओं से अधिवक्ताओं में रोष ..... जिला प्रभारी मंत्री को दिया मांग संबंधी ज्ञापन, 50 लाख के मुआवजे सहित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की

मुजफ्फरनगर। प्रदेश में हाल के दिनों में चार अधिवक्ताओं की हत्या व बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। आज अधिवक्ताओं के द्वारा अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रभारी/केैबिनेट मंत्री को दिया गया। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के द्वारा एक ज्ञापन जिला जज को भी दिया गया। जिसे उनके द्वारा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को देने के लिए कहा गया। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के द्वारा उनके साथ किये गये व्यवहार को लेकर उनके स्थानांतरण की भी जिला प्रभारी मंत्री से मांग की। हाल ही में एक जनपद में, एक शामली में, एक बागपत व एक मेरठ जनपद में अधिवक्ताओं की हत्याएं हुई हैं। इस संबंध में कार्यवाही सहित कुछ मांगों को लेकर जनपद के अधिवक्ता डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर व सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के बैनर तले कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन देने गये। जिस समय अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय पर गये, वह वहां से निकल गयी थीं। अधिवक्तागण आधा-पौन घंटा प्रतीक्षा में बैठे रहे। लगभग दो घंटे बाद जिलाधिकारी अपने कार्यालय पर आयीं, लेकिन अधिवक्ताओं से न मिलते हुए अपने कार्यालय में चली गयीं। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष सैयद नसीर हैदर काजमी व महासचिव प्रदीप कुमार मलिक जिलाधिकारी के पास गये और उनसे कहा कि वह पांच मिनट में आकर उनका ज्ञापन ले लें। इस पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि पांच अधिवक्ता उनके कार्यालय में आ जाए। वह बाहर नहीं आयीं। इसके बाद वह अपने कार्यालय से निकल गयीं। जिसके चलते पहले से ही रोष में रहे अधिवक्ताओं को अधिक रोष आ गया। इसके उपरांत महासचिव प्रदीप कुमार मलिक सभी अधिवक्ताओं को लेकर कन्या सुमंगला योजना को लेकर जनपद में आये जिला प्रभारी मंत्री चेतन चौहान के पास ज्ञापन देने को गये। महासचिव प्रदीप कुमार मलिक ने जिला प्रभारी मंत्री चेतन चौहान को ज्ञापन तो दिया ही साथ ही सभी अधिवक्ताओं की जिलाधिकारी के व्यवहार को लेकर जारी नाराजगी भी प्रकट की। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी के स्थानांतरण की भी मांग की। जिस समय अधिवक्तागण महासचिव प्रदीप कुमार मलिक के साथ जिला प्रभारी मंत्री चेतन चौहान से ज्ञापन को मिल रहे थे। ठीक उसी समय जिलाधिकारी, एसएसपी, एडीएम-ई, एडीएम-एफ सहित भारी पुलिस बल वहां पर आ गया। जिला प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने ज्ञापन सहित जिलाधिकारी के स्थानांतरण को लेकर शीघ्र ही उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। दिये गये ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ता एक बुद्धिजीवी वर्ग है। वह न्याय प्रशासन में एक स्तंभ की भूमिका में है। आये दिन अधिवक्ताओं की सरेआम हत्याएं हो रही हैं। जो कि चिंतनीय है। 15 अक्टूबर को जनपद में 23 वर्षीय अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या हुई। 23 अक्टूबर को अधिवक्ता गुलजार अहमद की शामली में हत्या हुई। इसके अतिरिक्त बागपत में जावेद की व मेरठ में मुकेश शर्मा की हत्या हुई। महासचिव प्रदीप कुमार मलिक ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि समीर सैफी के हत्यारों को अतिशीघ्र न्यायालय द्वारा कठोर दंड दिलवाया जाए, गुलजार अहमद के हत्यारों को अतिशीघ्र गिरफ्रतार किया जाए। अधिवक्ताओं की हत्याओं में शामिल हत्यारों को रासुका में निरूद्ध किया जाए। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पचास लाख का मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। मध्य प्रदेश सरकार की भांति अध्विक्ता सुरक्षा अधिनियम पारित कर शीघ्रता से उसे लागू किया जाए। ठोस निर्णय लेकर बिगड़ी कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। इसके अलावा अधिवक्ताओं के द्वारा यही ज्ञापन जिला जज को भी दिया गया। जिन्होंने उनकी बात को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाध्ीश के सामने रखने की बात की। ज्ञापन देने वालों में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर अध्यक्ष सैयद नसीर हैदर काजमी व महासचिव प्रदीप कुमार मलिक तथा सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष अनिल कुमार दीक्षित व महासचिव बिजेंद्र सिंह मलिक के अलावा शिवराज त्यागी, नीरजकांत मलिक, सतीश लाटियान, सानुज मलिक, मनु मलिक, मौ. इस्लाम, कामरान हसनैन, ओमकार सिंह, विकास त्यागी, यशपाल सिंह राठौर, चंद्रवीर, सुनील दत्त शर्मा, राजेश्वर दत्त त्यागी, कलीराम, सुखपाल सैनी, प्रेमदत्त त्यागी, ब्रजपाल डबास, मानवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्र्रप्रकाश यादव, सुरेंद्र पाल सिंह, सतेंद्र कुमार त्यागी, उस्मान सिद्दीकी, शाईम हसन, अमीर कासिम, विकास सैनी, नीशुकांत शर्मा, अरूण माहेश्वरी व योगराज सिंह आदि शामिल रहे। महासचिव प्रदीप कुमार मलिक ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि दो नवंबर को पफैंथम हॉल में 22 जिलों की संघर्ष समिति की एक खास बैठक का आयोजन किया जाएगा।

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