फाटक न. 48 को लेकर किसानों ने ट्रैक कब्जाया...आसपास के स्टेशनों पर खडी रही कई ट्रेनें, जीआरपी व पुलिस ने समझा बुझाकर ट्रैक खुलवाया

मुजफ्फरनगर/मंसूरपुर। मंसूरपुर में स्थित फाटक न. 48 को बंद करने को लेकर एक बार फिर से किसान ट्रैक पर आ गये। जिसके चलते शाम के समय संचालित होने वाली ट्रेन आसपास के स्टेशनों पर खडी रही। मामले की जानकारी पाकर जीआरपी, पुलिस सीआरपीएफ व रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा बुझाकर ट्रैक को सुचारू किया। ट्रेनों का संचालन बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शताब्दी मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ घंटा खडी रही।

मंगलवार को मंसूरपुर रेलवे स्टेशन के पास फाटक न. 48 को रलेवे द्वारा फिर से बंद करने की सूचना किसानों को लगी, जिसके बाद किसान शाम के समय करीब 7.30 बजे ट्रैक पर आ गये। जिसके चलते ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से ठप्प हो गया। उस समय आ रही ट्रेने आसपास के स्टेशनों पर खडी हो गई, जिसमें गाडी संख्या 64557 मंसूरपुर, 12018 शताब्दी मुजफ्फरनगर, 54471 ऋषिकेश पेंसेंजर सकौती खडी हो गई। शताब्दी मुजफ्फरनगर करीब डेढ घंटा खडी रही।

गाडियों के इस प्रकार रोकने पर लोगों को पेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने मांग रखी कि जब तक शुगर मिल का पेराई सत्र बंद नहीं होगा तब तक यह फाटक बंद नहीं होने दिया जाएगा। पैसेंजर ट्रेन भी आउटर पर खड़ी रही।

गौरतलब है कि रेलवे द्वारा मिल रोड पर फ्लाईओवर बन जाने के बाद रेलवे ने मिल रोड का फाटक स्थाई रूप से बंद कर दिए जाने का सूचना बोर्ड लगाया था, जिसके खिलाफ किसानों ने कई बार धरना दिया था। किसान पहले से ही यह मांग करते आ रहे हैं कि अगर यह फाटक बंद कर दिया गया तो मिल में गन्नों से भरी बोगियां फ्लाईओवर के रास्ते से नहीं जा सकती। इसलिए फाटक मार्ग से ही मिल में गन्ना डाला जाएगा। मिल बंद हो जाने के बाद यह फाटक अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाए। किसानों की मांग को अधिकारियों ने मान भी लिया था। लेकिन मंगलवार को शाम अचानक रेलवे द्वारा राज मिस्त्री को बुलवाकर स्थाई रूप से फाटक बंद किया जाने लगा।

सूचना पर जिला पंचायत सदस्य तथा रालोद नेता संजय राठी तथा रालोद नेता विकास बालियान के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और रेलवे कर्मचारियों तथा राज मिस्त्रीओं को मौके से भगा दिया और रेलवे ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए। उन्होंने मांग रखी की जब तक मिल का पेराई सत्र चलेगा तब तक गन्नों की बोगियां इसी मार्ग से जाएंगी। यह फाटक बंद नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के रेलवे ट्रैक पर बैठने की सूचना पर थाना पुलिस, जीआरपी पुलिस तथा सीआरपीएफ मौके पर पहुंची और किसानों को समझा बुझाकर लगभग 9.45 बजे के आसपास ट्रैक को सुचारू किया, जिसके चलते ट्रेन यात्रियों ने राहत की सांस ली।

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