टिकट निरीक्षकों ने वसूला 4,43,795 का जुर्माना

टिकट निरीक्षकों ने वसूला 4,43,795 का जुर्माना

मुजफ्फरनगर। सितंबर माह रेलवे विभाग के लिए अत्यंत ही लाभकारी साबित हुआ। इस माह में टिकट निरीक्षकों की टीम के द्वारा एक-दो लाख का जुर्माना बिना टिकट यात्रा करने वालों से नहीं वसूला, बल्कि साढे़ चार लाख के लगभग वसूला। जिसे एक अच्छा कदम बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मुजफ्फरनगर के मुख्य टिकट निरीक्षक ने यह भी संकेत दिये हैं कि अक्टूबर माह में त्योहारी सीजन होने के चलते यह जुर्माना छह लाख के उफपर भी जा सकता है।
सितंबर माह बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए भारी रहा। मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर तैनात टिकट निरीक्षकों की टीम के द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से चार लाख तितालीस हजार सात सौ पिचानवे रूपये का जुर्माना वसूला गया। यह जुर्माना कुल 936 लोगों से वसूला गया। माह अगस्त में मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर उपस्थित टिकट निरीक्षकों के द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वालों लोगों से एक लाख सोलह हजार रूपये का जुर्माना वसूला गया था। वहीं दूसरी ओर माह जुलाई में कई केसों में एक लाख बारह हजार से अधिक का जुर्माना वसूला गया था। यह जुर्माना और हो सकता था, लेकिन दो सप्ताह का ट्रैक ब्लॉक जुर्माना कम होने की वजह बना। जिसके चलते रेलवे के राजस्व में कमी आयी। यह राजस्व और भी कम हो सकता था, लेकिन टिकट निरीक्षकों के द्वारा शहर से बाहर की गयी चैकिंग के चलते ही यह जुर्माने की रकम एक लाख से उफपर हो सकी थी।
इसके साथ ही माह अप्रैल में मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन पर विद्यमान टिकट निरीक्षकों की टीम द्वारा 88 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला गया था। इसके विपरीत मार्च माह में मुजफ्फरनगर स्टेशन पर विद्यमान टिकट निरीक्षकों की टीम ने 59,890 रूपये का जुर्माना वसूला था। माह पफरवरी मंे बिना टिकट यात्रा करने वाले 341 केस पकड़े थे। जनवरी माह में इसके मुकाबले 260 केस पकड़े गये थे। माह फरवरी में जनवरी के मुकाबले 23,475 रूपये का जुर्माना अधिक वसूला गया था। इसके विपरीत मार्च में यह आंकड़ा फरवरी के मुकाबले 45,410 रूपये कम रहा था।
मुख्य टिकट निरीक्षक रविंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार सितंबर माह में उनके व उनकी टीम के द्वारा बिना टिकट यात्रा करने के 936 केस बिना टिकट यात्रा करने वालों के पकड़े गये। जिन्हें 4,43,795 का राजस्व वसूला गया जुर्माने के रूप में। उनका कहना था कि उनके यहां के तीन सहायक टिकट निरीक्षकों प्रीतम सिंह, रोशनलाल व रविशंकर का ओपन चैकिंग में भेजा गया है अर्थात वह किसी भी स्थान या ट्रेन में चैकिंग करने को अधिकृत किये गये हैं। जिसके चलते अक्टूबर माह में लगभग छह लाख के आसपास जुर्माना वसूला जा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि अपेै्रल माह के मुकाबले अधिक जुर्माना बिना टिकट यात्रा करने वालों से वसूला गया। इस बार मई में कुल 348 केसों में एक लाख सतरह हजार से अधिक का जुर्माना वसूला गया। उन्होंने बताया कि अधिक जुर्माना वसूले जाने के पीछे कारण गर्मी के मौसम में अधिक ट्रैपिफक रहा है। इसके विपरीत जून के माह में जुर्माना वसूली मंे भारी कमी आयी। इसका कारण रहा 16 जून तक होने वाला दो घंटे का ट्रैक ब्लॉक। जुर्माना वसूली के मामले में मई के विपरीत अपेै्रल माह में 88 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला गया था। वहीं मार्च माह में फरवरी माह कीे अपेक्षा कम जुर्माना बिना टिकट यात्रा करने वालों से वसूला गया था। उन्होंने बताया कि मार्च में बिना टिकट यात्रा करने वाले 204 केस पकड़े गये थे। जिन से 59,890 रूपये का जुर्माना वसूला गया था। पफरवरी में बिना टिकट यात्रा करने वाले 341 लोगों को पकड़ा गया था। जिन से 1,05,300 रूपये का जुर्माना वसूला गया था। इस प्रकार से माह मार्च में फरवरी की अपेक्षा 137 केस (बिना टिकट यात्राी) कम आये तथा उनसे फरवरी की अपेक्षा 45410 रूपये का जुर्माना कम वसूला गया था। वहीं जनवरी माह मंे बिना टिकट यात्रा करने वाले 260 केस आये थे, जिनसे 77055 रूपये का जुर्माना वसूला गया था। उन्होंने बताया कि यह जुर्माना उनकी टीम के सदस्यों कृष्ण गोपाल चौधरी, पवन कुमार, मनीष कुमार, रविशंकर, रोशन लाल तथा प्रीतम सिंह तथा उनके द्वारा वसूला गया है।

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