अनियमितताओं की भेंट चढ गई स्कूली ड्रेस...प्रधनाचार्या ने पकडी पिछले शैक्षिक सत्र की 366 ड्रेस न वितरण करने की जिद

अनियमितताओं की भेंट चढ गई स्कूली ड्रेस...प्रधनाचार्या ने पकडी पिछले शैक्षिक सत्र की 366 ड्रेस न वितरण करने की जिद

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका कन्या इंटर कॉलेज में एक बार निःशुल्क ड्रेस वितरण वित्तीय अनियमितता की भेंट चढ रहा है। ड्रेस खरीद के बावजूद कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने पिछले शैक्षिक सत्रा के लिये कक्षा-6 से कक्षा 8 की 366 छात्राओं को ड्रेस वितरण नहीं कराने की जिद पकड रखी है। 700 से अधिक तैयार ड्रेस विद्यालय में ही रखी खाद बनने को है, न तो उनका उपयोग किया गया और न ही ठेकेदार का भुगतान ही किया जा रहा है। इसको लेकर कॉलेज प्रबंधक को आदेश जारी कर चुके है, लेकिन ड्रेस वितरण आपसी विवाद की भेंट चढ गया है। नगरपालिका कन्या इंटर कॉलेज की कार्यवाहक प्रधानाचार्य मीनाक्षी वर्मा कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही विवादों में है। उन पर नकारात्मक कार्यप्रणाली के साथ ही मिलीभगत कर फर्जीवाडे से प्रधानाचार्य पद का कार्यभार सम्भालने के आरोप लगे है। इसी बीच उनके रवैये के कारण शासन की योजना को भी पलीता लगा हुआ है। नगरपालिका कन्या इंटर कॉलेज में अधिकांश गरीब वर्ग की कन्याएं शिक्षा ग्रहण करती है। प्रतिवर्ष शासन से गरीब छात्रा-छात्राओं को निःशुल्क ड्रेस वितरण के लिये बजट जारी किया जाता है। नगरपालिका कन्या इंटर कॉलेज में शैक्षिक वर्ष 2016-17 के लिये छात्राओं को ड्रेस वितरण के लिये बजट स्वीकृत किया गया था। तत्कालीन कॉलेज प्रबंधक पंकज अग्रवाल ने प्रधानाचार्य श्रीमति शशिबाला अग्रवाल को निःशुल्क ड्रेस वितरण की प्रक्रिया प्रारम्भ कराने के निर्देश देने के साथ ही कमैटी का गठन कर दिया था। सूत्रों के अनुसार इस कमैटी में सभासद नन्दकिशोर नन्दू, श्रीमति कविता सैनी, श्रीमति शाहिन खां और प्रधानाचार्य शशिबाला अग्रवाल के अलावा कॉलेज की प्रवक्ता कुसुम सिंह व शिक्षक अभिभावक संघ से मौ. नसीम को शामिल किया गया था, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। विद्यालय की 366 छात्राओं के लिये खरीद को जनवरी 2017 में टैंडर आमंत्रित किये गये। कमेटी ने टैंडरों पर विचार किया और न्यूनतम दर 194 रूपये प्रति ड्रेस दून क्लॉक एण्ड टेलरिंग हाउस थानाभवन के सोमनाथ से प्राप्त हुई। कमेटी के लोगों ने सोमनाथ द्वारा दिये गये सैम्पल के कपडे को सार्वजनिक रूप से धुलाई कराकर उसकी गुणवत्ता को परखा और सहमति से सोमनाथ का टैंडर पास हो गया। प्रधानाचार्य एवं विद्यालय की शिक्षा समिति की संस्तुति के बाद प्रबंधक पंकज अग्रवाल ने ड्रेस खरीद के लिये सोमनाथ के टैंडर को स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद अनुबंध और वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया। सोमनाथ ने जून 2017 में 366 छात्राओं के नाप से 732 तैयार ड्रेस विद्यालय को सौंप दी और भुगतान केे लिये 1.42 लाख रूपये का बिल प्रेषित किया, लेकिन आज तक भी उसका भुगतान नहीं हो सका। सोमनाथ ने इस संबंध में शिकायत ईओ विकास सैन से की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कॉलेज की कार्यवाहक प्रधानाचार्य मीनाक्षी वर्मा नियमों को ताक पर रखकर हठधर्मिता दिखा रही है। उनके द्वारा अभी तक भी पिछले शैक्षिक सत्र के लिये छात्राओं को प्राप्त ड्रेस का वितरण नहीं कराया गया है। ये सभी ड्रेस विद्यालय में खाक बनने को है, बार-बार चक्कर लगाने पर भी उसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। अभद्रता की जाती है। मीनाक्षी वर्मा पहले तो यह कहती रही कि उनको वित्तीय अधिकार नहीं मिले और अब कह रही है कि जिस प्रधानाचार्य ने ड्रेस खरीदी है, वहीं भुगतान और वितरण करेगी। सोमनाथ का कहना है कि वो गरीब दर्जी है और उधार दुकान से कपडा खरीदा था, उसका भुगतान रूक जाने के कारण वो आर्थिक संकट से घिर गया है, वहीं विद्यालय में ड्रेस छात्राओं को वितरण नहीं होने पर शासन की योजना को पलीता लगाने से प्रधानाचार्य बाज नहीं आ रही है। सोमनाथ ने प्रबंधक ईओ से भुगतान की मांग की है। प्रबंधक विकास सैन का कहना है कि इस संबंध में उनको शिकायत प्राप्त हुई थी, उनके द्वारा प्रधानाचार्य मीनाक्षी वर्मा को तुरन्त ड्रेस वितरण कराने और भुगतान के लिये पत्रावली स्वीकृत करने के निर्देश जारी किये थे, यदि वो ऐसा नहीं करती है, तो उनके खिलापफ जांचोपरान्त कार्यवाही की जायेगी।

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