कब्जा हटवाने का विरोध, आत्महत्या की चेतावनी...बिलासपुर में पूर्व मंत्री विद्याभूषण की 36 बीघा भूमि से कब्जा हटाते समय हुआ हाईटेंशन ड्रामा

कब्जा हटवाने का विरोध, आत्महत्या की चेतावनी...बिलासपुर में पूर्व मंत्री विद्याभूषण की 36 बीघा भूमि से कब्जा हटाते समय हुआ हाईटेंशन ड्रामा

मुजफ्फरनगर। जनपद की कद्दावर शख्सियत रही पूर्व मंत्री विद्याभूषण की 36 बीघा भूमि से हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जा हटवाने पहुंची अफसरों की टीम के सामने कब्जाधारकों ने हाईटेंशन ड्रामा किया और सल्फास खाकर आत्महत्या करने तक की चेतावनी दे डाली। धमकी से अफसरों के हाथ-पांव पफूल गये और उन्होंने आवासीय भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया और कृषि भूमि पर ट्रेक्टर चलवाकर कब्जा हटवा दिया। इस दौरान घंटों तक अफसर परिवार को मनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब वे नहीं माने, तो ग्राम प्रधान को दस दिन में कब्जा हटवाने के निर्देश देकर वापस लौट गये। हंगामे के दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रही।
नई मण्डी कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलासपुर में पूर्व मंत्री स्व. विद्याभूषण की 36 बीघा भूमि है। इस पर दशकों से अवैध कब्जा बताया गया है, इसको लेकर सीआरपीसी की धारा 145 और 146 के तहत मुकदमा एसडीएम सदर की कोर्ट में चला, जो कि हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट ने अवैध कब्जा मानते हुए जिला प्रशासन को जल्द से जल्द कब्जामुक्त कराते हुए भूमि खाली कराने के आदेश दिये थे। इस संबंध में निवर्तमान एसडीएम सदर ने नई मण्डी कोतवाल और तहसीलदार सदर को भूमि खाली कराने के आदेश जारी कर दिये थे, इन्हीं आदेशों के तहत शुक्रवार को सीओ मण्डी मणिलाल पाटीदार, तहसीलदार सदर रंजीत सिंह, नई मण्डी कोतवाल कुशलपाल सिंह, सिखेडा एसओ विपिन कुमार और अन्य थानों से भारी पुलिसबल लेकर बिलासपुर पहुंचे। यहां जयसिंह पाल नामक एक व्यक्ति के घर जाकर पुलिस पफोर्स के साथ अफसरों ने डेरा डाल लिया। अफसरों ने जयसिंह के परिजनों से अदालत के आदेश पर भूमि खाली करने को कहा, तो परिवार की महिलाएं और बच्चे मकान का दरवाजा बंद कर छत पर जा चढे। महिलाओं ने हाथों में सल्फास की गोलियां और मिट्टी के तेल की कैन ले रखी थी। बच्चों के हाथों में सल्फास की शीशी थी। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनके मकान को ध्वस्त किया गया, तो वो छत पर ही आत्महत्या कर लेंगी, जिसकी जिम्मेदारी अफसरों की होगी। महिलाएं लगातार कह रही थी कि ये भूमि उनकी है, उनके पास बैनामा है। अफसरों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान घंटों तक यहां हाईटेंशन ड्रामा चलने से पूरा हुजूम जमा हो गया। ग्राम प्रधान सतेन्द्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी परिवार को समझाने का प्रयास किया, लेकिन घंटों बाद भी कोई नतीजा सामने नहीं आने पर अपफसरों ने प्रधान को दस दिनों का समय देते हुए कब्जाई गई भूमि पर खडी पफसल को काटकर उसका पैसा राजस्व के रूप में जमा कराने और भूमि खाली कराने के निर्देश दिये, इसके साथ ही अफसर पफोर्स को लेकर बैरंग लौट आये। इस दौरान कई बीघा कृषि भूमि पर ट्रेक्टर चलवाकर अधिकारियों ने कब्जा हटवा दिया। एसडीएम सदर शीतल प्रसाद गुप्ता ने बताया कि बिलासपुर में दशकों पूर्व विद्या भूषण के परिवार के लोगों ने उनकी भूमि पर कब्जे के आरोप लगाये। इसका मुकदमा चलता रहा। हाईकोर्ट के आदेश पर आज अपफसरों की टीम उसको खाली कराने गयी थी, अभी उनके पास रिपोर्ट नहीं आयी है।

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