फ्री की ट्रेन यात्रा पीएसी दारोगा व सिपाही को पड़ी भारी...टिकट निरीक्षक ने हेकड़ी निकालते हुए वसूला 3560 का जुर्माना

फ्री की ट्रेन यात्रा पीएसी दारोगा व सिपाही को पड़ी भारी...टिकट निरीक्षक ने हेकड़ी निकालते हुए वसूला 3560 का जुर्माना

मुजफ्फरनगर। शताब्दी ट्रेन मे मुफ्त की यात्रा करना व उसके उपर ट्रेन मे विद्यमान टिकट निरीक्षक से अभद्रता करना एक पीएसी के दारोगा व सिपाही को भारी पड़ गया। कंट्रोल रूम को की गयी शिकायत पर आरपीएफ ने मुजफ्फरनगर स्टेशन दोनों को धर लिया। जिसके बाद दोनों से स्टेशन पर उपस्थित टिकट निरीक्षक ने टिकट की रकम सहित जुर्माने के रूप में 3560 रूपये वसूले।

अक्सर देखने में आया है कि पुलिस, पीएसी व होमगार्ड आदि के द्वारा ट्रेनों को अपनी निजी सम्पत्ति समझ कर उसमें मुफ्त की यात्रा की जाती है। यह मुफ्त की यात्रा कभी-कभी उच्च स्तरीय चैकिंग में बड़ी भारी भी पड़ती है। ऐसा ही एक वाक्या शनिवार को देखने को मिला। मेरठ से 44वीं पीएसी वाहिनी का एक दारोगा गुरूदत्त व सिपाही करम सिंह ट्रेन संख्या 12017 शताब्दी में सवार हुए। ट्रेन में उपस्थित टिकट निरीक्षक राकेश दीक्षित ने दोनों को बिना टिकट एसी चेयरकार

मे पाया। जिस पर उनके द्वारा उनकी जुर्माने रूपी रसीद काटने की बात पर दोनों ने टिकट निरीक्षक के साथ अभद्रता की। जिसके चलते टिकट निरीक्षक राकेश दीक्षित के द्वारा मामले से कॉमर्शियल कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। जिस पर कंट्रोल रूम के द्वारा आरपीएफ मुजफ्फरनगर को इस संबंध में कार्यवाही को लेकर सूचित किया गया। जैसे ही ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन पर रूकी, वैसे ही दारोगा ट्रेन के टिकट निरीक्षक को यह कहते हुए कि क्या बिगाड़ लिया मेरा, वहां से भागने लगा, जिसे वहां पर उपस्थित आरपीएफ के एक सिपाही ने थाम लिया और दारोगा व सिपाही को उस समय ड्यूटी पर उपस्थित सहायक टिकट निरीक्षक मनीष को सौंप दिया। जिसके चलते सहायक टिकट निरीक्षक मनीष ने दोनों से 890-890 टिकट की रकम व 890-890 जुर्माना वसूला अर्थात दोनों से कुल 3560 रूपये का जुर्माना वसूला। एक दारोगा व सिपाही का चार्ज करने की घटना पूरे दिन स्टेशन पर चर्चा का विषय बनी रही।

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