इतिहास बनेगी एक दिसंबर की तारीख...नगर पालिका को मिलेगी पहली शासिका, अब तक के पालिका के इतिहास में बन चुके हैं 35 पुरूष शासक

इतिहास बनेगी एक दिसंबर की तारीख...नगर पालिका को मिलेगी पहली शासिका, अब तक के पालिका के इतिहास में बन चुके हैं 35 पुरूष शासक

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर शीघ्र ही इतिहास रचने जा रही है। यह इतिहास वह एक दिसंबर की जादुई तारीख को रचेगी। यह तारीख पालिका के इतिहास में भी एक तारीख बनेगी। यह पालिका को उसके इतिहास की पहली महिला शासिका से रूबरू कराएगी। जो कि अपने आप में एक अनोखा इतिहास होगा। अब तक के पालिका के इतिहास में कुल 35 पुरूष शासन अर्थात चेयरमैन/प्रशासक रह चुके हैं। यह 36 का करिश्माई आंकडा पालिका के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा। किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधेगा अर्थात इस आंकड़े की मलिका कौन होगी, इसका निर्णय लगभग ढाई लाख मतदाता करेंगे। 27 अक्टूबर को स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शासन स्तर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है। जिसके बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के द्वारा टिकट को लेकर दावेदारी का दौर जारी है। जनपद मेें चुनावी समर दूसरे चरण में 26 नवंबर को सजेगा।
नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर को अस्तित्व मंे आये 72 साल होने को जा रहे हैं। इतने लंबे कार्यकाल में जो आज तक हीं हो पाया, वह एक दिसंबर की जादुई तारीख तय करते हुए एक नया इतिहास पालिका के लिए लिखेगी। नगर पालिका के कार्यकाल में अब तक 35 शासक रूपी चेयरमैन हुए हैं, लेकिन आज तक एक भी आधी आबादी को इस पद पर विराजमान होेने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो सका है। अब यह सौभाग्य इस बार आधी आबादी को एक दिसंबर को मिलेगा। इस तारीख को होने वाली मतगणना इस इतिहास को लिखने वाली आधी आबादी के नाम को तय कर देगी। अब तक के पालिका के प्रशासक-चेयरमैन इस प्रकार से रहे हैं सबसे पहले आनंद प्रकाश जिनका कार्यकाल रहा 28 मार्च 1946 से लेकर 31 मई 1947 तक, रफीक अहमद एक जून 1947 से लेकर 13 जून 1947, कीर्तिभूषण प्रकाश 14 जून 1947 से लेकर 15 नवंबर 1953, ज्योति प्रसाद 19 नवंबर 1953 से 26 जून 1955 तक, जीवनदास 27 मई 1955 से लेकर आठ सितंबर 1955 तक, जगत प्रकाश अग्रवाल का नौ सितंबर 1955 से लेकर 12 अगस्त 1957 तक रहा। सूरज प्रकाश जैन का 13 अगस्त 1957 से लेकर 13 नवंबर 1957 तक, केशव गुप्ता का 14 नवंबर 1957 से लेकर 29 अप्रैल 1960 तक, रफीक अहमद का तीस अप्रैल 1960 से दो जून 1960 तक, सुखबीर सिंह का तीन जून 1960 से लेकर दो फरवरी 1961 तक, कीर्तिभूषण प्रकाश का तीन पफरवरी 1961 से लेकर 13 दिसंबर 1964 तक, जुगल किशोर पालीवाल का 14 दिसंबर 1964 से लेकर 12 जुलाई 1968 तक, रमेशचंद 13 जुलाई 1968 से लेकर 25 सितंबर 1968 तक, चुन्नीलाल अनेजा 26 सितंबर 1968 से लेकर एक नवंबर 1969, प्रभाकर शास्त्राी का दो नवंबर 1969 से लेकर 22 जनवरी 1970 तक, कीर्तिभूषण प्रकाश का 23 जनवरी 1970 से 21 जून 1971 तक, जगत प्रकाश अग्रवाल 22 जून 1971 से 11 जनवरी 1973, मोहम्मद मजहर 12 जनवरी 1973 से लेकर 26 पफरवरी 1973, पालिका के 19वें चेयरमैन रहे विद्याभूषण का 27 पफरवरी से लेकर11 अगस्त 1977 तक, लक्ष्मीचंद सिंघल10 पफरवरी 1989 से 12 जून 1990 तक, अनिल कुमार तायल 13 जून 1990 से लेकर 22 अक्टूबर 1990 तक, आंशिक अवक्रमण 23 अक्टूबर 1990 से 16 नवंबर 1990 तक, अनिल कुमार तायल 17 नवंबर 1990 से 27 जुलाई 1992 तक, लक्ष्मीचंद सिंघल 29 जुलाई 1992 से लेकर 6 पफरवरी 1994 तक, आंशिक अवक्रमण 7 पफरवरी 1994 से 3 नवंबर 1995 तक, पालिका के 26वें चेयरमैन बने डा. सुभाषचंद शर्मा एक दिसंबर1995 ये लेकर 10 दिसंबर 1999 तक, प्रशासक 11 दिसंबर 1999 से तीस नवंबर 2000 तक, जगदीश भाटिया एक दिसंबर 2000 से लेकर 18 दिसंबर 2004 तक, आंशिक अवक्रमण 19 नवंबर 2004 से 26 नवंबर 2004 तक, जगदीश भाटिया 27 नवंबर 2004 से 30 नवंबर 2005 तक, प्रशासक एक दिसंबर 2005 से 15 नवंबर 2006 तक, पालिका के 32वें चेयरमैन बने कपिल देव अग्रवाल 16नवंबर 2006 से लेकर 15 नवंबर 2011 तक, डा. चंद्रभूषण प्रशासक 17 नवंबर 2011 से 19 दिसंबर 2011 तक, अवक्रमण 20 दिसंबर 2011 से 17 जुलाई 2012 तक। इसके बाद नगर पालिका के इतिहास के 35वें चेयरमैेन बने कांग्रेस के पंकज अग्रवाल, जिनका कार्यकाल 18 जुलाई 2012 से लेकर एक अप्रैल 2017 तक रहा, क्योंकि उन्हें शासन स्तर से एक अप्रैल 2017 को बर्खास्त कर दिया गया था। उनका कार्यकाल 18जुलाई 2017 को पूरा होने वाला था। पालिका के इतिहास में 12 अगस्त 1977 से लेकर 9 फरवरी 1989 तक चुनाव नहीं हुए, इस दौरान प्रशासन का कार्यकाल रहा। नगर पालिका परिषद की पहली महिला चेयरमैन बनने को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के द्वारा आवेदन किये गये हैं। टिकट पाकर कौन इस पद पर सुशोभित होगी, यह तो 258245 मतदाता 26 नंवबर को तय करेंगे, वहीं एक दिसंबर की तारीख नाम को तय करेगी।

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