मांग पत्र में बडा घोटाला हुआ उजागर ... प्रारंभिक जांच में दो सदस्यीय कमेटी ने पकड़ा 21000 का गबन

मांग पत्र में बडा घोटाला हुआ उजागर ... प्रारंभिक जांच में दो सदस्यीय कमेटी ने पकड़ा 21000 का गबन

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की मुजफ्फरनगर डिपो में एक संविदा परिचालक के द्वारा मार्गपत्रा में घोटाला कर विभाग को हर माह कई हजार का चूना लगाने का मामला प्रकाश में आया है। एआरएम के द्वारा मार्ग में की गयी बस चैकिंग में संदेह होने पर दो सदस्यीय कमेटी के द्वारा परिचालक के द्वारा किये गये गबन का खुलासा हो सका है। इस संबंध में आरएम के द्वारा भी अन्य मार्गपत्रों की जांच को एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। संबंधित परिचालक की सेवा समाप्त कर दी गयी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मुजफ्फरनगर डिपो में एक संविदा परिचालक के द्वारा मार्गपत्र में हेराफेरी करके विभाग को हर माह हजारों का चूना लगाने का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला डिपो के सहायक क्षे. प्रबंधक बीपी अग्रवाल के द्वारा मार्ग में की गयी जांच में सामने आया। शक होने पर उनके द्वारा इस संबंध में मार्ग पत्र की जांच को लेकर एक दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें डिपो के स्टेशन अध्ीक्षक अमरीश त्यागी व वाहन आवंटन प्रभारी राजकुमार तोमर के द्वारा संबंधित संविदा परिचालक राकेश कुमार पांच के एक माह के मार्ग पत्रों की जांच की गयी। जांच में लगभग 21000 की हेराफेरी सामने आयी। बताया गया कि परिचालक मार्ग पत्र में हेराफेरी करके गंतव्य को बदल देता था। एक ओर इस संबंध में डिपो के सहायक क्षे. प्रबंधक बीपी अग्रवाल के द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी (डिपो के स्टेशन अध्ीक्षक अमरीश त्यागी, वाहन आवंटन प्रभारी राजकुमार तोमर व लेखाकार कैलाशचंद) को अन्य मार्गपत्रों की जांच का जिम्मा सौंपा है। वहीं दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार एक कमेटी का गठन क्षे. प्रबंधक मनोज पुंडीर के द्वारा भी किया गया है। इस संबंध में कार्यवाही होने पर अन्य परिचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं डिपो के सहायक क्षेत्राीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल का कहना था कि प्रारंभिक जांच के बाद कार्यवाही करते हुए संबंधित परिचालक की सेवा समाप्त कर दी गयी है। विभागीय जांच जारी है।

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