धन अभाव के चलते नहीं लग सके उखाडे गये 201 हैंडपंप...काली नदी किनारे 58 गांवों के 3500 नलों में से 201 प्रदूषित

धन अभाव के चलते नहीं लग सके उखाडे गये 201 हैंडपंप...काली नदी किनारे 58 गांवों के 3500 नलों में से 201 प्रदूषित

मुजफ्फरनगर। एनजीटी के आदेश के चलते 6 जनपदों में उखाडे गये हैंडपंप धन अभाव के चलते लगने की बांट जोह रहे हैं। एनजीटी के आदेश पर 6 जनपदों में लगे हैंडपंपों की जांच की गई थी और जिनका जल प्रदूषित पाया गया था, उनको तुरंत प्रभाव से उखडवा दिया गया था। इसी कडी में जनपद में उखाडे गये 201 हैंडपंप धन अभाव के चलते लगने की बांट जोह रहे हैं। काली नदी के आसपास कैंसर आदि से होने वाली बीमारियों के चलते एनजीटी के आदेश पर जनपद सहित मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, बागपत, शामली में लगे हैंडपंपों की जांच की गई थी। जनपद में काली नदी के किनारे 58 गांव में लगे 3500 हैंडपंपों की जांच की गई थी, जिसमें से 201 प्रदूषित पाये गये। जल निगम के सहायक अभियन्ता इं. आरके शर्मा के अनुसार एनजीटी के आदेश पर जांच में प्रदूषित पाये गये सभी प्रदूषित 201 हैंडपंपों को उखडवा दिया गया था, जो कि उफपर से धन न आने के कारण नहीं लग सके। विभाग की ओर से रिबोर का बजट बनाकर भेज दिया गया था, लेकिन धन की संस्तुति न होने के चलते उखाडे गये हैंडपंप पुनः नहीं लगाये गये। उन्होंने बताया कि की गई जांच में 201 हैंडपंपों के जल में आयरन की मात्रा मानक से अधिक पाये जाने पर उनको ब्लैकलिस्ट करते हुए उखाड दिया गया था। यह पूछे जाने पर कि जिन स्थानों पर यह हैंडपंप उखाडे गये वहां पर जल की आपूर्ति किस प्रकार की जा रही है। उनका कहना था कि जो सही नल हैं, उनके द्वारा जल की आपूर्ति की जा रही है। गौरतलब है कि काली नदी के आसपास बसे गांव में रहने वाले लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के शिकार होकर मौत के मुंह में जा चुके हैं और कुछ जाने को तैयार हैं। इसी को देखते हुए एनजीटी हरकत में आयी और हैंडपंपों की जांच के आदेश दिये थे।

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