मुजफ्फरनगर: 20 सालों में किसानों की स्थिति में नहीं हुआ सुधारः स. वीएम सिंह

मुजफ्फरनगर: 20 सालों में किसानों की स्थिति में नहीं हुआ सुधारः स. वीएम सिंह

बुढ़ाना। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर सोलहवें दिन भी शुक्रवार को किसान धरने पर बैठे। पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक के नेतृत्व में धरने पर बैठे कांग्रेस व सपा कार्यकर्ताओं तथा किसानों के बीच पहुंचे किसान नेता सरदार बीएम सिंह ने कहा कि पिछले बीस सालों से किसानों की दुर्दशा में कोई सुधार नहीं आया है। हमारे देश में बीस वर्षो में चार लाख किसान कर्जे के नीचे दबकर आत्महत्या कर चुके है। किसानों को 6 माह फसल तैयार करने में 3 माह फसल को डालने में लगते है। साल के बाकी के तीन महीने गरीब किसान को अपनी फसल का भुगतान लेने के लिए धरना प्रर्दशन करना पडता है। उन्होंने कहा की कोई ऐसी संस्था अथवा कोई व्यापारी ऐसा नहीं है, जिसे अपना माल बेचकर भुगतान लेने के लिए धरना-प्रर्दशन करना पडता हो, जब तक हिंदुस्तान का किसान एकजुट नहीं होगा, उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। किसानों के एकजुट होते ही चीनी मिल एडवांस भुगतान देने पर मजबूर हो जाएगी। उन्होंने कहा की यदि किसान को उनकी बकाया भुगतान पर ब्याज नहीं मिलता, तो किसानों की आरसी नहीं काटी जा सकती। उन्होंने कहा कि पिछली सपा की सरकार ने किसानों को दिया जाने वाला ब्याज चीनी मिलों पर माफ कर दिया था। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री बहुत अच्छे है। वर्ष 2012 के चुनाव में उन्होंने किसानों को फसलों की लागत का डेढ गुना देने का वादा किया था। वर्ष 2017 के चुनाव में किसानों की कर्जमाफी की घोषणा तथा सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था। कुछ नहीं हुआ, किसान की हालत बद से बदतर हो गई। उन्होंने 10 अक्टूबर को मेरठ में आयोजित होने वाली किसान मुक्ति रैली में आने का आहवान किया। पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि जब तक किसान का पूरा भुगतान नहीं होगा उनका आन्दोलन जारी रहेगा। धरने पर गुलाम मौहम्मद, हाजी जमशैद, विनोद मलिक, ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह, चरण सिंह, बलजोर सिंह, ब्रजबीर सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

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