यूपी एसटीएफ ने किया ईनामी बदमाश गिरफ्तार...हिस्ट्रीशीटर सुभाष गुर्जर पर विभिन्न थानों में दर्ज है 18 मुकदमे

यूपी एसटीएफ ने किया ईनामी बदमाश गिरफ्तार...हिस्ट्रीशीटर सुभाष गुर्जर पर विभिन्न थानों में दर्ज है 18 मुकदमे

मुुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र से 12 हजार रूपये के इनामी दुर्दान्त अपराधी सुभाष गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि एसटीएफ ने कल रात मंसूरपुर इलाके में हत्यारोपी वांछित 12 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर सुभाष गुर्जर को रेलवे फाटक के पास से गिरफ्तार किया। सुभाष शामली जिले के कांधला इलाके के इस्सोपुर टील गांव का रहने वाला है। उसके पास से एक तमंचा और कुछ कारतूस बरामद किए। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ लूट, हत्या आदि के 18 मामले दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उन्होंने बताया कि इस बदमाश का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आतंक था। कक्षा आठ तक पढे 5० वर्षीय बदमाश सुभाष गुर्जर ने पूछताछ पर बताया कि उसकी गॉव के तेजपाल से वर्ष 1998 से रंजिश चली आ रही थी। उसका पिता प्रकाश सिंह गांव का दो बार प्रधान रह चुका था। उसका बड़ा भाई अशोक, मुरली मनोहर इण्टर कालेज का प्रबन्धक था और तेजपाल भी इसी कालेज का प्रबन्धक बनना चाहता था। इसी विवाद को लेकर तेजपाल और उसके भाई नरेश ने मिलकर वर्ष-1998 में सुभाष गुर्जर के पिता प्रकाश सिंह की हत्या कर दी थी।
इस हत्या के अपराध मेें तेजपाल एवं नरेश और फेरू जेल गयेे थे और करीब 4-5 महीने बाद ये लोग जमानत पर छूट कर बाहर आये थे। उसके बाद सुभाष और उसके भाई अशोक ने 1998 मेें ही गॉव के संजय और ओम प्रकाश की हत्या कर दी थी। इस घटना के सम्बन्ध मेें कांधला थाने में मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले सुभाष गुर्जर, शिव कुमार, कृष्ण, ऋषिपाल, अशोक एवं मुकेश जेल गये थे। इस हत्या के अभियोग मेें न्यायालय द्वारा सुभाष गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत पर छूट कर आने पर उसने 2००1 मेें सुभाष गुर्जर, अशोक, मुकेश, अमित और विश्वास ने मिलकर अपने विरोधी प्रीतम और फेरू की हत्या कर दी थी। बाद में विरोधी नरेश, तेजपाल, सुरेश और अजय ने मिलकर वर्ष 2007 मेें सुभाष गुर्जर के भाई विश्वास की हत्या कर दी थी। इस मामलेे मेें नरेश, तेजपाल, सुरेश एवं अजय जेल गये थे। वर्ष-2०14 मेें सुभाष गुर्जर के पुत्र विपिन का स्कूल के छात्र संघ अघ्यक्ष पद को लेकर गॉव के मुनेन्द्र से विवाद हो गया था और इसी विवाद को लेकर सुभाष गुर्जर आदि ने मुनेन्द्र पर जानलेवा हमला किया था, जिसके सम्बन्ध मेें कांधला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मामले में सुभाष गुर्जर एवं विशाल जेल गये थे। इसके बाद पिछले साल 22 सितम्बर को एक लाख रूपये की रंगदारी मांगने का विरोध करने पर अपराधियों द्वारा कस्बा रोहटा मेरठ के चमड़ा व्यवसायी सुरेशचन्द की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।

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