ट्रैक ब्लॉक बना परेशानी का सबब...18 ट्रेनें हुई सहारनपुर-मेरठ के मध्य पूर्णतया रद्द, पूछताछ केंद्र लगी यात्रियों की भीड़, टिकट खिड़की रही खाली

ट्रैक ब्लॉक बना परेशानी का सबब...18 ट्रेनें हुई सहारनपुर-मेरठ के मध्य पूर्णतया रद्द, पूछताछ केंद्र लगी यात्रियों की भीड़, टिकट खिड़की रही खाली

मुजफ्फरनगर। एक तो पड़ रही भीषण गर्मी, उपर से ट्रेनों का न होना। शुक्रवार को पूरे दिन यात्री ट्रेनों को लेकर मारे-मारे फिरते हुए नजर आये। मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर मरघट का सा सन्नाटा पसरा नजर आ रहा था। पूरे स्टेशन पर विरानी सी छायी हुई थी। केवल पूछताछ केंद्र पर ही यात्रियों की ट्रेनों की स्थिति को लेकर कुछ भीड़ नजर आयी। अन्यथा तीनों प्लेटफार्म, आरक्षण केंद्र, विश्राम कक्ष सहित टिकटघर पर विरानी छायी रही। कारण रहा मुजफ्फरनगर से लेकर खतौली के बीच दोहरीकरण के होने वाले कार्य को लेकर लिया गया चार घंटे का ट्रैक ब्लॉक। ट्रेेैक ब्लॉक के चलते 18 ट्रेनों (एक्सप्रेस व पैसेंजर) को सहारनपुर- हरिद्वार-मेरठ के बीच पूर्वतया रद्द किया गया, 13 के मार्ग परिवर्तित किये गये विभिन्न तिथियों में। एक बार पिफर से नौचंदी का संचालन मेरठ से संगम नगरी प्रयागराज के लिए किया गया। ट्रैक ब्लॉक के चलते मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा होने से दुकानदार भी हाथ पर हाथ धरे हुए बैठे रहे। रेलवे विभाग की ओर से मुजफ्फरनगर से खतौली के बीच चल रहे दोहरीकरण के कार्य को अंतिम रूप दिया जाना है, जिसके चलते चार दिन ब्लॉक लेकर कार्य किया जाना है। इसी कड़ी में आज पहले दिन प्रात: ग्यारह बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक चार घंटे का ब्लॉक लिया गया। ब्लॉक से पूर्व प्रात: को सात एक्सप्रेेस टेऊेनों का संचालन किया गया। इसमें 14646 शालीमार, 12017 शताब्दी, 19031 अहमदाबाद एक्सप्रेस, 12056 जनशताब्दी, 18478 उत्कल एक्सप्रेस, 14682 सुपर एक्सप्रेस व 19019 बांद्रा-देहरादून शामिल रहीं। ट्रैक ब्लॉक यात्रियों के लिए किसी जी के जंजाल से कम नहीं रहा। जिन यात्रियों को इसके विषय में जानकारी थी, वह तो अन्य साधनों का प्रयोग कर अपने गंतव्य की ओर चले कर गये, लेकिन जो या ट्रैक ब्लॉक से अनभिज्ञ थे, वह स्टेशन पर ट्रेनों की तलाश में मारे-मारे फिरते हुए नजर आये। ट्रेनों की जानकारी करने को लेकर पूछताछ केंद्र पर प्रात: को कम, लेकिन दोपहर में भारी जमावड़ा नजर आया। जिसके चलते कई बार वहां पर बहस का वातावरण भी बना। इसके अलावा पूरे स्टेशन पर मरघट का सा सन्नाटा पसरा नजर आया। आरक्षण केंद्र, यात्री विश्राम कक्ष, तीनों प्लेटपफार्म, टिकटघर आदि सब विरान पड़ा था। ब्लॉक के चलते वैंडर व टिकटघर के कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे हुए बैठे रहे। आज के चार घंटे के ट्रैक ब्लॉक के चलते 18 ट्रेनें रद्द की गयीं, जिसमें 14522/14521 अम्बाला-दिल्ली अम्बाला एक्सप्रेस, 04401 आनंद विहार टर्मिनल-श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा स्पेशल, 04402 श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल, 64559 दिल्ली जं.-सहारनपुर पैसेंजर, 54542 अम्बाला-मेरठ सिटी पैसेंजर, 54541 मेरठ सिटी-अम्बाला पैसेंजर, 54540 अम्बाला-हजरत निजामुद्दीन, 54539 हजरत निजामुद्दीन-अम्बाला पैसेंजर, 54472/54473 षिकेश-दिल्ली जं.-षिकेश पैसेंजर, 64557/64560 दिल्ली जं.-सहारनपुर-दिल्ली जं. एमईएमयू, 54474 सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर, 54471 दिल्ली जं.-षिकेश पैसेंजर, 14511 प्रयाग-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस, 14512 सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस, 64562 अम्बाला-दिल्ली जं. पैसेंजर, 64561 दिल्ली जं.-अम्बाला पैसेंजर व 54304 कालका-दिल्ली जं. पैसेंजर शामिल रहीं। मार्ग परिवर्तित होने वाली ट्रेन में शामिल रही 19325 इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस। शाम के समय ब्लॉक के समाप्त होने के बाद ट्रेनों के संचालित होने पर यात्रियों ने राहत की संास ली। गौरतलब है कि इससे पहले सर्वप्रथम मेरठ से लेकर दौराला, दौराला से लेकर खतौली तक दोहरीकरण का कार्य किया गया था। तीसरी कड़ी में खतौली से लेकर मुजफ्फरनगर तक कार्य पूर्ण किया जाना था, लेकिन मंसूरपुर में फाटक नंबर 48 को लेकर किसानों के द्वारा किये गये आंदोलन के चलते दोहरीकरण के कार्य को स्थगित कर दिया गया था। जिसके चलते रेलवे को करोड़ों की चपत लगी थी।

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