उत्कल हादसे में हुई बड़ी कार्यवाही...गैंगमैनों के 16 सदस्यीय दल को किया निलम्बित, इंजीनियर को पहले किया गया था सस्पेंड

उत्कल हादसे में हुई बड़ी कार्यवाही...गैंगमैनों के 16 सदस्यीय दल को किया निलम्बित, इंजीनियर को पहले किया गया था सस्पेंड

मुजफ्फरनगर/खतौली। आखिरकार उत्कल हादसे के असली दोषियों पर विभागीय कार्यवाही की तलवार चल ही गयी। इस संबंध में रेलवे के उच्चाधिकारियों के द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए इस हादसे के असली दोषी 16 सदस्यीय दल को निलंबित कर दिया गया। जिसमें गैंगमैन, लुहार, ट्रॉलीमैन व जमादार शामिल हैं। इस हादसे में दो दर्जन लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा था तथा दौ सौ से अधिक को जिंदगी व मौत के बीच कापफी दिनों तक संघर्ष करना पड़ा था। इस संबंध में हादसे के कुछ घंटों बाद कई बड़े अधिकारियों को बलि का बकरा बनाते हुए कुछ को निलंबित किया गया था तथा कुछ को अवकाश पर भेजा गया था।
19 अगस्त को जनपद के निवासी सहित अन्य बाहर के राज्यों के निवासी भी शायद ही भूल पाएंगे। वह इसलिए कि इस तारीख को उन्होंने रेलवे के कुछ कर्मचारियों की कारगुजारी के चलते अपने को खो दिया था। यह तारीख जनपद के इतिहास के पन्नोें काले इतिहास के रूप में याद की जाएगी। इस तारीख को खतौली में उत्कल एक्सप्रेस (18477) हादसे का शिकार हो गयी थी। जिसमें दो दर्जन लोगों को अपनी जिंदगी मौत के सामने हारनी पड़ी थी तथा सैंकड़ों कई दिनों तक मौत से संघर्ष करते रहे। इस मामले में दस बाद रेलवे की ओर से सही कार्यवाही की गयी। जिसमें इस हादसे के असली दोषियों को सजा देते उन्हें निलंबित किया गया। इसमें गैंगमैन दल के 16 सदस्य बताये जा रहे हैं। इसमंे 10 गैंगमैन, दो लुहार, दो ट्रॉलीमैन व दो जमादार शामिल हैं। पहले इस मामले में हादसे के कुछ घंटों बाद कार्यवाही करते हुए कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा कुछ को अवकाश पर भेजा गया था। इस कार्यवाही को लेकर स्थानीय लोगों सहित बाहर के ट्रेन के यात्रियों व उनके परिजनों में नाराजगी थी। वह इसलिए कि रेलवे की ओर से असली दोषियों, जिसमें इंजीनियर व गैंगमैन शामिल हैं, जो कि बिना अनुमति के कार्य कर रहे थे और जिनके कारण हादसा हुआ, पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी थी। केवल इंजीनियर पर कार्यवाही की गयी थी। अब जाकर की गयी कार्यवाही से उपरोक्त में राहत नजर आयी। गौरतलब है कि 19 अगस्त को रेलवे विभाग की एक छोटी से लापरवाही ने दो दर्जन से अधिक लोगों की सांसों की डोर तोड़ कर रख दी थी। शनिवार को शाम के पांच बजकर 47 मिनट पर पुरी से बनकर हरिद्वार को जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस (18477) हादसे का शिकार को बेपटरी हो गयी थी। जिसमें सौ से अधिक लोग घायल हुए तथा दो दर्जन से अधिक मौत के शिकार हो गये थे। हादसे के समय हादसे के कारण को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा हादसे की वजह वहां पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की लापरवाही को बताया गया था। रेल पथ कर्मचारियों की लापरवाही तो प्रथम दृष्टया उस समय नजर आ गयी थी, जब मौके पर से लोगों के द्वारा चाबी, पाने, हथौडा आदि बरामद किया गया था। वह लोग बिना अनुमति के ट्रैक पर कार्य कर रहे थे। जिसकी पुष्टि स्टेशन अधीक्षक के द्वारा भी की गयी थी। जो कि ट्रेन को आते देख काम को छोड़ कर भाग खडे़ हुए और इसकी कीमत हुए हादसे के चलते दो दर्जन लोगों को अपनी जिंदगी देकर चुकानी पड़ी थी तथा सैंकड़ों अस्पतालों में जिंदगी को लेकर मौत से जुझते रहे।

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