अन्त्येष्टि सहायता योजना को 15 लाख 75 हजार की धनराशि स्वीकृत

अन्त्येष्टि सहायता योजना को 15 लाख 75 हजार की धनराशि स्वीकृत

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, द्वारा संचालित (निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना) तथा अन्त्येष्टि सहायता योजना के अन्तर्गत माह अगस्त, 2017 के चतुर्थ सप्ताह में पंजीकृत श्रमिकों क्रमशः विजय पाल पुत्र फूल सिंह, स्व. रामशरण पुत्र जमनादास, स्व. श्रीमती जावित्राी पत्नी तिलकराम, स्व. संजय पुत्रा बीरू, स्व. बिजेन्द्र पुत्र रमेश, स्व. रोहताश पुत्रा जनेश तथा स्व. ऋषिपाल पुत्रा पूरण के आश्रितों क्रमशः श्रीमती कविता, श्रीमती करेशना, नेमचन्द, श्रीमती ममतेश, श्रीमती वीरमती, श्रीमती रेशमी तथा श्रीमती कमलेश को रूपये 2,25,000/-प्रति श्रमिक की दर से कुल रूपये 15,75,000/- की धनराशि की स्वीकृति प्रदान कर दी गई हैं। स्वीकृत धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे पंजीकृत श्रमिकों के आश्रितों के बैंक एकाउन्ट में भेजी जा रही है। पंजीकृत श्रमिकों के हितार्थ बोर्ड द्वारा शिशु हितलाभ, मातृत्व हितलाभ, मेधावी छात्रा पुरस्कार योजना, सन्त रविदास छात्रावृत्ति सहायता योजना, सौर उर्जा सहायता योजना, कौशल विकास सहायता योजना व कन्या विवाह सहायता योजना आदि अनेकों योजनाएं संचालित है। इन योजनाओं का लाभ पंजीकृत श्रमिक ही पा सकता है। निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु जन चौपालों तथा विभिन्न ग्रामों में विषेश पंजीयन कैम्प लगाकर पंजीयन कराया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों से अपील की जाती है कि वे अपना पंजीयन निकट के जन सुविधा केन्द्र/लोकवाणी केन्द्र पर ऑनलाईन करा सकते है। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग द्वारा लगाये जा रहे विशेष कैम्पों में भी पंजीयन करा सकते है। पंजीयन हेतु श्रमिक को फोटो, आधार कार्ड की प्रति, 90 दिन निर्माण कार्य का प्रमाण-पत्रा दिया जाना आवश्यक है। सरकार/बोर्ड द्वारा श्रमिकों के हित में पंजीयन शुल्क रूपये 50/-से घटाकर रूपये 20/- तथा अंशदान शुल्क रूपये 50/-से घटाकर रूपये 20/- कर दिया गया हैै, जो श्रमिक पंजीकृत है वे रूपये 20/-प्रतिवर्ष की दर से तीन वर्ष का एक साथ अंशदान जमा करा कर नवीनीकरण अवश्य कराते रहे। नवीनीकरण न कराने की स्थिति में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ नही मिलेगा।

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